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Moradabad News: चकबंदी कार्यालय में अधिवक्ता और किसानों ने किया हंगामा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2026 02:06 AM IST
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Advocates and farmers created ruckus in the consolidation office.
ठाकुरद्वारा। चकबंदी कार्यालय में मंगलवार को किसानों और अधिवक्ता ने भूमि संबंधी मामलों को लटकाने, गलत आदेश करने, दो साल बाद भी विरासत दर्ज न होने और पैसे लेने का गंभीर आरोप लगाया। इस पर अधिवक्ता, किसानों और चकबंदी अधिकारी विनय कुमार श्रीवास्तव के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
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चकबंदी अधिकारी ने अधिवक्ता पर मुकदमे संबंधी फाइल छीनने के प्रयास और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। करीब एक घंटे तक कार्यालय में हंगामा चलता रहा। अधिवक्ता सत्यवीर सिंह ने आरोप को गलत बताया। अधिवक्ता का कहना है कि सरकार बनाम धर्म सिंह ग्राम सैजनी का भूमि संबंधी मुकदमा चकबंदी अधिकारी के यहां चल रहा है। उनका आरोप है कि नोटिस का तामील हुए बिना और उनका पक्ष सुने बिना ही एक पक्षीय आदेश कर दिया। चकबंदी अधिकारी ने आरोप को गलत बताया। गांव कांकरखेड़ा के प्रधान फिरासत हुसैन ने कहा कि गांव के अली हसन और इबले हसन के पिता की दो वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी लेकिन अभी तक उनकी विरासत दर्ज नहीं की गई है। अहमद हसन ने आरोप लगाया कि उससे विरासत दर्ज करने के लिए कार्यालय में काम करने वाले एक व्यक्ति ने 1500 रुपये भी ले लिए लेकिन इसके अभी तक विरासत दर्ज नहीं हुई है।
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ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया कि चकबंदी विभाग के राजस्व निरीक्षक ने उनके गांव में एक किसान का खनन दिखाकर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी। प्रधान का दावा था कि किसान के यहां खनन भी नहीं हुआ है और उसे करीब एक लाख रुपये के जुर्माने का नोटिस भी मिल गया है। वहीं चकबंदी अधिकारी ने अधिवक्ता की मुकदमे संबंधी फाइल मंगवाई। जिसकी जांच पर मुकदमे में धर्म सिंह को नोटिस नहीं दिए जाने का मामला सामने आया। उस पर किसी अन्य के तामील में हस्ताक्षर मिले। इस पर चकबंदी अधिकारी ने लापरवाह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का स्पष्टीकरण लेने और जांच करने का आश्वासन दिया। उनका कहना है कि उन्होंने इस फाइल में कोई आदेश नहीं किया है। सिर्फ एक पक्षीय कार्रवाई के लिए लिख दिया था। इस पर अधिवक्ता और अन्य लोग शांत हुए।
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फोटो 1,2 ठाकुरद्वारा चकबंदी कार्यालय में हंगामा और नोकझोंक करते अधिवक्ता और किसान
संवाद
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