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पशु पालक ने किया बछड़े का नामकरण, कार्यक्रम में पहुंचे एसडीएम
Wed, 01 Feb 2023 01:11 AM IST
ranjeett ranjeett
अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
Published by: ranjeett ranjeett
Updated Wed, 01 Feb 2023 01:11 AM IST
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बछड़े के नामकरण में पहुंचे अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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शाहबाद (रामपुर)। गाय ने बछडे़ को जन्म दिया। इस खुशी में पशु पालक ने उसके नामकरण का आयोजन किया। जिसमें एसडीएम सुनील कुमार ने भी शिरकत की। इस दौरान बछडे़ का नाम सुमेरू और गाय को लक्ष्मी का नाम दिया गया।
तहसील क्षेत्र के गांव रुतमपुर निवासी पशु पालक पंद्रह दिन पहले मुख्यमंत्री बेसहारा गोवंश सहभागिता कार्यक्रम के अंतर्गत गोशाला से एक गाय लेकर आए थे। पशु पालक के घर आने के चार दिन बाद इस गाय ने बछड़े को जन्म दिया। साथ ही गाय ने छह लीटर दूध भी देना शुरू कर दिया।
इससे खुश किसान ने गाय के बछड़े का नामकरण कार्यक्रम किया। मंगलवार को हुए कार्यक्रम में एसडीएम सुनील कुमार भी शामिल हुए। पशु पालक ने गाय का नाम लक्ष्मी और बछड़े के नाम सुमेरू रखा है। एसडीएम ने गांव में अन्य लोगों को भी गोशाला से पशुओं को लाने के लिए प्रेरित किया।
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ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए एसडीएम ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत पशु पलकों को एक पशु का तीस रुपये प्रति पशु और माह के नौ सौ रुपये के हिसाब से सरकार गोवंश पशु को पालने का खर्चा दिया जाएगा। एसडीएम ने कहा क्षेत्र की गोशाला में अभी 176 गाय और हैं पशुपालकों को प्रेरित किया जा रहा है कि वह इन्हें लेकर जाएं, पशुपालकों को पशुओं को पालने का खर्चा भी दिया जाएगा। नंदी को घरेलू काम में ले सकते हैं और गाय से दूध लेकर आमदनी का जरिया भी बढ़ा सकते हैं।
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तहसील क्षेत्र के गांव रुतमपुर निवासी पशु पालक पंद्रह दिन पहले मुख्यमंत्री बेसहारा गोवंश सहभागिता कार्यक्रम के अंतर्गत गोशाला से एक गाय लेकर आए थे। पशु पालक के घर आने के चार दिन बाद इस गाय ने बछड़े को जन्म दिया। साथ ही गाय ने छह लीटर दूध भी देना शुरू कर दिया।
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इससे खुश किसान ने गाय के बछड़े का नामकरण कार्यक्रम किया। मंगलवार को हुए कार्यक्रम में एसडीएम सुनील कुमार भी शामिल हुए। पशु पालक ने गाय का नाम लक्ष्मी और बछड़े के नाम सुमेरू रखा है। एसडीएम ने गांव में अन्य लोगों को भी गोशाला से पशुओं को लाने के लिए प्रेरित किया।
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ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए एसडीएम ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत पशु पलकों को एक पशु का तीस रुपये प्रति पशु और माह के नौ सौ रुपये के हिसाब से सरकार गोवंश पशु को पालने का खर्चा दिया जाएगा। एसडीएम ने कहा क्षेत्र की गोशाला में अभी 176 गाय और हैं पशुपालकों को प्रेरित किया जा रहा है कि वह इन्हें लेकर जाएं, पशुपालकों को पशुओं को पालने का खर्चा भी दिया जाएगा। नंदी को घरेलू काम में ले सकते हैं और गाय से दूध लेकर आमदनी का जरिया भी बढ़ा सकते हैं।