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Moradabad News: अनीस ने जिंदगी के 16 साल प्रदीप के साथ गुजारे

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 01:50 AM IST
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Anees spent 16 years of his life with Pradeep.
कुंदरकी। 16 साल पहले कुंदरकी नगर से सटे ग्राम तेवर पट्टी उर्फ काजीपुरा से अचानक लापता हुए अनीस अहमद की परिजनों ने उसकी घर वापसी की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन वहीं अनीस अहमद जब अलीगढ़ से घर वापस लौटा तो पूरे परिवार में ईद जैसी खुशी देखने को मिली है।
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घर में अनीस को देखने के लिए सगे संबंधियों, रिश्तेदारों और परिचितों को हुजूम लगा हुआ है, जिस समय अनीस अहमद लापता हुआ तो उसकी उम्र 25 साल की थी और दिमागी हालत ठीक नहीं थी, किसी वजह से पत्नी से भी पहले से ही उससे रिश्ता तोड़ चुकी थी। परिजनों ने बताया कि एक फरवरी 2010 को अनीस अहमद घर से अचानक लापता हो गया, जिसको मुरादाबाद जिले के अलावा संभल, अमरोहा, रामपुर, बरेली, बिजनौर आदि जिलों में तलाश लेकिन कोई सुराग नहीं सका तो कुंदरकी थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई। साथ ही पुलिस ने गुमशुदा की तलाश का इश्तेहार भी अमर उजाला में प्रकाशित कराया था। काफी प्रयास करने पर पुलिस ने अनीस अहमद को खोज नहीं सकी तो परिजन भी जिंदा होने और उसकी घर वापसी की उम्मीद छोड़ चुके थे। परिजनों ने बताया कि कुछ समय पहले कुंदरकी के ही ग्राम हरियाना निवासी सचिन अलीगढ़ में यूपी एग्रो में जॉब करता है, वहां पर सचिन अपने बॉस के यहां पर तेहरवीं में शामिल को गया था, तभी उसकी मुलाकात अलीगढ़ निवासी कीटनाशक दवाई और खाद बीज होलसेलर ठाकुर प्रदीप सिंह से हुई। परिचय के दौरान प्रदीप सिंह अपने साथ रह रहे अनीस के बारे में सचिन को बताया, तब सचिन ने प्रदीप सिंह को बताया कि काजीपुरा गांव हमारे गांव करीब में ही है, इसके बाद सचिन ने काजीपुरा में अनीस के बारे में परिजनों को अवगत कराया, जिसके बाद पिता और भाई अलीगढ़ पहुंचे तो अनीस देखते ही उन्हें पहचान गया और उसकी आंखें भर आईं। इसके बाद प्रदीप सिंह ने अनीस को उसके परिजनों के साथ भेज दिया।
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तीन साल तक हाथरस में रहा था अनीस
कुंदरकी। हाथरस जिले के ग्रामीण इलाके के मूल निवासी खाद बीज दवाई के होलसेलर ठाकुर प्रदीप सिंह ने अनीस अहमद के बारे में उसके परिजनों को बताया कि 16 साल पहले अनीस जंगल में उसको घूमता हुआ मिला था। तब वह उसको अपने साथ ले आया और वह दुकान पर काम लगा दिया। तीन साल तक हाथरस में ही साथ रहा, जब अलीगढ़ में शिफ्ट हुए तो यहां पर खाद बीज दवाई की होलसेल दुकान की तो अनीस अलीगढ़ में दुकान पर साथ ही रहता था, वह शांत स्वभाव का है इसलिए उसको किसी तरह से की परेशानी नहीं होने दी गई और हर तरह से ख्याल रखा गया।
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