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बैंक मित्र ही बन गया ग्राहकों का दुश्मन, पिता भाई के साथ मिलकर उड़ा लिए तीस लाख
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ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने वाला बैंक मित्र ही उनके रुपयों का दुश्मन बन गया। उसने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर 130 ग्राहकों के खाते से तीस लाख रुपये उड़ा लिए। ग्राहकों के पास मैसेज पहुंचे तो इस घटना का खुलासा हुआ। इस मामले में बैंक मित्र समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, मझोला के शंकर नगर निवासी अभिनव दीक्षित ने कटघर थाने में भोजपुर के बीजना गांव निवासी अजय प्रताप, उसके पिता दिलीप सिंह और भाई वीरेंद्र प्रताप के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में केस दर्ज कराया है। जिसमें अभिनव ने बताया कि वह बैंगलूरू की अत्याती टेक्नोलॉजी लिमिटेड के जिला सह संयोजक एवं सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है। वर्तमान में वह मुरादाबाद रीजन का कार्य देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारी कंपनी का प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक में बैंक मित्र रखने का अनुबंध है।
इसी अनुबंध के तहत हमने प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की ताजपुर शाखा में अजय प्रताप को बैंक मित्र नियुक्त किया था। इस दौरान आरोपी ने प्रधानमंत्री जनधन खाते खोलने का काम किया था। जून 2021 में आरोपी ने प्रधानमंत्री जनधन खाते के लाभार्थियों को बिना जानकारी दिए उनके खाते से 30 लाख रुपये निकाल लिए। बीजना व आस पास के गांवों के 130 ग्राहकों के खाते को खाली कर आरोपी ने अपने पिता दिलीप सिंह व भाई वीरेंद्र प्रताप सिंह के खाते में रकम ट्रांसफर कर ली। ग्राहकों को खाते से रकम निकलने का मैसेज पहुंचा तो उन्होंने बैंक शाखा में पहुंचकर शिकायत दर्ज की। इसके बाद बैंक और कंपनी के अधिकारियों ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि बैंक मित्र ने 30 लाख रुपये निकाले हैं।
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सीओ कटघर आशुतोष तिवारी ने बताया कि तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
बैंक मित्र द्वारा ग्राहकों के खाते से तीस लाख रुपये निकाले जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है। केस की विवेचना की जाएगी। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बबलू कुमार, एसएसपी
ये होता है बैंक मित्र का काम
बैंक मित्र यानी बैंकिंग कॉरस्पांडेंट होते हैं। जिन्हें प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने का जिम्मा दिया गया है। ये लोग उन जगहों पर कार्य करते हैं। जिन जगहों पर न किसी बैंक की शाखा है और न ही कोई एटीएम है।
आरोपी पिता है होमगार्ड
आरोपी अजय प्रताप को कंपनी की ओर से एक आईडी जारी की गई थी। इसके अलावा एक मशीन भी दी गई थी। जिससे जरिये रकम जमा और निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाती थी। इस घोटाले के बाद आरोपी से मशीन भी जमा करा ली गई है।
बैंक में शिकायत पर नहीं हुई कोई कार्रवाई
मुुरादाबाद। 130 लोगों के खातों से रकम निकालने जाने की शिकायत ताजपुर माफी स्थित शाखा में की गई थी, लेकिन पीड़ित लोगों की यहां कोई सुनवाई नहीं हो पाई। इसके बाद पीड़ितों ने डीएम और एसएसपी से शिकायत की थी। डीएम ने इस मामले में पीड़ितों को आश्वासन दिया था कि वह इस मामले में जांच कराकर कार्रवाई कराएंगे। इसके बैंक और कंपनी अधिकारियों से मामले की जांच की तो आरोपी का खेल सामने आ गया। ब्यूरो
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पुलिस के मुताबिक, मझोला के शंकर नगर निवासी अभिनव दीक्षित ने कटघर थाने में भोजपुर के बीजना गांव निवासी अजय प्रताप, उसके पिता दिलीप सिंह और भाई वीरेंद्र प्रताप के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में केस दर्ज कराया है। जिसमें अभिनव ने बताया कि वह बैंगलूरू की अत्याती टेक्नोलॉजी लिमिटेड के जिला सह संयोजक एवं सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है। वर्तमान में वह मुरादाबाद रीजन का कार्य देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारी कंपनी का प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक में बैंक मित्र रखने का अनुबंध है।
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इसी अनुबंध के तहत हमने प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की ताजपुर शाखा में अजय प्रताप को बैंक मित्र नियुक्त किया था। इस दौरान आरोपी ने प्रधानमंत्री जनधन खाते खोलने का काम किया था। जून 2021 में आरोपी ने प्रधानमंत्री जनधन खाते के लाभार्थियों को बिना जानकारी दिए उनके खाते से 30 लाख रुपये निकाल लिए। बीजना व आस पास के गांवों के 130 ग्राहकों के खाते को खाली कर आरोपी ने अपने पिता दिलीप सिंह व भाई वीरेंद्र प्रताप सिंह के खाते में रकम ट्रांसफर कर ली। ग्राहकों को खाते से रकम निकलने का मैसेज पहुंचा तो उन्होंने बैंक शाखा में पहुंचकर शिकायत दर्ज की। इसके बाद बैंक और कंपनी के अधिकारियों ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि बैंक मित्र ने 30 लाख रुपये निकाले हैं।
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सीओ कटघर आशुतोष तिवारी ने बताया कि तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
बैंक मित्र द्वारा ग्राहकों के खाते से तीस लाख रुपये निकाले जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है। केस की विवेचना की जाएगी। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बबलू कुमार, एसएसपी
ये होता है बैंक मित्र का काम
बैंक मित्र यानी बैंकिंग कॉरस्पांडेंट होते हैं। जिन्हें प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने का जिम्मा दिया गया है। ये लोग उन जगहों पर कार्य करते हैं। जिन जगहों पर न किसी बैंक की शाखा है और न ही कोई एटीएम है।
आरोपी पिता है होमगार्ड
आरोपी अजय प्रताप को कंपनी की ओर से एक आईडी जारी की गई थी। इसके अलावा एक मशीन भी दी गई थी। जिससे जरिये रकम जमा और निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाती थी। इस घोटाले के बाद आरोपी से मशीन भी जमा करा ली गई है।
बैंक में शिकायत पर नहीं हुई कोई कार्रवाई
मुुरादाबाद। 130 लोगों के खातों से रकम निकालने जाने की शिकायत ताजपुर माफी स्थित शाखा में की गई थी, लेकिन पीड़ित लोगों की यहां कोई सुनवाई नहीं हो पाई। इसके बाद पीड़ितों ने डीएम और एसएसपी से शिकायत की थी। डीएम ने इस मामले में पीड़ितों को आश्वासन दिया था कि वह इस मामले में जांच कराकर कार्रवाई कराएंगे। इसके बैंक और कंपनी अधिकारियों से मामले की जांच की तो आरोपी का खेल सामने आ गया। ब्यूरो