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कोरोना योद्धा भ्रम दूरकर टीका जरूर लगवाए, डोज बेकार होने से बचाए, लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाए
Mon, 25 Jan 2021 02:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jan 2021 02:53 AM IST
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कोरोना की वैक्सीन लगवाते स्वास्थ्य कर्मी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीनेशन शुरू हो चुका है पर अभी कुछ कसर बाकी है। शायद कुछ भ्रम हैं लेकिन इन्हें दूर करना होगा। गौर करें! जिले में 16 और 22 जनवरी को हुए टीकाकरण में करीब 108 डोज का इस्तेमाल नहीं हो पाया और ये डोज बिना टीकाकरण बेकार हो गईं। यह झटका है। क्योंकि जिस वैक्सीन का शिद्दत से इंतजार किया जा रहा हो और उसकी सौ से ज्यादा डोज बेकार हो जाएं तो यह चिंता की बात है। इसलिए कोरोना योद्धा वैक्सीन की डोज जरूर लगवाएं ताकि उन्हें बेकार होने से बचाया जा सके। तभी कोरोना की लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाया जा सकेगा।
जिले में 16 जनवरी को छह केंद्रों पर 600 हेल्थ केयर वर्करों को कोरोना का टीका लगाया जाना था। केंद्रों पर टीका लगवाने के लिए 479 स्वास्थ्य कमीं पहुंचे। 121 स्वास्थ्य कर्मी टीका लगवाने नहीं पहुंचे। इसके चलते वॉयल की सील खुलने के बाद करीब 29 डोज का इस्तेमाल नहीं हो सका। ऐसे ही 22 जनवरी को लक्ष्य 3277 के सापेक्ष 2031 स्वास्थ्य कर्मियों ने ही टीका लगवाया। 1246 स्वास्थ्य कर्मी केंद्रों पर टीका लगवाने नहीं आए। वैक्सीन की 79 डोज बेकार हो गई। दोनों के टीकाकरण में स्वास्थ्य कर्मियों के नहीं पहुंचने से 108 डोज का इस्तेमाल नहीं हो सका।
ऐसे में कोरोना की जंग में योद्धा बनकर सामने आए स्वास्थ्य कर्मियों को और अधिक जागरूक होने की जरूरत है। वैक्सीन की जरूरत को समझें। टीकाकरण कराकर खुद को और अपने परिवार को संक्रमण से सुरक्षित करें। ताकि अधिक से अधिक डोज का इस्तेमाल हो सके। उन्हें बेकार होने से बचाया जा सके। फिलहाल आगामी चार दिवसों के टीकाकरण का प्रतिशत बढ़ाने के साथ-साथ डोज को बेकार होने से बचाना भी सेहत महकमे के लिए चुनौती है।
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- स्वास्थ्य कर्मी जागरूक हैं। टीके को लेकर उनमें भय या डर जैसी कोई बात नहीं है। अगर किसी को कोई संदेह तो उसे दूर किया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मी टीका लगवाकर खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित करें। निर्धारित तिथि में टीका लगवाने के लिए केंद्रों पर पहुंचें। - डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
वॉयल की सील खुलने केबाद चार घंटे केभीतर इस्तेमाल जरूरी
मुरादाबाद। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दीपक वर्मा ने बताया कि वैक्सीन की एक वॉयल की सील खुलने के बाद चार घंटे के भीतर उसका इस्तेमाल जरूरी है। शासन का आदेश है कि चार घंटे के बाद वैक्सीन की डोज का इस्तेमाल नहीं किया जाए। इसलिए इसे नष्ट कर दिया जाता है।
पांच एमएल के एक वायल में दस डोज
मुरादाबाद। जिले में पहुंची कोरोना की कोविशील्ड वैक्सीन पांच एमएल की है। एक वायल में .5 एमएल के दस डोज होते हैं। ऐसे में एक वॉयल में दस स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाता है। डोज बेकार न हो, इसलिए केंद्रों पर 100-100 स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा जाता है।
शहरी क्षेत्र के अस्पतालों में कितने डोज हुए बेकार
केंद्र------------बेकार डोज
जिला अस्पताल------15
महिला अस्पताल-----15
ब्राइट स्टार अस्पताल---02
टाउनहॉल अर्बन पीएचसी-09
सिद्ध हॉस्पिटल-------08
टीएमयू------------10
विवेकानंद अस्पताल----05
ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में कितने डोज हुए बेकार
केंद्र------बेकार डोज
ठाकुरद्वारा---10
बिलारी ----11
कांठ------03
कुंदरकी----03
डिलारी----03
मूंढापांडे----03
भोजपुर----04
ताजपुर----09
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जिले में 16 जनवरी को छह केंद्रों पर 600 हेल्थ केयर वर्करों को कोरोना का टीका लगाया जाना था। केंद्रों पर टीका लगवाने के लिए 479 स्वास्थ्य कमीं पहुंचे। 121 स्वास्थ्य कर्मी टीका लगवाने नहीं पहुंचे। इसके चलते वॉयल की सील खुलने के बाद करीब 29 डोज का इस्तेमाल नहीं हो सका। ऐसे ही 22 जनवरी को लक्ष्य 3277 के सापेक्ष 2031 स्वास्थ्य कर्मियों ने ही टीका लगवाया। 1246 स्वास्थ्य कर्मी केंद्रों पर टीका लगवाने नहीं आए। वैक्सीन की 79 डोज बेकार हो गई। दोनों के टीकाकरण में स्वास्थ्य कर्मियों के नहीं पहुंचने से 108 डोज का इस्तेमाल नहीं हो सका।
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ऐसे में कोरोना की जंग में योद्धा बनकर सामने आए स्वास्थ्य कर्मियों को और अधिक जागरूक होने की जरूरत है। वैक्सीन की जरूरत को समझें। टीकाकरण कराकर खुद को और अपने परिवार को संक्रमण से सुरक्षित करें। ताकि अधिक से अधिक डोज का इस्तेमाल हो सके। उन्हें बेकार होने से बचाया जा सके। फिलहाल आगामी चार दिवसों के टीकाकरण का प्रतिशत बढ़ाने के साथ-साथ डोज को बेकार होने से बचाना भी सेहत महकमे के लिए चुनौती है।
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- स्वास्थ्य कर्मी जागरूक हैं। टीके को लेकर उनमें भय या डर जैसी कोई बात नहीं है। अगर किसी को कोई संदेह तो उसे दूर किया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मी टीका लगवाकर खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित करें। निर्धारित तिथि में टीका लगवाने के लिए केंद्रों पर पहुंचें। - डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
वॉयल की सील खुलने केबाद चार घंटे केभीतर इस्तेमाल जरूरी
मुरादाबाद। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दीपक वर्मा ने बताया कि वैक्सीन की एक वॉयल की सील खुलने के बाद चार घंटे के भीतर उसका इस्तेमाल जरूरी है। शासन का आदेश है कि चार घंटे के बाद वैक्सीन की डोज का इस्तेमाल नहीं किया जाए। इसलिए इसे नष्ट कर दिया जाता है।
पांच एमएल के एक वायल में दस डोज
मुरादाबाद। जिले में पहुंची कोरोना की कोविशील्ड वैक्सीन पांच एमएल की है। एक वायल में .5 एमएल के दस डोज होते हैं। ऐसे में एक वॉयल में दस स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाता है। डोज बेकार न हो, इसलिए केंद्रों पर 100-100 स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा जाता है।
शहरी क्षेत्र के अस्पतालों में कितने डोज हुए बेकार
केंद्र------------बेकार डोज
जिला अस्पताल------15
महिला अस्पताल-----15
ब्राइट स्टार अस्पताल---02
टाउनहॉल अर्बन पीएचसी-09
सिद्ध हॉस्पिटल-------08
टीएमयू------------10
विवेकानंद अस्पताल----05
ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में कितने डोज हुए बेकार
केंद्र------बेकार डोज
ठाकुरद्वारा---10
बिलारी ----11
कांठ------03
कुंदरकी----03
डिलारी----03
मूंढापांडे----03
भोजपुर----04
ताजपुर----09