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.एक लाख रुपये की सुपारी देकर दुकान के विवाद में पर्दा कारोबार पर कराया था हमला, डॉक्टर समेत चार गिरफ्तार
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मुरादाबाद। पर्दा कारोबारी अशोक कुमार पर उनके किराएदार ने एक लाख रुपये की सुपारी देकर जानलेवा हमला करवाया था। अशोक कुमार किराएदार से दुकान खाली करवाने का मुकदमा चल रहा है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने इस मामले में अमरोहा के पैथलैब संचालक डॉ. सरताज समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में दो आरोपी अभी फरार हैं।
एसपी अपराध अशोक कुमार ने बताया कि कोतवाली के कुमार कुंज निवासी अशोक कुमार की बुधबाजार पुलिस चौकी के पास पर्दे और गद्दों की दुकान है। बुधवार शाम वह दुकान में बैठे थे। इसी दौरान उन पर हमला किया गया था। पुलिस टीमों ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और इस मामले में अमरोहा निवासी चार लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि अशोक कुमार ने एक दूसरी दुकान कटघर के लाजपत नगर निवासी फजलू रहमान निवासी को किराये पर दी थी। इस दुकान को खाली कराने को लेकर फजलू रहमान से काफी दिन से विवाद चल रहा था। फजलू रहमान व उसका भाई नासिर कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं। कुछ माह पहले फजलू रहमान की मृत्यु हो गई थी। तब से अकेला नासिर पैरवी कर रहा है। बताया जा रहा है कि नासिर मुंबई में रहकर व्यापार करता है। वह कभी-कभी मुरादाबाद भी आता है। पुलिस का दावा है कि नासिर को लगने लगा था की दुकान खाली कराने का मुकदमा अशोक कुमार जीत जाएंगे और उसे दुकान खाली करनी पड़ेगी। इसी डर में उसने अपने परिचित पैथोलॉजी लैब टेक्नीशियन डॉ. सरताज निवासी सदपुर थाना नौगांवा जनपद अमरोहा से अशोक कुमार को ठिकाने लगवाने के लिए कुछ लोगों को बुलाने की बात की थी। जिसके लिए नासिर ने सरताज से अमरोहा में उसका बिजनेस खड़ा कराने में रुपये देकर मदद करने का भी भरोसा दिया था। इस लालच में सरताज ने थाना अमरोहा नगर क्षेत्र के इस्लामनगर निवासी सलीम माध्यम से मुर्तजा हसन निवासी मोहल्ला नौगजा और अनस उर्फ सोनू निवासी मोहल्ला कटकुई से बात की थी। अशोक को ठिकाने लगाने के लिए एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। नासिर ने डॉ. सरताज के पास रुपये भिजवा दिए थे। वारदात अंजाम देने के लिए मुर्तजा हसन व अनस उर्फ सोनू ने अपने साथी अमरोहा नगर के मोहल्ला लाकड़ो निवासी जीशान हैदर उर्फ फैजी और शाहबाजपुर डोल निवासी हैदर से बात की। दोनों ने जीशान हैदर उर्फ फैजी को एक 12 बोर का तमंचा और तीन कारतूस भी उपलब्ध कराए। प्लानिंग के तहत तेरह जनवरी को मुर्तजा हसन, अनस उर्फ सोनू, जीशान हैदर उर्फ फैजी और हैदर ने अशोक की दुकान की रेकी की थी। पंद्रह अप्रैल को घटना को अंजाम देने के लिए जीशान उर्फ फैजी और हैदर बाइक से और मुर्तजा हसन और अनस उर्फ सोनू चार पहिया गाड़ी से मुरादाबाद स्थित बुधबाजार आए थे। बाइक चला रहे हैदर ने जीशान उर्फ फैजी को अशोक कुमार की दुकान के पास उतार दिया। जिसके बाद जीशान उर्फ फैजी ने पन्नी में लिए तमंचे से दुकान के अंदर जाकर अशोक कुमार पर गोली दागी और मौके से भाग निकला था।
चार आरोपी भेजे गए जेल
मुरादाबाद। एसपी अपराध अशोक कुमार ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी जीशान उर्फ फैजी, हैदर डॉ. सरताज और मुर्तजा को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से चारों को जेल भेज दिया गया है।
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सुपारी देने वाला नासिर समेत तीन आरोपी फरार
मुरादाबाद। पर्दा कारोबारी अशोक कुमार की हत्या के लिए सुपारी देने वाला मुख्य आरोपी नासिर, अनस उर्फ सोनू और सलीम फरार हैं। जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है।
जानलेवा हमले के मामले में दोबारा जांच शुरू
मुरादाबाद। एसपी अपराध अशोक कुमार ने बताया कि 2015 में आशोक कुमार के साले सुनील गुप्ता के बेटे शिव गुप्ता तीन अज्ञात लोगों ने गोली मार दी। इस मामले में कोतवाली में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद केस में एफआर लगा दी थी। अब इस केस की दोबारा जांच शुरू की गई है। एसपी का कहना है कि घटना के समय शिव गुप्ता अशोक कुमार के पास खड़ा था। अब पुलिस को शक है कहीं इसी विवाद में तो उस वक्त भी हमला तो नहीं कराया गया था।
पहले घटना से इनकार, फिर गोली से हमला बताया, कुछ घंटे बाद देसी बम और अब खुलासा गोली...
