फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Blast in fireworks in Sambhal My son became silent forever laughing

दर्दनाक: हंसते-हंसते हमेशा के लिए खामोश हो गया ओम, धमाके से टूटे खिड़की के कांच; धमाके से दहल गया पूरा गुन्नौर

Wed, 14 Jun 2023 01:07 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 14 Jun 2023 01:07 PM IST
सार

संभल के गुन्नौर के मोहल्ला सराय के लोगों ने बताया कि मंगलवार की शाम पौने छह बजे के आसपास पहला धमाका हुआ। इसके साथ ही मकान से धूल और धुएं का गुबार उठा। लोग कुछ समझ पाते उससे पहले रुक-रुक कर और धमाके होने लगे। शाम साढ़े छह बजे तक कई धमाके हुए और साबिर का मकान ढह गया

विज्ञापन
Blast in fireworks in Sambhal My son became silent forever laughing
संभल में आतिशबाज के घर धमाका - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संभल के गुन्नौर के मोहल्ला सराय में मंगलवार की शाम करीब पौने छह बजे आतिशबाजी के कारोबारी साबिर अली के घर तेज धमाकों से साबिर की पत्नी गुड्डो (45), बेटी अनम (17), और पड़ोसी पप्पू की बेटी सुमैय्या (15) की मौत हो गई। धमाके इतने तेज थे कि साबिर का मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। करीब 500 मीटर दूर तक मलबा और ईंटें फैलने से जसवंत के छह महीने के बेटे ओम की भी जान चली गई। मोहल्ले के करीब 10 लोग घायल हुए हैं।
विज्ञापन


मोहल्ला सराय के लोगों ने बताया कि मंगलवार की शाम पौने छह बजे के आसपास पहला धमाका हुआ। इसके साथ ही मकान से धूल और धुएं का गुबार उठा। लोग कुछ समझ पाते उससे पहले रुक-रुक कर और धमाके होने लगे। शाम साढ़े छह बजे तक कई धमाके हुए और साबिर का मकान ढह गया। मलबा छिटककर काफी दूर तक फैलने से भगदड़ मच गई। लोग घरों से निकल कर इधर-उधर भागने लगे।
विज्ञापन


मोहल्ला सराय ही नहीं, धमाके से दहल गया पूरा गुन्नौर
संभल के गुन्नौर में हुए आतिशबाज के घर धमाके से मोहल्ला सराय ही नहीं बल्कि पूरा गुन्नौर दहल गया। मोहल्ला सराय के लोगों को तो सही से सुनाई नहीं पड़ रहा। धमाकों की आवाज कानों में गूंज रही है। वहीं, जब यह धमाका हुआ तो लोग दौड़ने लगे और धूल का गुबार उड़ता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जिस समय पहला धमाका हुआ तो लोग समझ ही नहीं पाए कि हुआ क्या है। बस दौड़ने लगे और बचने के लिए जगह तलाशने लगे। इसके बाद एक के बाद धमाकों की आवाज आने लगी। पहला धमाका बहुत तेज आवाज के साथ हुआ था। अन्य धमाके कम आवाज से हुए। धमाके आतिशबाज साबिर के घर हो रहे हैं, यह समझने में लोगों को दस मिनट लग गए।

 

हंसते-हंसते हमेशा के लिए खामोश हो गया मेरा बेटा
वहीं, मेरा बेटा तो पेट पर लेटा हुआ खेल रहा था। वह हंस रहा था और मैं भी हंस रहा था। अचानक एक बहुत तेज धमाके की आवाज आई। जिससे बेटा डर कर उछल गया और मैं संभल पाता उससे पहले ही एक ईंट मेरे बेटे के सिर में लगी और वह हमेशा के लिए खामोश कर गई। यह कहते हुए जसवंत रोने लगे। जसवंत के सिर में भी ईंट आकर लगी है लेकिन वह अपने बेटे को याद कर बेहद दुखी हैं। 

 

जसवंत को अलीगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ओम का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जसवंत की पत्नी आरती ने बताया कि उनके पति मजदूरी करते हैं। मंगलवार को वह घर पर ही थे। गर्मी ज्यादा थी तो गली में चारपाई डालकर लेट गए थे। और अपने साथ छह महीने के बेटे ओम को भी ले गए थे।

 

इसी दौरान तेज धमाका हुआ और पति और बेटा खून से सने हुए घर में आए। जिन्हें देखकर चीख निकल गई। बताया कि ओम इकलौता बेटा था। दो बेटियां हैं जो बड़ी हैं। परिजनों का रोरो कर बुरा हाल है। बेटे की मौत हो गई है और पिता जिंदगी और मौत के बीच पहुंच गया है। चोट लगने से ज्यादा बेटे की मौत का सदमा है। परिजनों को भी अब जसवंत की ज्यादा चिंता सता रही है।

धमाके से टूटा खिड़की का कांच और सो रहे युवक के सिर में घुस गया, हालत गंभीर
मोहल्ला सराय निवासी लबीम पुत्र नासिर अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान तेज धमाका हुआ और खिड़की का कांच टूट कर उनके सिर में घुस गया। परिजनों ने अलीगढ़ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। हालत गंभीर बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि सिस्टम से मिलकर ही साबिर अवैध आतिशबाजी बनाने का काम घर में कर रहा था। अब साबिर के साथ आसपड़ोस के लोगों को इसका खामियाजा उठाना पड़ा है।
 

आतिशबाजी तैयार करते समय धमाका होने की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
साबिर नियमों की अनदेखी इस कदर कर रहा था कि उसने आतिशबाजी अपने घर में ही तैयार करनी शुरू करा दी थी। आशंका है कि वह अपनी पत्नी और बच्चों को भी इस खतरनाक काम में लगाए हुए था। इसी दौरान हादसा हुआ और बेटी और पत्नी की जान चली गई। जिस तरह हादसा हुआ है उससे स्पष्ट है कि यह धमाका रखी आतिशबाजी के अंदर लगी आग से नहीं हो सकता। ऐसेे धमाका तब ही हो सकता है जब विस्फोटक सामग्री गंधक और पोटाश के अलावा अन्य विस्फोटक का संपर्क बना हो।
 

जानकारों के अनुसार जिस तरह से हादसा हुआ है उससे लगता है कि विस्फोटक सामग्री कई किलो ग्राम मौके पर मौजूद थी। अगर पटाखे ही मौके पर होते तो तेज धमाका नहीं होता और अगर आग लग भी जाती तो बचकर भागने का मौका मिल जाता। वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी मनीष बंसल और पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र मौके पर पहुंचे तो उन्होंने राहत कार्य में तेजी के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस से आसपास के घरों की तलाशी कराई। एक बंद मकान में भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ है। जिसको पुलिस ने कब्जे में लिया है। अभी तक की जांच में यह सामाने आया है कि आतिशबाजी तैयार की जा रही थी। इसलिए ही एक बंद मकान में इतनी भारी मात्रा में माल का भंडारण किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed