{"_id":"62f9360ddbd5140784237f18","slug":"bjp-leader-naqvi-told-moradabad-news-mbd437855092","type":"story","status":"publish","title_hn":"विभाजन की विभीषिका हमें याद दिलाती है देश के जख्म : नकवी -00","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विभाजन की विभीषिका हमें याद दिलाती है देश के जख्म : नकवी -00
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि देश के विभाजन के जख्म के साथ-साथ आजादी का जश्न हमारे लिए सबक और संदेश है। विभाजन की विभीषिका हमें याद दिलाती है कि हिंदुस्तान ने कितने जख्म सहे हैं और उन जख्मों के निशान के साथ हिंदुस्तान तरक्की के सफल सफर में आगे बढ़ा रहा है।
नकवी ने रविवार को सिविल लाइन स्थित आदर्श धर्मशाला में तीन दिवसीय विभाजन विभीषिका स्मृति प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आजादी के नायकों और विभाजन के खलनायकों के इतिहास को जब तक हम नहीं देखेंगे, तब तक हम हिंदुस्तान के संघर्ष और सफलता को संपूर्णता से नहीं समझ पाएंगे। हम आजादी का जश्न तो मनाते थे, पर विभाजन का जख्म भूल जाते थे। आज देश जहां एक तरफ आजादी का जश्न मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ विभाजन की विभीषिका को भी याद कर रहा है। विभाजन की विभीषिका स्मृति प्रदर्शनी के माध्यम से देश के विभाजन की दर्दनाक कहानी बयां की गई है। जिसमें लाखों लोगों को विभाजन का दंश झेलना पड़ा था। प्रदर्शनी में विभाजन के समय ब्रिटिश सरकार की भूमिका, ऐतिहासिक पत्रकार सम्मेलन, अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की बैठक, आजादी से पूर्व लोगों की जीवन शैली, आपसी मेलजोल और उस वक्त की दर्दनाक कहानी बयां करती मीडिया की रिपोर्ट प्रदर्शनी का हिस्सा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी, भाजपा जिलाध्यक्ष अभय गुप्ता, पैक्सपेड के सभापति सूर्य प्रकाश पाल, मोहन लाल सैनी, जगपाल यादव, अशोक बिश्नोई, महेश मौर्य, मोहन लोधी, जागेश्वर दयाल दीक्षित, चंद्रप्रकाश शर्मा, संजय पाठक, हरीश गंगवार, अजय तिवारी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
नकवी ने रविवार को सिविल लाइन स्थित आदर्श धर्मशाला में तीन दिवसीय विभाजन विभीषिका स्मृति प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आजादी के नायकों और विभाजन के खलनायकों के इतिहास को जब तक हम नहीं देखेंगे, तब तक हम हिंदुस्तान के संघर्ष और सफलता को संपूर्णता से नहीं समझ पाएंगे। हम आजादी का जश्न तो मनाते थे, पर विभाजन का जख्म भूल जाते थे। आज देश जहां एक तरफ आजादी का जश्न मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ विभाजन की विभीषिका को भी याद कर रहा है। विभाजन की विभीषिका स्मृति प्रदर्शनी के माध्यम से देश के विभाजन की दर्दनाक कहानी बयां की गई है। जिसमें लाखों लोगों को विभाजन का दंश झेलना पड़ा था। प्रदर्शनी में विभाजन के समय ब्रिटिश सरकार की भूमिका, ऐतिहासिक पत्रकार सम्मेलन, अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की बैठक, आजादी से पूर्व लोगों की जीवन शैली, आपसी मेलजोल और उस वक्त की दर्दनाक कहानी बयां करती मीडिया की रिपोर्ट प्रदर्शनी का हिस्सा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी, भाजपा जिलाध्यक्ष अभय गुप्ता, पैक्सपेड के सभापति सूर्य प्रकाश पाल, मोहन लाल सैनी, जगपाल यादव, अशोक बिश्नोई, महेश मौर्य, मोहन लोधी, जागेश्वर दयाल दीक्षित, चंद्रप्रकाश शर्मा, संजय पाठक, हरीश गंगवार, अजय तिवारी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन