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अखिलेश यादव ने आजम खान से उनके आवास पर की मुलाकात, सुरक्षा का रहा कड़ा पहरा
Fri, 22 Jan 2021 03:25 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Fri, 22 Jan 2021 03:25 PM IST
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अखिलेश यादव ने आजम खान से उनके आवास पर की मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को आजम खान से उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने आजम खान की पत्नी तंजीन फात्मा से भी मिले। बरेली मार्ग से होते हुए शुक्रवार दोपहर में रामपुर पहुंचे थे। इस दौरान आजम खान के आवास पर पुलिस सुरक्षा का कड़ा पहरा था।
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम को राहत दी। सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार की जमानत रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया। यूपी सरकार ने जन्म प्रमाण पत्र बनाने के एक कथित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द करने से इनकार कर दिया। इसी के साथ शीर्ष अदालत ने तीनों को जमानत दिए जाने के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका खारिज कर दी। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा, हमारे मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश में कुछ गलत नहीं है, ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने का कोई कारण नहीं बनता।
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बीते साल 13 अक्तूबर को इस मामले में हाईकोर्ट ने तीनों को जमानत दी थी। आजम खान एवं उनकी पत्नी पर आरोप है कि उन्होंने बेटे अब्दुल्ला आजम खान का प्रमाणपत्र दो जगहों से बनवाया था और दोनों प्रमाणपत्रों में जन्मतिथि अलग-अलग है।
वहीं उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान और पत्नी डॉ. तंजीन फात्मा को एक भूमि विवाद मामले में उनकी कथित संलिप्तता में जमानत दी गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) शरद अरविंद बोबडे की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया और तीनों को राहत दी।
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गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम को राहत दी। सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार की जमानत रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया। यूपी सरकार ने जन्म प्रमाण पत्र बनाने के एक कथित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।
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सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द करने से इनकार कर दिया। इसी के साथ शीर्ष अदालत ने तीनों को जमानत दिए जाने के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका खारिज कर दी। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा, हमारे मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश में कुछ गलत नहीं है, ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने का कोई कारण नहीं बनता।
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बीते साल 13 अक्तूबर को इस मामले में हाईकोर्ट ने तीनों को जमानत दी थी। आजम खान एवं उनकी पत्नी पर आरोप है कि उन्होंने बेटे अब्दुल्ला आजम खान का प्रमाणपत्र दो जगहों से बनवाया था और दोनों प्रमाणपत्रों में जन्मतिथि अलग-अलग है।
वहीं उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान और पत्नी डॉ. तंजीन फात्मा को एक भूमि विवाद मामले में उनकी कथित संलिप्तता में जमानत दी गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) शरद अरविंद बोबडे की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया और तीनों को राहत दी।