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मुरादाबाद: मंडल के 14 में से 13 विधायकों को भाजपा ने टिकट से नवाजा, दस सीटों पर बदले प्रत्याशी
Sat, 15 Jan 2022 10:10 PM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
Published by: सुशील कुमार
Updated Sat, 15 Jan 2022 10:10 PM IST
सार
मुरादाबाद मंडल की विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण में 14 फरवरी को मतदान होना है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को मंडल की 27 में से 15 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। हालांकि, बाद में उप चुनाव में एक सीट भाजपा हार गई थी।
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भाजपा।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मुरादाबाद विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने मुरादाबाद की 27 सीटों में से 25 पर प्रत्याशियों का एलान कर दिया है। पार्टी ने अभी मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा और रामपुर की स्वार सीट से प्रत्याशी का एलान नहीं किया है। पार्टी ने 14 में से 13 विधायकों को टिकट से नवाजा है। दस सीटों पर प्रत्याशी बदले गए हैं। मौजूदा विधायकों में से सिर्फ नौगांवा सादात की विधायक संगीता चौहान का टिकट काटकर उनकी जगह पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल को प्रत्याशी बनाया गया है।
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मुरादाबाद मंडल की विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण में 14 फरवरी को मतदान होना है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को मंडल की 27 में से 15 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। हालांकि, बाद में उप चुनाव में एक सीट भाजपा हार गई थी। वर्तमान में मंडल की 14 सीटों पर भाजपा के विधायक हैं। पार्टी ने 14 में 13 विधायकों को फिर से टिकट दिया है, सिर्फ नौगांव सादात से संगीता चौहान का टिकट काटा गया है। जिन दस सीटों पर नये चेहरों को उतारा गया है, उसमें बिजनौर की तीन, मुरादाबाद की तीन, संभल की दो, अमरोहा की एक और रामपुर की एक विधानसभा सीट शामिल है।
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सुशांत इस सीट से पिछला चुनाव भी जीते थे
पार्टी के सामने 2017 का प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। इसलिए सारे समीकरणों को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने प्रत्याशियों का एलान किया है। इस बार कई नये चेहरों को भी मौका दिया गया है। भाजपा ने अभी मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा सीट से प्रत्याशी का एलान नहीं किया है। इस सीट से पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह और भाजपा के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान टिकट के दावेदार हैं। हालांकि, भाजपा ने सर्वेश सिंह के पुत्र सुशांत सिंह को बिजनौर जिले की बढ़ापुर सीट से टिकट दे दिया है। सुशांत इस सीट से पिछला चुनाव भी जीते थे।
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रामपुर की स्वार सीट से भी अभी प्रत्याशी का एलान नहीं
सर्वेश सिंह और राजपाल सिंह चौहान की मजबूत दावेदारी को देखते हुए भाजपा ने फिलहाल इस सीट पर प्रत्याशी के बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया है। राजपाल सिंह चौहान विधानसभा का पिछला चुनाव ठाकुद्वारा से लड़े थे, जिसमें उनको हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, सर्वेश सिंह इस सीट का कई बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पार्टी ने रामपुर की स्वार सीट से भी अभी प्रत्याशी का एलान नहीं किया है। इस सीट पर भाजपा को पिछले कई चुनावों से जीत नहीं मिली है। पिछले चुनाव में इस सीट से आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम निर्वाचित हुए थे।
दमदार प्रत्याशी को मैदान में उतारा जा सकता
