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Moradabad News: डेंगू के सीजन से पहले शुरू हो जाएगी एफेरेसिस यूनिट
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मुरादाबाद। डेंगू के सीजन से पहले जिला अस्पताल में एफेरेसिस यूनिट शुरू हो जाएगी। इसका फायदा प्लेटलेट्स कम होने पर निजी अस्पतालों की दौड़ लगाने वाले जरूरतमंद मरीजों को मिलेगा। अब उन्हें सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य निदेशालय द्वारा तय शुल्क पर जंबो पैक मिल जाएगा। खून की दलाली करने वालों का अवैध कारोबार भी कम हो जाएगा।
लाइसेंसिंग की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही ड्रग विभाग द्वारा एफेरेसिस मशीन के संचालन का लाइसेंस जिला अस्पताल को मिल जाएगा। लाइसेंस मिलते ही किट खरीदने के लिए ऑर्डर किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक एक किट की कीमत करीब साढ़े आठ हजार रुपये है। हालांकि मरीजों के लिए क्या शुल्क निर्धारित होगा, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है।
सितंबर माह से जब डेंगू के मामले बढ़ने शुरू होते हैं तब निजी अस्पतालों में जंबो पैक के लिए लोगों को 18 से 20 हजार रुपये चुकाने पड़ते हैं। शहर में पांच अस्पतालों में ही एफेरेसिस यूनिट है। प्लेटलेट्स निकालने की प्रक्रिया में करीब दो घंटे लगते हैं। ऐसे में डेंगू के मरीज बढ़ने पर इन अस्पतालों में भी जंबो पैक के लिए कतारें लगती हैं।
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इसका फायदा उठाकर दलाल सक्रिय हो जाते हैं और मनमाने दामों पर लोगों से जंबो पैक का सौदा करते हैं। जिला अस्पताल में एफेरेसिस यूनिट शुरू होने से इन सभी समस्याओं का हल हो जाएगा। मंडल के पांचों जिलों में अन्य किसी सरकारी अस्पताल में भी यह सुविधा नहीं है।
जिला अस्पताल की एफेरेसिस यूनिट से सरकारी दरों पर जंबो पैक उन्हीं मरीजों को मिलेगा, जिनका इलाज किसी सरकारी अस्पताल में चल रहा होगा। एसआईसी डॉ. संगीता गुप्ता ने बताया कि लाइसेंस मिलते ही किट ऑर्डर कर देंगे। उम्मीद है कि जरूरत पड़ने पर लोगों को निजी अस्पतालों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
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लाइसेंसिंग की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही ड्रग विभाग द्वारा एफेरेसिस मशीन के संचालन का लाइसेंस जिला अस्पताल को मिल जाएगा। लाइसेंस मिलते ही किट खरीदने के लिए ऑर्डर किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक एक किट की कीमत करीब साढ़े आठ हजार रुपये है। हालांकि मरीजों के लिए क्या शुल्क निर्धारित होगा, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है।
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सितंबर माह से जब डेंगू के मामले बढ़ने शुरू होते हैं तब निजी अस्पतालों में जंबो पैक के लिए लोगों को 18 से 20 हजार रुपये चुकाने पड़ते हैं। शहर में पांच अस्पतालों में ही एफेरेसिस यूनिट है। प्लेटलेट्स निकालने की प्रक्रिया में करीब दो घंटे लगते हैं। ऐसे में डेंगू के मरीज बढ़ने पर इन अस्पतालों में भी जंबो पैक के लिए कतारें लगती हैं।
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इसका फायदा उठाकर दलाल सक्रिय हो जाते हैं और मनमाने दामों पर लोगों से जंबो पैक का सौदा करते हैं। जिला अस्पताल में एफेरेसिस यूनिट शुरू होने से इन सभी समस्याओं का हल हो जाएगा। मंडल के पांचों जिलों में अन्य किसी सरकारी अस्पताल में भी यह सुविधा नहीं है।
जिला अस्पताल की एफेरेसिस यूनिट से सरकारी दरों पर जंबो पैक उन्हीं मरीजों को मिलेगा, जिनका इलाज किसी सरकारी अस्पताल में चल रहा होगा। एसआईसी डॉ. संगीता गुप्ता ने बताया कि लाइसेंस मिलते ही किट ऑर्डर कर देंगे। उम्मीद है कि जरूरत पड़ने पर लोगों को निजी अस्पतालों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।