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मुरादाबाद अग्निकांड: दिन में साथ निकले पांच जनाजे तो उमड़ा शहर, रात में गमगीन माहौल में रुखसत हुईं धेवतियां

Fri, 26 Aug 2022 11:18 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: मुरादाबाद ब्यूरो Updated Fri, 26 Aug 2022 11:18 PM IST
सार

दिन में एक ही परिवार के पांच जनाजे जब साथ चले तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। रात में कारोबारी की धेवतियों का निकाह तो हुआ पर बेहद गमगीन माहौल में। आंखों से गिरते आंसुओं के बीच दोनों को ससुराल विदा कर दिया गया।

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Moradabad fire: When five people came together during the day, the city swelled
पांच जनाजों में उमड़ा शहर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुरादाबाद के असालतपुरा में स्क्रैप कारोबारी मो. इरशाद के घर पर बृहस्पतिवार दिन तक दो धेवतियों के होने वाले निकाह की धूम मची थी। वहीं शुक्रवार को सफेेद कपड़ों में लोगों की भीड़ अग्निकांड में मारे गए इरशाद की पत्नी, बहू, पोते-पोती और एक धेवती के जनाजे की तैयारी कर रहे थे। दिन में एक ही परिवार के पांच जनाजे जब साथ चले तो हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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रात में कारोबारी की धेवतियों का निकाह तो हुआ पर बेहद गमगीन माहौल में। आंखों से गिरते आंसुओं के बीच दोनों को ससुराल विदा कर दिया गया।
असालतपुरा निवासी स्कैप कारोबारी इरशाद की दो धेवतियों का शुक्रवार को निकाह तय था। इस बीच बृहस्पतिवार को इरशाद के पांच मंजिला घर के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित गोदाम में बृहस्पतिवार शार्ट सर्किट से आग लग गई थी।
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जिसमें उनकी पत्नी, पुत्र वधू समेत परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी। आठ लोगों को बमुश्किल घर से निकाला जा सका था। इस हृदय विदारक घटना को लेकर दूसरे दिन भी शहर शोक में डूबा रहा। सुबह से ही इरशाद के घर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
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असालतपुरा की बड़ी मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद नमाजे जनाजा पढ़ाई गई। इसके बाद मस्जिद से पांचों शवों को ईदगाह स्थित कब्रिस्तान ले जाया गया। मृतकों का शव जिस रास्ते से गुजरा उस रास्ते पर जगह-जगह लोग कांधा देने के लिए खड़े थे। इसके चलते शवयात्रा में शामिल लोगों की संख्या लगातार बढ़ती गई। कब्रिस्तान ले जाकर पांचों शवों को एक पास दफन कर दिया गया। हजारों लोगों की मौजूद भीड़ ने मृतकों के लिए मगफिरत और जन्नतुल फिरदौैस में आलामकाम अता फरमाने की दुआ की। पीड़ित परिवार को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की भी दुआ की गई।

वहीं दूसरी ओर इरशाद की दो धेवतियों की शुक्रवार रात शादी की डेट तय थी। लेकिन इस हादसे के कारण शादी वाले घर की गली में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। पांचों शवों को दफन करने के बाद शाम को परिवार के लोगों ने बैठ कर आपस में धेवतियों को रुखसत करने का फैसला लिया। जिसके बाद रात दस बजे सादे माहौल में दोनों धेवतियों की शादी की रस्म अदा कर उन्हें रुखसत कर दिया गया।

जनाजे में यह लोग रहे मौजूद
इस मौके पर शहर इमाम हकीम सैयद मासूम अली आजाद, नायब इमाम सैयद फहद अली, सपा सांसद एसटी हसन, मुरादाबाद देहात विधान सभा सीट से सपा विधायक हाजी नासिर कुरैशी, अमरोहा जिले की नौगावां सादात विधान सभा क्षेत्र से सपा विधायक समरपाल सिंह, पूर्व विधायक हाजी इकराम कुरैशी, दरगाह सुल्तान साहब मोहल्ला पीरगैब के सज्जादा नशीन नईम चिश्ती, दरगाहे मुकम्मल साहब के सज्जादा नशीन शिबली मियां, एआईएमआईएम के महानगर अध्यक्ष वकी रशीद, दरगाह हाफिज साहब के सज्जादानशीन हयातुन नबी, हाफिज इफ्तखार हुसैन समेत कई धर्म गुरु, राजनेता, समाजसेवी समेत हजारों लोग मौजूद रहे।

एक सप्ताह में खुशी और गम का गवाह बनी बड़ी मस्जिद
असालतपुरा की जिस बड़ी मस्जिद में शुक्रवार इरशाद के परिवार के मृतक पांचों सदस्यों की नमाजे जनाजा पढ़ी गई उसी मस्जिद में ठीक एक सप्ताह पहले उनकी दोनों धेवतियों का निकाह हुआ था। इरशाद के बड़े दामाद जावेद अहसानुल हक हरीचुग वाली मस्जिद के पास रहते हैं। पिछले कुछ दिनों से वह काफी बीमार चल रहे हैं। जिसके चलते उन्होंने दो माह के अंदर अपनी दो बेटियों की शादी की तैयारी की। नाईयों वाली मस्जिद के निकट रहने वाले एक परिवार के पेंट कारोबारी दो पुत्रों से शादी की बात तय हुई। पिछले शुक्रवार को असालतपुरा की बड़ी मस्जिद में इरशाद की धेवतियां का खुशी-खुशी निकाह किया गया था। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि तब काफी खुशी का माहौल था। आज उसी बड़ी मस्जिद में इरशाद की पत्नी, पुत्र वधु समेत परिवार के पांच लोगों की नमाजे जनाजा पढ़ी गई।

दो घंटे चला कब्र पर मिट्टी देने का सिलसिला
पांचों शवों को दफन किए जाने के बाद कब्र पर दुआ पढ़ने और मिट्टी देने का सिलसिला शुरू हुआ। लोगों की भीड़ इतनी थी कि यह कार्य में करीब दो घंटे में पूरा हो
सका।

असालतपुरा में बंद रहीं अधिकांश दुकानें
मोहल्ला असालतपुरा में अग्निकांड में मारे गए एक परिवार के पांच लोगों को लेकर पूरे दिन शोक का माहौल रहा। अधिकांश लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। मोहल्ला निवासी मोहम्मद इकराम ने बताया कि इस हृदय विदारक घटना को लेकर आसपास के घरों में चूल्हा तक नहीं जला।
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