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रामपुर में सक्रिय हुआ खुफिया तंत्र, मोबाइल फोन की मदद से जुटाई जा रही उपद्रवियों की जानकारी

Tue, 24 Dec 2019 12:31 PM IST
प्राची प्रियम संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Published by: प्राची प्रियम Updated Tue, 24 Dec 2019 12:31 PM IST
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Bareilly CAA protestors getting pointed by mobile location traced by police
विरोध प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला

रामपुर शहर में हुए बवाल के बाद पुलिस प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस की ओर से देखा जा रहा है कि बवाल वाले स्थान पर कितने मोबाइल फोन एक्टिव थे और बवाल से पूर्व कितने मोबाइल फोन की लोकेशन दूसरे स्थानों पर रही है। फिलहाल, इसमें कुछ लोगों को चिह्नित किया गया है। जांच पड़ताल के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 21 दिसंबर को रामपुर बंद का आह्वाहन किया गया था। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि आग्रह के बाद यह बंद उसी दिन सुबह में वापस ले ली गई थी, लेकिन इसकी जानकारी नहीं होने की वजह से बड़ी तादाद में लोग एकत्र हो गए थे। पुलिस प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ईदगाह के चारों ओर बैरीकेडिंग की गई थी। 
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वहीं, हाथीखाना चौराहे पर भी बड़ी तादाद में लोग जमा हो गए थे और प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई। हालात इतने खराब हो गए कि पुलिस पर पत्थर चलाए जाने लगे, जिसके बाद पुलिस की ओर से भी आंसू गैस के गोले छोड़े गए। रबर बुलेट गन से फायरिंग की गई। इस बीच प्रदर्शन में शामिल एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद तो हालात बिगड़ गए। 
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उग्र भीड़ ने छह बाइकों समेत भोट थाना पुलिस की एक जीप को आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने घटना को लेकर राजनीतिक साजिश की आशंका जताई है। यह भी कहा जा रहा है कि बवाल करने वालों में प्रोफेशनल और बाहरी लोग शामिल थे, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरु कर दी है।


खुफिया सूत्रों की मानें तो बवाल करने वाले लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके लिए हाथीखाने पर एक्टिव मोबाइल फोन नंबरों का डाटा लिया जा रहा है, जिसके बाद इन मोबाइल फोन की उस दिन और उससे पहले और बाद की लोकेशन ट्रेस की जाएगी। इससे साफ हो जाएगा कि प्रदर्शन में कितनी तादाद में ऐसे लोग शामिल थे, जो बाहरी थे।

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