- कोतवाली पुलिस ने इस घटना को लेकर पहले दिन से गंभीरता नहीं दिखाई
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। शहर के बीच बीचों व्यस्तम बाजार में दुकान में बैठे पर्दा कारोबारी को गोली मारी गई। उस वक्त शहर में शोभा यात्रा निकाली जा रही थी। जिस कारण रास्तों पर जगह जगह पुलिस बल तैनात था। बावजूद इसके कोतवाली तीन घंटे तक घटना होने से इनकार करती रही। मामला अफसरों तक पहुंचा तो तीन घंटे बाद कोतवाली पुलिस हरकत में आई। इसके बाद पुलिस ने मौका मुआयाना किया और अस्पताल पहुंचकर घायल से पूछताछ की। तब पुलिस ने गोली मारे जाने की पुष्टि की, लेकिन सुबह होते ही कोतवाली पुलिस ने गोली मारने की घटना से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने देसी बम से हमला की घटना बताई। एसओजी ने हमलावरों को पकड़कर पूछताछ की तो उन्होंने तमंचे से फायरिंग करने की बात कही है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तमंचा भी बरामद किया है।
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एसपी अपराध अशोक कुमार ने बताया कि कोतवाली के कुमार कुंज निवासी अशोक कुमार की बुधबाजार पुलिस चौकी के पास पर्दे और गद्दों की दुकान है। बुधवार शाम वह दुकान में बैठे थे। इसी दौरान उन पर हमला किया गया था। पुलिस टीमों ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और इस मामले में अमरोहा निवासी चार लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि अशोक कुमार ने एक दूसरी दुकान कटघर के लाजपत नगर निवासी फजलू रहमान निवासी को किराये पर दी थी। इस दुकान को खाली कराने को लेकर फजलू रहमान से काफी दिन से विवाद चल रहा था। फजलू रहमान व उसका भाई नासिर कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं। कुछ माह पहले फजलू रहमान की मृत्यु हो गई थी। तब से अकेला नासिर पैरवी कर रहा है। बताया जा रहा है कि नासिर मुंबई में रहकर व्यापार करता है। वह कभी-कभी मुरादाबाद भी आता है। पुलिस का दावा है कि नासिर को लगने लगा था की दुकान खाली कराने का मुकदमा अशोक कुमार जीत जाएंगे और उसे दुकान खाली करनी पड़ेगी। इसी डर में उसने अपने परिचित पैथोलॉजी लैब टेक्नीशियन डॉ. सरताज निवासी सदपुर थाना नौगांवा जनपद अमरोहा से अशोक कुमार को ठिकाने लगवाने के लिए कुछ लोगों को बुलाने की बात की थी। जिसके लिए नासिर ने सरताज से अमरोहा में उसका बिजनेस खड़ा कराने में रुपये देकर मदद करने का भी भरोसा दिया था। इस लालच में सरताज ने थाना अमरोहा नगर क्षेत्र के इस्लामनगर निवासी सलीम माध्यम से मुर्तजा हसन निवासी मोहल्ला नौगजा और अनस उर्फ सोनू निवासी मोहल्ला कटकुई से बात की थी। अशोक को ठिकाने लगाने के लिए एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। नासिर ने डॉ. सरताज के पास रुपये भिजवा दिए थे। वारदात अंजाम देने के लिए मुर्तजा हसन व अनस उर्फ सोनू ने अपने साथी अमरोहा नगर के मोहल्ला लाकड़ो निवासी जीशान हैदर उर्फ फैजी और शाहबाजपुर डोल निवासी हैदर से बात की। दोनों ने जीशान हैदर उर्फ फैजी को एक 12 बोर का तमंचा और तीन कारतूस भी उपलब्ध कराए। प्लानिंग के तहत तेरह जनवरी को मुर्तजा हसन, अनस उर्फ सोनू, जीशान हैदर उर्फ फैजी और हैदर ने अशोक की दुकान की रेकी की थी। पंद्रह अप्रैल को घटना को अंजाम देने के लिए जीशान उर्फ फैजी और हैदर बाइक से और मुर्तजा हसन और अनस उर्फ सोनू चार पहिया गाड़ी से मुरादाबाद स्थित बुधबाजार आए थे। बाइक चला रहे हैदर ने जीशान उर्फ फैजी को अशोक कुमार की दुकान के पास उतार दिया। जिसके बाद जीशान उर्फ फैजी ने पन्नी में लिए तमंचे से दुकान के अंदर जाकर अशोक कुमार पर गोली दागी और मौके से भाग निकला था।
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चार आरोपी भेजे गए जेल
मुरादाबाद। एसपी अपराध अशोक कुमार ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी जीशान उर्फ फैजी, हैदर डॉ. सरताज और मुर्तजा को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से चारों को जेल भेज दिया गया है।
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सुपारी देने वाला नासिर समेत तीन आरोपी फरार
मुरादाबाद। पर्दा कारोबारी अशोक कुमार की हत्या के लिए सुपारी देने वाला मुख्य आरोपी नासिर, अनस उर्फ सोनू और सलीम फरार हैं। जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है।
जानलेवा हमले के मामले में दोबारा जांच शुरू
मुरादाबाद। एसपी अपराध अशोक कुमार ने बताया कि 2015 में आशोक कुमार के साले सुनील गुप्ता के बेटे शिव गुप्ता तीन अज्ञात लोगों ने गोली मार दी। इस मामले में कोतवाली में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद केस में एफआर लगा दी थी। अब इस केस की दोबारा जांच शुरू की गई है। एसपी का कहना है कि घटना के समय शिव गुप्ता अशोक कुमार के पास खड़ा था। अब पुलिस को शक है कहीं इसी विवाद में तो उस वक्त भी हमला तो नहीं कराया गया था।
पहले घटना से इनकार, फिर गोली से हमला बताया, कुछ घंटे बाद देसी बम और अब खुलासा गोली...
- कोतवाली पुलिस ने इस घटना को लेकर पहले दिन से गंभीरता नहीं दिखाई
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। शहर के बीच बीचों व्यस्तम बाजार में दुकान में बैठे पर्दा कारोबारी को गोली मारी गई। उस वक्त शहर में शोभा यात्रा निकाली जा रही थी। जिस कारण रास्तों पर जगह जगह पुलिस बल तैनात था। बावजूद इसके कोतवाली तीन घंटे तक घटना होने से इनकार करती रही। मामला अफसरों तक पहुंचा तो तीन घंटे बाद कोतवाली पुलिस हरकत में आई। इसके बाद पुलिस ने मौका मुआयाना किया और अस्पताल पहुंचकर घायल से पूछताछ की। तब पुलिस ने गोली मारे जाने की पुष्टि की, लेकिन सुबह होते ही कोतवाली पुलिस ने गोली मारने की घटना से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने देसी बम से हमला की घटना बताई। एसओजी ने हमलावरों को पकड़कर पूछताछ की तो उन्होंने तमंचे से फायरिंग करने की बात कही है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तमंचा भी बरामद किया है।
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