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Moradabad News: सावधान... ठाकुरद्वारा क्षेत्र में घूम रहे पांच तेंदुए
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मुरादाबाद। गन्ने की फसल कटने के बाद ठाकुरद्वारा और कांठ क्षेत्र में लगभग पांच तेंदुए घूम रहे हैं। गेहूं की फसल कटने के बाद लोगों पर तेंदुए गैर इरादतन हमला भी कर रहे हैं। वन विभाग की टीम रैकी कर शीघ्र ही पिंजरे लगाएगी।
जिले के ठाकुरद्वारा और कांठ क्षेत्र में गन्ने की फसल में बिजनौर और उत्तराखंड से तेंदुए आकर रहते हैं। इस मामले में वन विभाग की टीम रैकी कर रही है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गन्ने की फसल कटने के बाद जंगली जानवरों के रहने के स्थान काफी कम हो गए हैं। तेंदुए छिपने के लिए गेहूं की फसल का सहारा ले रहे थे। गेहूं की फसल कटने पर तेंदुओं को छिपने के स्थान नहीं मिल रहे हैं। ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए ने इरादतन हमला नहीं किया है। उसने गेहूं कटने के कारण हमला किया है।
डीएफओ सूरज कुमार का कहना है कि यदि तेंदुआ इरादतन हमला करता है तो व्यक्ति की गर्दन पकड़ता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीमों को रैकी करने के लिए लगाया गया है। तेंदुए के पद चिह्नों को देखने के बाद पिंजरे लगाए जाएंगे। अभी किसानों को तेंदुए से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कहीं दिखाई देने पर सूचना देने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि संभल में गन्ने की फसल नहीं होने के कारण वहां तेंदुए नहीं जाते हैं।
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तेंदुए के हमले में चार किसान घायल
खेतों पर काम कर रहे किसानों पर बोला हमला, हमले में घायल एक किसान की हालत गंभीर
ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। गांव कल्यानपुर में मंगलवार को तेंदुए ने तीन घंटे तक आतंक मचाया। खेतों में काम कर रहे किसानों पर हमला बोल दिया। तेंदुए के हमले में महिला सहित चार लोग घायल हो गए। जिससे क्षेत्र में काफी दहशत है। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है।
गेहूं की फसल की कटाई के सिलसिले में इन दिनों किसान खेतों में काम कर रहे हैं। साथ ही क्षेत्र से गुजरने वाली ढेला नदी के किनारे पालेज की सिंचाई का भी काम चल रहा है। मंगलवार की सुबह 11 बजे अचानक यहां तेंदुआ आ धमका और खेतों में काम कर रहे किसानों पर हमला बोल दिया। तेंदुए को देख किसान घबरा गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान तेंदुए ने गांव की ओमवती की गर्दन पर पंजे से वार किया, जिससे वह घायल हो गईं। फिर तेंदुए ने खेत से लौट रहे सुरेश सैनी की गर्दन और सिर पर वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके अलावा तेंदुए ने अमित कुमार, ओमप्रकाश को भी हमलाकर घायल कर दिया। सभी घायलों का सरकारी अस्पताल में इलाज कराया गया। सुरेश सैनी के सिर में गहरे जख्म होने पर 14 टांके लगाए गए। हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
सुरेश के भाई नरेश सिंह सैनी ने बताया कि तेंदुआ तीन घंटे तक जंगल में इधर-उधर घूम कर वहां काम कर रहे किसानों पर हमला करता रहा। जानकारी मिलने पर गांव से काफी संख्या में लोग डंडे लेकर मौके पर पहुंचे तो तेंदुआ पास में गन्ने के खेत में जाकर छिप गया। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल के आसपास जांच की तो वहां तेंदुए के पंजों के निशान मिले। वन विभाग के रेंजर रवि कुमार गंगवार ने बताया कि घटनास्थल के आसपास गन्ने के खेत में तेंदुआ छिपा है। उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जा रहा है। तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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जिले के ठाकुरद्वारा और कांठ क्षेत्र में गन्ने की फसल में बिजनौर और उत्तराखंड से तेंदुए आकर रहते हैं। इस मामले में वन विभाग की टीम रैकी कर रही है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गन्ने की फसल कटने के बाद जंगली जानवरों के रहने के स्थान काफी कम हो गए हैं। तेंदुए छिपने के लिए गेहूं की फसल का सहारा ले रहे थे। गेहूं की फसल कटने पर तेंदुओं को छिपने के स्थान नहीं मिल रहे हैं। ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए ने इरादतन हमला नहीं किया है। उसने गेहूं कटने के कारण हमला किया है।
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डीएफओ सूरज कुमार का कहना है कि यदि तेंदुआ इरादतन हमला करता है तो व्यक्ति की गर्दन पकड़ता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीमों को रैकी करने के लिए लगाया गया है। तेंदुए के पद चिह्नों को देखने के बाद पिंजरे लगाए जाएंगे। अभी किसानों को तेंदुए से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कहीं दिखाई देने पर सूचना देने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि संभल में गन्ने की फसल नहीं होने के कारण वहां तेंदुए नहीं जाते हैं।
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तेंदुए के हमले में चार किसान घायल
खेतों पर काम कर रहे किसानों पर बोला हमला, हमले में घायल एक किसान की हालत गंभीर
ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। गांव कल्यानपुर में मंगलवार को तेंदुए ने तीन घंटे तक आतंक मचाया। खेतों में काम कर रहे किसानों पर हमला बोल दिया। तेंदुए के हमले में महिला सहित चार लोग घायल हो गए। जिससे क्षेत्र में काफी दहशत है। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है।
गेहूं की फसल की कटाई के सिलसिले में इन दिनों किसान खेतों में काम कर रहे हैं। साथ ही क्षेत्र से गुजरने वाली ढेला नदी के किनारे पालेज की सिंचाई का भी काम चल रहा है। मंगलवार की सुबह 11 बजे अचानक यहां तेंदुआ आ धमका और खेतों में काम कर रहे किसानों पर हमला बोल दिया। तेंदुए को देख किसान घबरा गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान तेंदुए ने गांव की ओमवती की गर्दन पर पंजे से वार किया, जिससे वह घायल हो गईं। फिर तेंदुए ने खेत से लौट रहे सुरेश सैनी की गर्दन और सिर पर वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके अलावा तेंदुए ने अमित कुमार, ओमप्रकाश को भी हमलाकर घायल कर दिया। सभी घायलों का सरकारी अस्पताल में इलाज कराया गया। सुरेश सैनी के सिर में गहरे जख्म होने पर 14 टांके लगाए गए। हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
सुरेश के भाई नरेश सिंह सैनी ने बताया कि तेंदुआ तीन घंटे तक जंगल में इधर-उधर घूम कर वहां काम कर रहे किसानों पर हमला करता रहा। जानकारी मिलने पर गांव से काफी संख्या में लोग डंडे लेकर मौके पर पहुंचे तो तेंदुआ पास में गन्ने के खेत में जाकर छिप गया। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल के आसपास जांच की तो वहां तेंदुए के पंजों के निशान मिले। वन विभाग के रेंजर रवि कुमार गंगवार ने बताया कि घटनास्थल के आसपास गन्ने के खेत में तेंदुआ छिपा है। उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जा रहा है। तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।