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यूपी : 'पीछा मत करना, जब तक रुपये हैं मैं जिंदा रहूंगा', नोट लिख घर से ढाई लाख ले गया बैंक मैनेजर का बेटा
Fri, 16 Apr 2021 11:17 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 16 Apr 2021 11:17 AM IST
सार
रामचंद्र ने बताया कि आयुष ने एक घर में लेटर छोड़ा है। जिसमें आयुष ने लिखा है कि मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। अगर ढूंढने का प्रयास किया तो उसे पता चल जाएगा।
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आयुष।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
'मेरा पीछा मत करना, जब तक रुपये हैं मैं जिंदा रहूंगा' यह लिखकर बैंक मैनेजर का 19 वर्षीय बेटा अलमारी से ढाई लाख रुपये निकालकर घर छोड़कर चला गया। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं लग पाया।
मझोला थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई है। पुलिस और परिजन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए युवक की तलाश में जुटे हैं। मझोला के खुशहालपुर निवासी रामचंद्र सिंह जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की बिलारी शाखा में प्रबंधक हैं।
रामचंद्र की दो बेटियां, निशा और चित्रा हैं, जबकि दो बेटे निशान सिंह और आयुष सिंह हैं। रामचंद्र सिंह ने बताया कि ग्यारह अप्रैल को वह अपनी पत्नी और बड़े बेटे निशांत के साथ हाथरस में अपनी भांजी को देखने गए थे। दोनों बेटियां और छोटा बेटा आयुष(19) घर में मौजूद थे।
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बारह अप्रैल की सुबह करीब सात बजे दोनों बेटियां जागीं तो आयुष घर में मौजूद नहीं था। इसके अलावा अलमारी से करीब ढाई लाख रुपये की नकदी भी गायब थी। रामचंद्र ने बताया कि आयुष ने एक घर में लेटर छोड़ा है। जिसमें आयुष ने लिखा है कि मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। अगर ढूंढने का प्रयास किया तो उसे पता चल जाएगा।
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मझोला थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई है। पुलिस और परिजन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए युवक की तलाश में जुटे हैं। मझोला के खुशहालपुर निवासी रामचंद्र सिंह जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की बिलारी शाखा में प्रबंधक हैं।
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रामचंद्र की दो बेटियां, निशा और चित्रा हैं, जबकि दो बेटे निशान सिंह और आयुष सिंह हैं। रामचंद्र सिंह ने बताया कि ग्यारह अप्रैल को वह अपनी पत्नी और बड़े बेटे निशांत के साथ हाथरस में अपनी भांजी को देखने गए थे। दोनों बेटियां और छोटा बेटा आयुष(19) घर में मौजूद थे।
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बारह अप्रैल की सुबह करीब सात बजे दोनों बेटियां जागीं तो आयुष घर में मौजूद नहीं था। इसके अलावा अलमारी से करीब ढाई लाख रुपये की नकदी भी गायब थी। रामचंद्र ने बताया कि आयुष ने एक घर में लेटर छोड़ा है। जिसमें आयुष ने लिखा है कि मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। अगर ढूंढने का प्रयास किया तो उसे पता चल जाएगा।
मेरा पास जब तक रुपये हैं मैं जिंदा रहूंगा'। आयुष सिंह के भाई निशांत का कहना है कि आयुष को ढूंढने में पुलिस की कोई मदद नहीं मिल रही है। वह खुद ही सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं।
मझोला थाना प्रभारी मुकेश शुक्ला ने बताया कि युवक की तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी का दावा हे कि आयुष ने घर में छोड़े लेटर में लिखा है कि वह घर में घुटन महसूस कर रहा है। वह खुले माहौल में जीना चाहता है।
मझोला थाना प्रभारी मुकेश शुक्ला ने बताया कि युवक की तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी का दावा हे कि आयुष ने घर में छोड़े लेटर में लिखा है कि वह घर में घुटन महसूस कर रहा है। वह खुले माहौल में जीना चाहता है।