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कोविड अस्पताल में संक्रमित युवक को छोड़कर भागा एंबुलेंस चालक
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मुरादाबाद। एमसीएच विंग स्थित कोविड 19 एल टू अस्पताल में एंबुलेंस चालक संक्रमित युवक को छोड़कर फरार हो गया। युवक का मेरठ के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। युवक की हालत गंभीर बनी है। वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस भी निजी अस्पताल की थी। निजी अस्पताल की इस लापरवाही पर सीएमओ कार्यालय ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी है।
सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने बताया कि बिजनौर, नहटौर का 27 साल के युवक का मवाना रोड़ मेरठ के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। युवक वहां पॉजिटिव आया और वेंटिलेटर पर था। निजी अस्पताल ने बिना सूचना के अपने अस्पताल की वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस से संक्रमित युवक को मुरादाबाद एमसीएच विंग में छोड़ दिया। युवक के परिजन भी एंबुलेंस में आए थे। एंबुलेंस चालक युवक और उसके परिवार को अस्पताल के बाहर सड़क पर ही छोड़कर फरार हुआ। युवक के गले में आक्सीजन के लिए ईटी ट्यूब लगी हुई थी। युवक को तड़पता देख अस्पताल के स्टाफ ने कोविड अस्पताल प्रशासन को सूचना दी। परिवारजनों से जब रेफर कागज मांगा गया तो उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल ने कोई कागज नहीं दिया है। सीएमओ ने बताया कि युवक को फिलहाल एमसीएच के कोविड एल टू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। उसे टीएमयू रेफर किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि निजी अस्पताल ने लापरवाही बरती है। अस्पताल के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में शिकायत दी गई है।
नोएडा में मुरादाबाद के तीन हजार सैंपलों की जांच अटकी
मुरादाबाद। संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले सांसदों के कोरोना सैंपल होने से मुरादाबाद के करीब तीन हजार सैंपलों की जांच लटक गई है। एहतियातन संसद सत्र शुरू होने से पहले सांसदों के कोरोना जांच हो रही है। अधिकतर सांसदों की जांच नोएडा स्थित लैब से आरटीपीसीआर कराई जा रही है। सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने बताया कि इससे मुरादाबाद के अलावा अन्य जिलों के सैंपलों की जांच प्रभावित हुई है। मुरादाबाद के नौ सितंबर से 13 सितंबर तक करीब तीन हजार सैंपल लंबित हो गए हैं।
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सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने बताया कि बिजनौर, नहटौर का 27 साल के युवक का मवाना रोड़ मेरठ के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। युवक वहां पॉजिटिव आया और वेंटिलेटर पर था। निजी अस्पताल ने बिना सूचना के अपने अस्पताल की वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस से संक्रमित युवक को मुरादाबाद एमसीएच विंग में छोड़ दिया। युवक के परिजन भी एंबुलेंस में आए थे। एंबुलेंस चालक युवक और उसके परिवार को अस्पताल के बाहर सड़क पर ही छोड़कर फरार हुआ। युवक के गले में आक्सीजन के लिए ईटी ट्यूब लगी हुई थी। युवक को तड़पता देख अस्पताल के स्टाफ ने कोविड अस्पताल प्रशासन को सूचना दी। परिवारजनों से जब रेफर कागज मांगा गया तो उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल ने कोई कागज नहीं दिया है। सीएमओ ने बताया कि युवक को फिलहाल एमसीएच के कोविड एल टू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। उसे टीएमयू रेफर किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि निजी अस्पताल ने लापरवाही बरती है। अस्पताल के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में शिकायत दी गई है।
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नोएडा में मुरादाबाद के तीन हजार सैंपलों की जांच अटकी
मुरादाबाद। संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले सांसदों के कोरोना सैंपल होने से मुरादाबाद के करीब तीन हजार सैंपलों की जांच लटक गई है। एहतियातन संसद सत्र शुरू होने से पहले सांसदों के कोरोना जांच हो रही है। अधिकतर सांसदों की जांच नोएडा स्थित लैब से आरटीपीसीआर कराई जा रही है। सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने बताया कि इससे मुरादाबाद के अलावा अन्य जिलों के सैंपलों की जांच प्रभावित हुई है। मुरादाबाद के नौ सितंबर से 13 सितंबर तक करीब तीन हजार सैंपल लंबित हो गए हैं।
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