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सीतापुर की जेल में ही रहेंगे आजम-अब्दुल्ला
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रामपुर। सांसद आजम खां और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम सीतापुर की जेल में रहेंगे। आजम खां को पत्नी और बेटे सहित सीतापुर की जेल में स्थानांतरित करने पर उनके वकीलों ने कोर्ट में आपत्ति लगाई थी। एडीजे-6 की कोर्ट इस आपत्ति को खारिज कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने यह कहा है कि डॉ. तजीन फात्मा रामपुर की जेल में रखने के मामले में जिला प्रशासन चाहे तो कोई फैसला ले सकता है।
सांसद आजम खां पर लगभग 85 मुकदमे दर्ज हैं। कई मुकदमों में उनकी पत्नी विधायक डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम को भी आरोपी बनाया गया है। मुकदमों की सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहने पर कोर्ट से गैर जमानतीय वारंट और कुर्की का आदेश जारी होने के बाद सांसद आजम खां ने 26 फरवरी को अपनी पत्नी और बेटे को साथ बुधवार को अदालत में समर्पण कर दिया गया था। कई मामलों में जमानत नहीं मिलने बाद उनको पत्नी और बेटे साथ न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया था। 27 फरवरी की सुबह अचानक आजम खां, उनकी पत्नी और बेटे को सीतापुर की जेल भेज दिया गया।
आजम खां को रामपुर की जेल से स्थानांरित किए जाने की सूचना मिलने पर उनके वकीलों ने एडीजे-6 धीरेंद्र कुमार की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि कोर्ट की जानकारी के बिना आजम खां को सीतापुर की जेल में भेजा जाना न्यायालय की अवमानना है। उनको वकीलों ने कोर्ट में कहा था कि सीतापुर की जेल में आजम खां की जान को खतरा है, क्योंकि वहां स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। इस अपील पर कोट ने जेल अधीक्षक और जेलर को तलब किया था। 29 फरवरी को इस मामले में कोर्ट में बहस हुई थी। तीन मार्च को भी इस मामले में सुनवाई थी, लेकिन इसे चार माह तक के लिए टाल दिया गया था। कोर्ट ने बुधवार को आजम खां के वकीलों की आपत्ति को खारिज कर दी। इसके साथ ही कोर्ट यह कहा कि डॉ. तजीन फात्मा की सेहत खराब होने के बारे में उनके वकीलों ने जानकारी दी है। जिला प्रशासन चाहे तो उनको रामपुर की जेल में लाया जा सकता है।
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सांसद आजम खां पर लगभग 85 मुकदमे दर्ज हैं। कई मुकदमों में उनकी पत्नी विधायक डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम को भी आरोपी बनाया गया है। मुकदमों की सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहने पर कोर्ट से गैर जमानतीय वारंट और कुर्की का आदेश जारी होने के बाद सांसद आजम खां ने 26 फरवरी को अपनी पत्नी और बेटे को साथ बुधवार को अदालत में समर्पण कर दिया गया था। कई मामलों में जमानत नहीं मिलने बाद उनको पत्नी और बेटे साथ न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया था। 27 फरवरी की सुबह अचानक आजम खां, उनकी पत्नी और बेटे को सीतापुर की जेल भेज दिया गया।
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आजम खां को रामपुर की जेल से स्थानांरित किए जाने की सूचना मिलने पर उनके वकीलों ने एडीजे-6 धीरेंद्र कुमार की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि कोर्ट की जानकारी के बिना आजम खां को सीतापुर की जेल में भेजा जाना न्यायालय की अवमानना है। उनको वकीलों ने कोर्ट में कहा था कि सीतापुर की जेल में आजम खां की जान को खतरा है, क्योंकि वहां स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। इस अपील पर कोट ने जेल अधीक्षक और जेलर को तलब किया था। 29 फरवरी को इस मामले में कोर्ट में बहस हुई थी। तीन मार्च को भी इस मामले में सुनवाई थी, लेकिन इसे चार माह तक के लिए टाल दिया गया था। कोर्ट ने बुधवार को आजम खां के वकीलों की आपत्ति को खारिज कर दी। इसके साथ ही कोर्ट यह कहा कि डॉ. तजीन फात्मा की सेहत खराब होने के बारे में उनके वकीलों ने जानकारी दी है। जिला प्रशासन चाहे तो उनको रामपुर की जेल में लाया जा सकता है।
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