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तीन तलाक पर कुरान के अलावा कुछ और मान्य नहीं: आजम खान
Fri, 28 Dec 2018 02:03 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 28 Dec 2018 02:03 PM IST
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तीन तलाक बिल लोकसभा में पास हो चुका है और अब राज्यसभा में इस पर चर्चा होगी। इसे लेकर मुस्लिम नेताओं के बयान आना शुरू हो गए हैं। समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का कहना है कि इस मुद्दे पर कुरान की जो हिदायतें हैं उनके अलावा और कोई भी कानून मान्य नहीं है। उनका कहना है जो कुरान को मानते हैं, हदीस को मानते हैं, वह इस बात को जानते हैं कि कुरान में इसे लेकर पूरी प्रकिया का जिक्र है। अगर कोई कुरान के हिदायतों के अनुसार तलाक नहीं देता है तो ऐसा तलाक भी मान्य नहीं है। इसलिए यह बहस की बात ही नहीं है और कुरान के कानून के अलावा किसी और कानून को नहीं माना जाएगा।
उनका कहना था कि ऐसा सिर्फ हिंदुस्तान के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए है, पूरी दुनिया में किसी कानून को नहीं बल्कि कुरान को माना जाता है। वहीं लोकसभा में होने वाली बहस पर उनका कहना था कि औरतों को न्याय मिलना चाहिए। उन औरतों को न्याय दें जिन्हें शौहर ने छोड़ दिया और वो सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं। इसके साथ ही उन औरतों को भी न्याय मिलना चाहिए जो गुजरात दंगे के कारण आज भी परेशानी का सामना कर रही हैं, सखिया जाफरी को इंसाफ मिलना चाहिए। महिलाएं इंसाफ पाने की हकदार है और पर्सनल ला में इस बात का पूरा जिक्र है। कैसे शादी होगी, कैसे इबादत होगी और कैसे तलाक होगा ये मजहबी मामलात हैं।
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उनका कहना था कि ऐसा सिर्फ हिंदुस्तान के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए है, पूरी दुनिया में किसी कानून को नहीं बल्कि कुरान को माना जाता है। वहीं लोकसभा में होने वाली बहस पर उनका कहना था कि औरतों को न्याय मिलना चाहिए। उन औरतों को न्याय दें जिन्हें शौहर ने छोड़ दिया और वो सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं। इसके साथ ही उन औरतों को भी न्याय मिलना चाहिए जो गुजरात दंगे के कारण आज भी परेशानी का सामना कर रही हैं, सखिया जाफरी को इंसाफ मिलना चाहिए। महिलाएं इंसाफ पाने की हकदार है और पर्सनल ला में इस बात का पूरा जिक्र है। कैसे शादी होगी, कैसे इबादत होगी और कैसे तलाक होगा ये मजहबी मामलात हैं।
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