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बादलों के बरसने के बाद भी सामान्य से 172 मिली मीटर कम है बारिश

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2020 01:57 AM IST
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after heavy rain in august the percentage is too low to meter
मुरादाबाद में सुबह में आसमान में बादल छाए तो दिन में ही रात जैसा नजारा हा गया। - फोटो : CITY
अमर उजाला ब्यूरो
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मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण काल की वजह से स्वच्छ हुए पर्यावरण के कारण मौसम विभाग ने मानसून के सामान्य रहने की संभावना व्यक्त की थी, लेकिन अगस्त माह तक मुरादाबाद में अभी भी सामान्य बारिश से 172.2 मिली मीटर कम बारिश हुई है। पिछले सात वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2015 के बाद से वर्ष 2020 में अगस्त माह में सबसे कम बारिश हुई है, जबकि जून-जुलाई-अगस्त माह के सीजन में अब तक गत छह वर्ष की सबसे कम बारिश है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सितंबर माह में मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है। इससे स्थानीय स्तर पर भी सामान्य बारिश होने की संभावना बन रही है।
पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि 31 अगस्त को तीन मिली मीटर, एक सितंबर को 19 मिली मीटर और दो सितंबर को 32 मिली मीटर बारिश की संभावना है। बूंदाबांदी और बादल ही रह सकता है। इसके बाद सक्रिय होगा तो एक और दो सितंबर को मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बारिश कम हो रही है। दिल्ली से देशभर का जारी होने वाले पूर्वानुमान के अनुसार अगस्त में सामान्य बारिश हुई है। सितंबर माह में मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग का मानना है कि 75 फीसदी जनपदों में सामान्य बारिश हुई है तो उसे सामान्य मान लेते हैं। भले ही 25 फीसदी जनपदों में सामान्य से कम बारिश हो। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि सामान्य बारिश के लिए प्रदेश की औसत बारिश ली जाती है। ऐसे में किसी जनपद में कम और किसी जनपद में अधिक बारिश होती है। अभी एक-दो दिन कम बारिश होगी या बादल आते-जाते रहेंगे। एक सितंबर के बाद में मध्यम बारिश का अनुमान है।
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रेन शेडो जोन में है मुरादाबाद
डॉ. आरके सिंह के अनुसार मुरादाबाद में पूरे मानसून सीजन में सात सौ मिलीमीटर के आस-पास होती है। अगस्त माह तक छह सौ मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए। कुछ क्षेत्र रेन शेडो जोन में आते हैं। इसका अर्थ है कि इन जनपदों में प्राकृतिक कारणों से बारिश कम होती है। मुरादाबाद के कुछ क्षेत्र इसमें शामिल हैं। इसमें ठाकुरद्वारा, बिलारी, कुंदरकी के अलावा मुरादाबाद शहर आते हैं। इन क्षेत्रों में बारिश की हवाएं कम पहुंचती है। शहर वैसे भी गर्मी के स्रोत होते हैं। इसमें औद्योगिक कारखाने और यातायात प्रमुख कारण है। यह नमी की हवाओं में पुन: वाष्प बना देते हैं।
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शाम को छा गईं काली घटाएं
रविवार को सुबह से आसमान में बादलों की आवाजाही लगी हुई थी। कभी हल्के बादल तो कभी तेज धूप निकल रही थी। दोपहर करीब पौने तीन बजे बूंदाबांदी हुई और धूप निकल आई। इसके बाद करीब साढ़े चार बजे आसमान में काली घनी घटाएं छा गईं। ठंडी हवाएं चलने लगीं। इससे उमस और गर्मी से राहत मिली।
इनसेट....
वर्ष अगस्त जून से अगस्त
2014 59.2 420
2015 110.3 461.5
2016 196 741.6
2017 209.8 629
2018 419.8 817.2
2019 375 675
2020 191.8 427.8
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