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Moradabad News: पाकबड़ा में वर्षों बाद श्मशान निर्माण के लिए राजस्व विभाग ने जमीन दी
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पाकबड़ा। नगर पंचायत पाकबड़ा में श्मशान की जमीन पर अवैध कब्जों के कारण रुके हुए निर्माण कार्य को अब हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। राजस्व विभाग ने 980 मीटर जमीन पर श्मशान घाट निर्माण के लिए डीएम को प्रस्ताव भेज दिया है। जिला प्रशासन से स्वीकृति मिलने पर नगर पंचायत श्मशान घाट का निर्माण कराएगी।
पाकबड़ा में श्मशान घाट का मुद्दा वर्षों से गरमाया है। नगर पंचायत के सभासद हिमांशु गप्ता, रोहित सैनी, बंटी जाटव, रंजीत सैनी और विनोद पाल का कहना है कि उन्होंने श्मशान घाट की जमीन के लिए कई वषों से मुद्दा उठा रहे हैं लेकिन श्मशान के लिए आवंटित भूमि पर कुछ लोगों ने दुकानें बनाकर उस पर कब्जा जमा लिया है। इस वजह से नगर में अंतिम संस्कार के लिए कोई उचित स्थान नहीं बचा था। इस समस्या का सबसे बुरा दौर कोरोना काल में दिखाई दिया। महामारी के दौरान जब मौतों का आंकड़ा बढ़ा तो परिजनों को अपनों के अंतिम संस्कार के लिए दर-दर भटकना पड़ा। पाकबड़ा में जगह न होने के कारण लोगों को कई किमी दूर तक दूसरे गांवों और निजी जमीनों पर अंतिम संस्कार करने को मजबूर होना पड़ा। लोगों की मांग को देखते हुए शासन ने करीब डेढ़ साल पहले ही श्मशान निर्माण के लिए 38 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया था। बजट उपलब्ध होने के बावजूद जमीन पर अवैध कब्जा के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। प्रशासन और भू-माफिया के बीच खींचतान में विकास कार्य अटका पड़ा था। राजस्व विभाग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 980 मीटर जमीन को चिन्हित किया और उस पर श्मशान घाट के लिए प्रस्ताव तैयार कर डीएम को भेज दिया है। इस प्रस्ताव के मंजूर होते ही निर्माण कार्य की तकनीकी बाधा दूर हो जाएगी। नगर पंचायत के चेयरमैन याकूब ने बताया की बजट पिछले डेढ़ साल से पड़ा है। जमीन पर आधिकारिक कब्जा मिलने पर नगर पंचायत निर्माण कार्य शुरू कराएगा। भाजपा नेता रिंकू गोस्वामी ने बताया कि पाकबड़ा में शमशान घाट का निर्माण धार्मिक और सामाजिक आवश्यकता ही नहीं यह नागरिक सुविधाओं के अधिकार से भी जुड़ा मामला है। अवैध कब्जे हटने और राजस्व विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजे जाने से अब विकास की राह साफ हो गई है। उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में लोगों की सुविधा के लिए पाकबड़ा को आधुनिक श्मशान घाट मिल जाएगा।
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पाकबड़ा में श्मशान घाट का मुद्दा वर्षों से गरमाया है। नगर पंचायत के सभासद हिमांशु गप्ता, रोहित सैनी, बंटी जाटव, रंजीत सैनी और विनोद पाल का कहना है कि उन्होंने श्मशान घाट की जमीन के लिए कई वषों से मुद्दा उठा रहे हैं लेकिन श्मशान के लिए आवंटित भूमि पर कुछ लोगों ने दुकानें बनाकर उस पर कब्जा जमा लिया है। इस वजह से नगर में अंतिम संस्कार के लिए कोई उचित स्थान नहीं बचा था। इस समस्या का सबसे बुरा दौर कोरोना काल में दिखाई दिया। महामारी के दौरान जब मौतों का आंकड़ा बढ़ा तो परिजनों को अपनों के अंतिम संस्कार के लिए दर-दर भटकना पड़ा। पाकबड़ा में जगह न होने के कारण लोगों को कई किमी दूर तक दूसरे गांवों और निजी जमीनों पर अंतिम संस्कार करने को मजबूर होना पड़ा। लोगों की मांग को देखते हुए शासन ने करीब डेढ़ साल पहले ही श्मशान निर्माण के लिए 38 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया था। बजट उपलब्ध होने के बावजूद जमीन पर अवैध कब्जा के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। प्रशासन और भू-माफिया के बीच खींचतान में विकास कार्य अटका पड़ा था। राजस्व विभाग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 980 मीटर जमीन को चिन्हित किया और उस पर श्मशान घाट के लिए प्रस्ताव तैयार कर डीएम को भेज दिया है। इस प्रस्ताव के मंजूर होते ही निर्माण कार्य की तकनीकी बाधा दूर हो जाएगी। नगर पंचायत के चेयरमैन याकूब ने बताया की बजट पिछले डेढ़ साल से पड़ा है। जमीन पर आधिकारिक कब्जा मिलने पर नगर पंचायत निर्माण कार्य शुरू कराएगा। भाजपा नेता रिंकू गोस्वामी ने बताया कि पाकबड़ा में शमशान घाट का निर्माण धार्मिक और सामाजिक आवश्यकता ही नहीं यह नागरिक सुविधाओं के अधिकार से भी जुड़ा मामला है। अवैध कब्जे हटने और राजस्व विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजे जाने से अब विकास की राह साफ हो गई है। उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में लोगों की सुविधा के लिए पाकबड़ा को आधुनिक श्मशान घाट मिल जाएगा।
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