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भारी विरोध के बीच 7.70 करोड़ की 7040 वर्ग मीटर भूमि से हटाया अतिक्रमण

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 26 Aug 2021 12:50 AM IST
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Amidst heavy protests, seven thousand square meters of land on the banks of Ramganga was freed
मुरादाबाद। माफिया की मिलीभगत से चक्कर की मिलक क्षेत्र में रामगंगा किनारे सिंचाई विभाग की सात हजार वर्ग मीटर जमीन पर हुए अवैध कब्जे को बलपूर्वक हटवाया गया। इस बीच कब्जा और अतिक्रमण हटवाने पहुंची टीम को लोगों का भारी विरोध झेलना पड़ा। सात करोड़ 70 लाख कीमत की इस जमीन पर करीब 45 जगह चहारदीवारी और कच्चे-पक्के निर्माण कर लिए गए थे। विरोध के दौरान महिलाओं ने हंगामा किया, आरोप है कि कुछ लोगों ने जेसीबी पर पत्थर फेंके और बच्चों को आगे कर सरकारी काम में बाधा डाली।
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रामगंगा से शहर को भविष्य में संभावित खतरे को देखते हुए तटबंध का निर्माण किया जाना है, लेकिन शहर से सटे रामगंगा की काफी भूमि पर अवैध कब्जे के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा है। हाल ही में मंडलायुक्त ने इस पर नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग, नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम बनाकर अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिये थे। इस निर्देश के क्रम में बुधवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट, अपर नगर आयुक्त (नगर निगम), सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता भारी पुलिस बल, पीएसी और प्रवर्तन दल के साथ जेसीबी आदि के साथ चक्कर की मिलक रामगंगा किनारे पहुंच गए। जैसे ही टीम ने अतिक्रमण हटाना शुरू किया वैसे ही कई महिलाएं जेसीबी के आगे आ गईं और संबंधित भूमि को मेहनत मजदूरी कर खरीदने की बात कहते हुए विरोध करना शुरू कर दिया। कुछ ने अभिलेख भी दिखाने की कोशिश की।
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निगम अधिकारियों का आरोप है कि कुछ महिलाओं ने अपने छोटे बच्चों को जेसीबी के आगे कर दिया। यही नहीं कुछ अतिक्रमणकारियों ने जेसीबी पर पत्थर भी फेंके। सिटी मजिस्ट्रेट महेंद्र पाल सिंह और अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार ने माइक से उद्घोषणा कर कार्रवाई की चेतावनी दी। पुलिस टीम ने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। अधिकारियों ने विरोध कर रहे लोगों को बताया कि यह भूमि सिंचाई विभाग की है। उनके पास जो भी अभिलेख हैं वह गलत हैं। इसके बाद विरोध कर रहे लोग कुछ शांत हुए।
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काफी जद्दोजहद और नोकझोंक के बाद प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर सका। अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार ने बताया कि इस दौरान टीम ने सात करोड़ 70 लाख रुपये कीमत की 7040 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने बताया कि इसमें 35 स्थानों पर चहारदीवारी बना ली थी, जबकि सात जगह कच्ची छत वाले तो तीन पक्की छत वाले निर्माण थे। जिन्हें ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मौके पर उद्घोषणा कर दोबारा अवैध कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दे दी गई है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को भी उसकी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
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