बाद में उम्र के विवाद में हाईकोर्ट ने उनकी विधायकी रद्द कर दी थी। अब्दुल्ला फिलहाल सीतापुर की जेल में और जल्द ही उनके जमानत पर बाहर आने की संभावना है। पूरी उम्मीद है कि अब्दुल्ला इस बार में इस सीट से सपा के प्रत्याशी होंगे। ऐसे में भाजपा अभी इस सीट को लेकर वेट एंड वाच की नीति पर अमल कर रही है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि भाजपा इस सीट को गठबंधन की किसी पार्टी के लिए छोड़ सकती है, जहां से किसी दमदार प्रत्याशी को मैदान में उतारा जा सकता है।
किस वजह प्रत्याशियों को मिला टिकट
मुरादाबाद शहर: मुरादाबाद शहर सीट से भाजपा ने रितेश गुप्ता पर फिर से विश्वास जताया है। गुप्ता इस सीट से दो बार चुनाव लड़ चुके हैं और मौजूदा विधायक हैं। इसके अलावा संगठन में उनकी मजबूत पकड़ है।
कांठ: इस पर भाजपा ने फिर से राजेश कुमार चुन्नू को टिकट दिया है। चुन्नू वर्तमान में विधायक है। क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं इसके अलावा संगठन में इनकी मजबूत पकड़ है।
मुरादाबाद देहात: इस सीट से केके मिश्रा को टिकट से नवाजा गया है। मिश्रा भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। उनका सामाजिक दायरा काफी विस्तृत है। क्षेत्र में भी वो पिछले पांच सालों से सक्रिय थे।
कुंदरकी: इस सीट पर कमल प्रजापति को प्रत्याशी बनाया गया है। प्रजापति संगठन जिला महामंत्री है। संघ और संगठन में पकड़ होने की वजह से उनको टिकट दिया गया है।
बिलारी: इस सीट पर परमेश्वर लाल को प्रत्याशी बनाया गया है। सैनी एमएलसी रह चुके हैं और वर्तमान में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं।
बिलासपुर: इस सीट पर भाजपा ने बलदेव सिंह औलख को टिकट दिया है। औलख भाजपा के सिख चेहरा है। पिछला चुनाव उन्होंने जीता था और वर्तमान में प्रदेश में जलशक्ति राज्यमंत्री हैं।
मिलक: राजबाल को फिर से उम्मीदवार बनाया गया है। वजह यह है कि वो वर्तमान में विधायक हैं। उनके मुकाबले किसी अन्य की दावेदारी मजबूत नहीं पाई गई। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ है।
चमरौआ: मोहन लोधी को फिर से टिकट दिया गया है। लोधी पिछले चुनाव में भी इस सीट से प्रत्याशी थे। उनके मुकाबले दूसरा कोई मजबूत दावेदार नहीं होने की स्थिति में पार्टी ने उन पर दांव लगाया है।
नौगांवा सादात: नौगांवा सादात सीट पर नागपाल की दावेदारी मजबूत होने की वजह से संगीता चौहान का टिकट काटा गया। नागपाल को टिकट इस वजह से मिला कि वो पूर्व सांसद हैं। क्षेत्र और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ है।
हसनपुर: महेंद्र सिंह खड़गवंशी को इस वजह से फिर से टिकट मिला है कि वो वर्तमान में विधायक हैं। पिछले पांच सालों के दौरान वो क्षेत्र में सक्रिय रहे। उनके मुकाबले अन्य कोई मजबूत दावेदार नहीं था।
धनौरा: राजीव तरारा इस सीट से वर्तमान में विधायक हैं। पांच सालों तक क्षेत्र की समस्याओं को उठाते रहे। संगठन में अच्छी पकड़।
अमरोह: इस सीट पर भाजपा ने राम सिंह सैनी पर दांव लगाया है। राम सिंह सैनी पिछले पांच सालों तक क्षेत्र में सक्रिय है और अन्य कई प्रत्याशियों के मुकाबले उनके दावदारी मजबूत थी।
चंदौसी: इस सीट पर भाजपा ने फिर से गुलाब देवी को प्रत्याशी बनाया है। गुलाब देवी इस सीट से वर्तमान में विधायक हैं और प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री भी हैं। उनके मुकाबले पार्टी के पास कोई दूसरा विकल्प भी नहीं था।
गुन्नौर : भाजपा ने इस सीट से अजीत कुमार राजू को प्रत्याशी बनाया है। राजू इस सीट से वर्तमान में विधायक हैं। वो इस सीट का कई बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
संभल: संभल सीट पर भाजपा ने प्रत्याशी बदला है। यहां पर डॉ. हरिओम गुप्ता के बदले राजेश सिंघल को प्रत्याशी बनाया गया है। संगठन में मजबूत पकड़ होने की वजह से उनको टिकट से नवाजा गया है।
असमौली: भाजपा ने असमौली में चौधरी नरेंद्र सिंह के मुकाबले चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू तरजीह दी है। युवा होने की वजह से रिंकू की सक्रियता अधिक है। इस वजह से पार्टी ने उन पर विश्वास व्यक्त किया है।