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Moradabad News: शाम ढलते गांव की गलियां हुईं सूनी, नहीं जले चूल्हे
Wed, 17 Sep 2025 02:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Wed, 17 Sep 2025 02:57 AM IST
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बिलारी (मुरादाबाद)। देहरादून में नदी में छह मजदूरों की डूबने से हुई मौत ने मुंडिया जैन गांव को झकझोर दिया है। शाम ढलते ही गम में डूबे इस गांव की गलियां सूनी पड़ गईं। कई घरों में चूल्हे नहीं जले। वहीं तीन मजदूर अभी भी लापता हैं।
मंगलवार दोपहर बाद प्रशासन के माध्यम से मुंडिया जैन गांव में इस हादसे की खबर पहुंची तब अधिकतर ग्रामीण गांव मंदिर पर जमा हो गए और हादसे की सत्यता को लेकर जानकारी जुटाने में लग गए।
गांव के युवा दुर्घटना से संबंधित आई वीडियो अपने मोबाइल पर एक दूसरे को दिखाने लगे। हादसे की जानकारी हुई तो मंगलवार देर शाम तक रिश्तेदार मुंडिया जैन गांव में पहुंचते रहे। परिजनों को ग्रामीण यह कहकर और समझा बुझाकर शांत करते रहे कि अभी सभी जीवित हैं और देहरादून के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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जान गंवाने वालों में से तीन तो एक ही परिवार के हैं जबकि अन्य तीन गांव के अलग-अलग मोहल्लों के हैं। ऐसी स्थिति में पूरा मुंडिया जैन गांव शोक में डूब गया।
शाम को छोटे बच्चे गांव की गलियों में घूमकर खेलने की बजाए अपने घरों में गुमसुम बैठे हुए नजर आए। गांव की कई महिलाओं से बात करने पर पता चला कि उन्होंने अपने घरों में शाम को खाना ही नहीं बनाया है। वहीं मुड़िया जैन गांव निवासी विक्रम, अर्जुन, आकाश, विशाल, मनोज और दीपक आदि भी देहरादून के पास रहकर काम करते थे।
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मंगलवार दोपहर बाद प्रशासन के माध्यम से मुंडिया जैन गांव में इस हादसे की खबर पहुंची तब अधिकतर ग्रामीण गांव मंदिर पर जमा हो गए और हादसे की सत्यता को लेकर जानकारी जुटाने में लग गए।
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गांव के युवा दुर्घटना से संबंधित आई वीडियो अपने मोबाइल पर एक दूसरे को दिखाने लगे। हादसे की जानकारी हुई तो मंगलवार देर शाम तक रिश्तेदार मुंडिया जैन गांव में पहुंचते रहे। परिजनों को ग्रामीण यह कहकर और समझा बुझाकर शांत करते रहे कि अभी सभी जीवित हैं और देहरादून के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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जान गंवाने वालों में से तीन तो एक ही परिवार के हैं जबकि अन्य तीन गांव के अलग-अलग मोहल्लों के हैं। ऐसी स्थिति में पूरा मुंडिया जैन गांव शोक में डूब गया।
शाम को छोटे बच्चे गांव की गलियों में घूमकर खेलने की बजाए अपने घरों में गुमसुम बैठे हुए नजर आए। गांव की कई महिलाओं से बात करने पर पता चला कि उन्होंने अपने घरों में शाम को खाना ही नहीं बनाया है। वहीं मुड़िया जैन गांव निवासी विक्रम, अर्जुन, आकाश, विशाल, मनोज और दीपक आदि भी देहरादून के पास रहकर काम करते थे।