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Moradabad News: अभिभावकों की सहमति की शर्त से पिछड़ रहा अपार आईडी का लक्ष्य
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मुरादाबाद। जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से की जा रही अपार आईडी बनाने की कवायद धीमी गति से चल रही है। इसके लिए नोडल अधिकारी बनाने के साथ नियमित समीक्षा की जा रही है। इसके बावजूद अभी तक 37.22 फीसदी कार्य लंबित है। अधिकारियों का कहना है कि अभिभावकों की सहमति नहीं मिल पाने की वजह से परेशानी हो रही है।
मुरादाबाद जनपद में माध्यमिक शिक्षा विभाग के कक्षा एक से 12 तक के करीब 608 विद्यालयों में 262294 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जानी है। इसमें से सिर्फ 164674 विद्यार्थियों की आईडी बन पाई है। 674 विद्यार्थियों की आईडी बनाने की प्रक्रिया फेल हो गई। वहीं अभी तक जनपद में 96437 विद्यार्थियों का आवेदन ही नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जनपद के करीब 20 ऐसे निजी स्कूल हैं, जहां पर आईडी बनाने में सबसे अधिक दिक्कतें आ रही हैं। इसके लिए स्कूलों को कॉल कर आईडी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सबसे अधिक विद्यार्थियों की आईडी ठाकुरद्वारा में बनाई गई हैं। यहां पर सिर्फ 35.17 विद्यार्थियों की आईडी बनने का ही कार्य शेष है। भगतपुर टांडा में सबसे अधिक 50.69 फीसदी कार्य लंबित है। यहां पर 20302 में से अभी तक 10010 विद्यार्थियों की आईडी ही बन सकी हैं।
शैक्षणिक रिकॉर्ड के लिए जरूरी है आईडी
अधिकारियों का कहना है कि अपार आईडी विद्यार्थियों के लिए 12 अंकों की एक डिजिटल पहचान है। यह स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक छात्रों की अंकतालिका, प्रमाण पत्र और खेलकूद जैसी सभी उपलब्धियों को डिजिलॉकर में सुरक्षित रखती है। इससे स्कूल बदलने या कॉलेज में दाखिला के वक्त कागजी दस्तावेजों को साथ ले जाने की जरूरत खत्म हो जाती है।
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वर्जन...
लगातार समीक्षा के लिए ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। मुरादाबाद में दस नोडल अधिकारी हैं। इसके साथ ही ब्लॉकवार ऑनलाइन समीक्षा की जा रही है, ताकि विद्यालय जल्द अपने अपार आईडी बनाने के शेष कार्य को पूरा कर सकें।- रितु तोमर, जिला विद्यालय निरीक्षक
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मुरादाबाद जनपद में माध्यमिक शिक्षा विभाग के कक्षा एक से 12 तक के करीब 608 विद्यालयों में 262294 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जानी है। इसमें से सिर्फ 164674 विद्यार्थियों की आईडी बन पाई है। 674 विद्यार्थियों की आईडी बनाने की प्रक्रिया फेल हो गई। वहीं अभी तक जनपद में 96437 विद्यार्थियों का आवेदन ही नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जनपद के करीब 20 ऐसे निजी स्कूल हैं, जहां पर आईडी बनाने में सबसे अधिक दिक्कतें आ रही हैं। इसके लिए स्कूलों को कॉल कर आईडी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सबसे अधिक विद्यार्थियों की आईडी ठाकुरद्वारा में बनाई गई हैं। यहां पर सिर्फ 35.17 विद्यार्थियों की आईडी बनने का ही कार्य शेष है। भगतपुर टांडा में सबसे अधिक 50.69 फीसदी कार्य लंबित है। यहां पर 20302 में से अभी तक 10010 विद्यार्थियों की आईडी ही बन सकी हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि अपार आईडी विद्यार्थियों के लिए 12 अंकों की एक डिजिटल पहचान है। यह स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक छात्रों की अंकतालिका, प्रमाण पत्र और खेलकूद जैसी सभी उपलब्धियों को डिजिलॉकर में सुरक्षित रखती है। इससे स्कूल बदलने या कॉलेज में दाखिला के वक्त कागजी दस्तावेजों को साथ ले जाने की जरूरत खत्म हो जाती है।
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लगातार समीक्षा के लिए ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। मुरादाबाद में दस नोडल अधिकारी हैं। इसके साथ ही ब्लॉकवार ऑनलाइन समीक्षा की जा रही है, ताकि विद्यालय जल्द अपने अपार आईडी बनाने के शेष कार्य को पूरा कर सकें।- रितु तोमर, जिला विद्यालय निरीक्षक