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Moradabad News: गुजरात में काम करने गए युवक का उत्तराखंड में मिला शव
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बिलारी। सहसपुर गांव निवासी नन्हे जाटव के बेटे मोनू जाटव (18) का शव मंगलवार शाम उत्तराखंड के सोनप्रयाग में मिला। सोनप्रयाग पुलिस की सूचना पर मोनू के परिजन उसका शव लेने उत्तराखंड चले गए। मोनू नौ दिन पहले अपने दोस्तों के साथ सूरत में काम करने की बात कहते हुए घर से गया था।
मोनू के परिजनों के अनुसार 11 मई को बिलारी के मोहल्ला हर्षनगर निवासी अभय सिंह के अलावा थाना बहजोई के रमपुरा गांव निवासी हर्षित और प्रिंस घर आए और कहा कि गुजरात के सूरत में एक काम मिल गया है और हम चारों दोस्तों को काम करने के लिए वहीं जाना है। मोनू के तीनों पहले से ही परिचित होने की वजह से परिजनों ने सहमति दे दी और मोनू 11 मई की दोपहर बाद उनके साथ सूरत चला गया। परिजनों के अनुसार बीती 16 मई को मोनू के मित्र अभय का फोन आया और बताया कि दोस्तों में कहासुनी हो गई है हमें कुछ रुपयों की जरूरत है। परिजनों के अनुसार बाद में मोनू का फोन बंद हो गया और उसके तीनों दोस्तों के भी फोन बंद आने लगे।
19 मई की सुबह पिता नन्हे ने थाना में बेटे मोनू के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई। बताया कि उनका बेटा जिन तीन दोस्तों के साथ गया था अब उनके फोन भी बंद आ रहे हैं। मोनू की बहन कविता ने बताया कि मंगलवार दोपहर बाद उत्तराखंड के सोनप्रयाग की पुलिस का यह फोन आया कि मोनू खाई गिरकर गंभीर घायल हो गया है। यह सूचना पाकर मंगलवार देर रात जब परिजन सोनप्रयाग पहुंचे तो पता चला कि मोनू की मृत्यु हो चुकी है। बुधवार को मोनू के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद देर रात उसका शव सहसपुर गांव में घर पर पहुंचा है। मोनू की बहन ने उसके तीनों दोस्तों की भूमिका पर सवाल उठाया कि तीनों दोस्तों उसके भाई के बारे में परिजन कोई सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। कविता ने साजिश के तहत भाई की हत्या की आशंका भी जताई है।
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मोनू के परिवार में पिता नन्हे सिंह और माता रीना के अलावा तीन बहनें तथा बड़ा भाई अनिल सागर है। मोनू बिलारी नगर में एक रेडिमेड की दुकान पर काम करता था।
फोटो परिचय-23,24,25
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मोनू के परिजनों के अनुसार 11 मई को बिलारी के मोहल्ला हर्षनगर निवासी अभय सिंह के अलावा थाना बहजोई के रमपुरा गांव निवासी हर्षित और प्रिंस घर आए और कहा कि गुजरात के सूरत में एक काम मिल गया है और हम चारों दोस्तों को काम करने के लिए वहीं जाना है। मोनू के तीनों पहले से ही परिचित होने की वजह से परिजनों ने सहमति दे दी और मोनू 11 मई की दोपहर बाद उनके साथ सूरत चला गया। परिजनों के अनुसार बीती 16 मई को मोनू के मित्र अभय का फोन आया और बताया कि दोस्तों में कहासुनी हो गई है हमें कुछ रुपयों की जरूरत है। परिजनों के अनुसार बाद में मोनू का फोन बंद हो गया और उसके तीनों दोस्तों के भी फोन बंद आने लगे।
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19 मई की सुबह पिता नन्हे ने थाना में बेटे मोनू के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई। बताया कि उनका बेटा जिन तीन दोस्तों के साथ गया था अब उनके फोन भी बंद आ रहे हैं। मोनू की बहन कविता ने बताया कि मंगलवार दोपहर बाद उत्तराखंड के सोनप्रयाग की पुलिस का यह फोन आया कि मोनू खाई गिरकर गंभीर घायल हो गया है। यह सूचना पाकर मंगलवार देर रात जब परिजन सोनप्रयाग पहुंचे तो पता चला कि मोनू की मृत्यु हो चुकी है। बुधवार को मोनू के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद देर रात उसका शव सहसपुर गांव में घर पर पहुंचा है। मोनू की बहन ने उसके तीनों दोस्तों की भूमिका पर सवाल उठाया कि तीनों दोस्तों उसके भाई के बारे में परिजन कोई सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। कविता ने साजिश के तहत भाई की हत्या की आशंका भी जताई है।
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मोनू के परिवार में पिता नन्हे सिंह और माता रीना के अलावा तीन बहनें तथा बड़ा भाई अनिल सागर है। मोनू बिलारी नगर में एक रेडिमेड की दुकान पर काम करता था।
फोटो परिचय-23,24,25