मुरादाबाद। मंडल के कार्यदायी विभागों को बजट का एक फीसदी सेस समय से जमा करना होगा। तीन माह तक सेस की राशि जमा नहीं करनेवाले अधिकारी दंडित किए जाएंगे। प्रदेश में इस प्रकार के मामलों में 18 अधिकारी निलंबित हो चुके हैं।
सर्किट हाउस में प्रदेश के श्रम एवं नियोजन राज्य मंत्री डॉ. रघुराज सिंह ने यह बातें मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दस लाख से ऊपर कार्य करने वाले विभाग नगर निगम, नगर पंचायत, बिजली, एमडीए, लोनिवि, जल निगम सहित अन्य विभाग को अपने रिकार्ड को खंगालना होगा। श्रम विभाग का पासवर्ड और खाता संख्या लेकर प्रतिमाह बजट का एक फीसदी सेस (उपकर) स्थानांतरित करना अनिवार्य होगा। इसी बजट से सड़क हादसे में मौत होने पर परिजनों को पांच लाख, अंत्येष्टि और विधवा को नियमानुसार दिए जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर पौने तीन लाख लोगों की बेटियों की शादियां भी इसी बजट से हुई हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मुख्यमंत्री खुद सेस की मानीटरिंग कर रहे हैं। अधिकारी पांच वर्षों के सेस का आंकड़ा जुटाएंगे। ज्यादा दिन होने पर विभाग को ब्याज सहित पैसा चुकाना होगा। बताना होगा कि किन अधिकारी के कार्यकाल में सेस का पैसा जमा नहीं किया गया। किसी भी कार्य के लिए ठेकेदार का पंजीयन जरूरी होगा। मंत्री ने डीएलसी को बैठक में गैर हाजिर रहने वाले अधिकारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।