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ट्रेन में छूटा एआरटीओ का वॉलेट, टीटीई ने लौटाया
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मुरादाबाद। मुरादाबाद में तैनात टीटीई जितेंद्र गगन ने ईमानदारी का परिचय देकर रेलवे महकमे के साथ दोस्तों, रिश्तेदारों में भी प्रशंसा पाई है। 28 नवंबर को ट्रेन नंबर (12231) लखनऊ-चंडीगढ़ सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक यात्री (एआरटीओ) का वॉलेट ट्रेन में ही छूट गया था। टीटीई ने वॉलेट अपने पास सुरक्षित रखा। ड्यूटी के बाद मुरादाबाद पहुंचने पर यात्री के परिजन को लौटाया। इसके बाद से स्टाफ में हर ओर उनकी चर्चा हो रही है।
लखनऊ चंडीगढ़ एक्सप्रेस में 28 नवंबर को देहरादून के एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्र मुरादाबाद से लुधियाना के लिए बैठे थे। उनका आरक्षण प्रथम श्रेणी एसी कोच ए-1 में था। यात्रा पूरी होने पर वह लुधियाना स्टेशन पर ट्रेन से उतर गए। ट्रेन में तैनात टीटीई ने राउंड लेते समय चेक किया, तो पाया कि कोच में सीट पर वॉलेट पड़ा है। वॉलेट के अंदर 3538 रुपये नकद, दो क्रेडिट कार्ड, प्रदेश सरकार द्वारा प्रदत्त एआरटीओ का आईडी कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी था। टीटीई ने मामले की गंभीरता को समझते हुए परिचय पत्र पर लिखे पते पर वॉलेट पहुंचाने का निर्णय लिया। इसी बीच एआरटीओ ने रेल प्रशासन की सहायता से टीटीई से संपर्क कर लिया। फोन पर वॉलेट सुरक्षित होने की जानकारी मिली तो एआरटीओ की जान में जान आई। टीटीई जितेंद्र गगन ने वॉलेट को अपने पास सुरक्षित रखा और एआरटीओ द्वारा उपलब्ध कराए नंबर पर उनकी बहन से संपर्क किया। इसके बाद मंगलवार को मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर टीटीई ने एआरटीओ की बहन को वॉलेट सुपुर्द कर दिया और फोन कर एआरटीओ को सूचित भी किया। इस कार्य के बाद रेलवे के वाणिज्य विभाग के मुखिया सीनियर डीसीएम सुधीर सिंह और अन्य अधिकारियों ने टीटीई जितेंद्र की प्रशंसा की है।
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लखनऊ चंडीगढ़ एक्सप्रेस में 28 नवंबर को देहरादून के एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्र मुरादाबाद से लुधियाना के लिए बैठे थे। उनका आरक्षण प्रथम श्रेणी एसी कोच ए-1 में था। यात्रा पूरी होने पर वह लुधियाना स्टेशन पर ट्रेन से उतर गए। ट्रेन में तैनात टीटीई ने राउंड लेते समय चेक किया, तो पाया कि कोच में सीट पर वॉलेट पड़ा है। वॉलेट के अंदर 3538 रुपये नकद, दो क्रेडिट कार्ड, प्रदेश सरकार द्वारा प्रदत्त एआरटीओ का आईडी कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी था। टीटीई ने मामले की गंभीरता को समझते हुए परिचय पत्र पर लिखे पते पर वॉलेट पहुंचाने का निर्णय लिया। इसी बीच एआरटीओ ने रेल प्रशासन की सहायता से टीटीई से संपर्क कर लिया। फोन पर वॉलेट सुरक्षित होने की जानकारी मिली तो एआरटीओ की जान में जान आई। टीटीई जितेंद्र गगन ने वॉलेट को अपने पास सुरक्षित रखा और एआरटीओ द्वारा उपलब्ध कराए नंबर पर उनकी बहन से संपर्क किया। इसके बाद मंगलवार को मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर टीटीई ने एआरटीओ की बहन को वॉलेट सुपुर्द कर दिया और फोन कर एआरटीओ को सूचित भी किया। इस कार्य के बाद रेलवे के वाणिज्य विभाग के मुखिया सीनियर डीसीएम सुधीर सिंह और अन्य अधिकारियों ने टीटीई जितेंद्र की प्रशंसा की है।
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