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जनता खुद को भी समझे पुलिस, तो अपराध पर लगे अंकुश
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मुरादाबाद। मोहर्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एडीजी बरेली जोन अविनाश चंद्र शुक्रवार शाम को मुरादाबाद पहुंचे। यहां पर उन्होंने दो थानों का निरीक्षण किया। पुलिस बल के साथ बाजार में पैदल गश्त की और व्यापारियाें से मुलाकात कर उन्होंने जनपद में आपराधिक वारदाताें, व्यापारियों और जनता की परेशानियों के बारे में जानकारी ली और जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि जनता और पुलिस की कार्यशैली के बीच कोई अंतर नहीं होना चाहिए। जनता को भी पुलिस की तरह ही काम करना चाहिए और अपने आसपास हो रहे अपराध के बारे में सूचना देनी चाहिए, जिससे कि बदमाशों पर लगाम लग सके।
शाम करीब छह बजे एडीजी मुरादाबाद पहुंचे। यहां से वे अचानक नागफनी थाने का निरीक्षण करने के लिए पहुंच गए। वहां पर आपराधिक वारदातों के बारे में जानकारी की। रजिस्टर चेक किए, बदमाशों के बारे में एसएचओ सुनील कुमार से जानकारी मांगी। एडीजी ने कहा कि अपराधियाें पर नियमित निगरानी की जाए। वह इसमें लापरवाही न बरतें। भले ही किसी व्यक्ति का आपराधिक इतिहास न हो लेकिन वह आपराधिक प्रवृति का हो तो उस पर पैनी नजर रखी जाए। जिससे की किसी अपराध को घटित होेने से पहले रोका जा सके । यहां निरीक्षण के बाद एडीजी तहसील स्कूल पहुंचे। यहां से पुलिस बल के साथ शहर कोतवाली तक पैदल भ्रमण किया। इसके बाद कोतवाली का निरीक्षण किया और पुलिस विभाग में हाल ही में भर्ती हुए सिपाहियों से पूछताछ कर उनकी परेशानियों के बारे में पूछा। इसके साथ ही एडीजी ने उनको जानकारी दी कि किस तरह से संदिग्धों को ट्रेस करना है। मनचलों, चोरों और लुटेरों के बारे में जानकारी एकत्रित कर कार्रवाई की जाए। थानों के निरीक्षण और बाजार में भ्रमण के दौरान एडीजी के साथ आईजी रमित शर्मा, एसएसपी अमित पाठक, एसपी सिटी अंकित मित्तल, एसपी यातायात सतीश चंद्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
भीड़ को भड़काने वालों पर होगी कठोरतम कार्रवाई
मुरादाबाद। एडीजी ने बताया कि बच्चा चोर बताकर किसी बेकसूर की पिटाई करने का मामला हो या फिर धार्मिक त्यौहारों के बीच भीड़ को उकसाकर जनपद में किसी प्रकार से अशांति फैलाने की कोशिश। ऐसा करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोग पुलिस की रडार पर हैं। उनको चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही एडीजी ने अपील करते हुए कहा कि जनता को किसी के उकसावे में नहीं आना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति किसी बेकुसूर की पिटाई कर रहा है तो उस व्यक्ति को ऐसे लोगों से बचाने का प्रयास आमजन को करना चाहिए। ऐसे मामले में तुरंत पुलिस को सूचना दें, जिससे की किसी अप्रिय घटना को होने से बचाया जा सके।
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त्रिनेत्र एप के बारे में पूछा तो खामोश हो गए कई पुलिस वाले
मुरादाबाद। एडीजी ने नागफनी थाने में निरीक्षण के दौरान रजिस्टर पर अंकित सूचनाआें, सूचनाओं के अंकित करने के बिंदुओं और लिखावट की तारीफ की। लेकिन जब उन्होंने त्रिनेत्र एप के बारे में पूछा तो पुलिसकर्मी सहित कुछ अफसर जानकारी नहीं दे सके। एडीजी ने एक बदमाश का नाम लिया और उसके बारे में त्रिनेत्र एप पर जानकारी अपडेट है या नहीं ये चेक करने के लिए कहा तो त्रिनेत्र एप ही कई पुलिस अधिकारियों के मोबाइल में नहीं था। हालांकि एसएसपी अमित पाठक, एसपी सिटी अंकित मित्तल ने एडीजी द्वारा पूछे गए बदमाश का ब्यौरा त्रिनेत्र एप में दिखाया। एडीजी ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मोबाइल में त्रिनेत्र एप डाउनलोड कर लें, उसके जरिए बदमाशों के बारे में जानकारी रखी जा सकती है।
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शाम करीब छह बजे एडीजी मुरादाबाद पहुंचे। यहां से वे अचानक नागफनी थाने का निरीक्षण करने के लिए पहुंच गए। वहां पर आपराधिक वारदातों के बारे में जानकारी की। रजिस्टर चेक किए, बदमाशों के बारे में एसएचओ सुनील कुमार से जानकारी मांगी। एडीजी ने कहा कि अपराधियाें पर नियमित निगरानी की जाए। वह इसमें लापरवाही न बरतें। भले ही किसी व्यक्ति का आपराधिक इतिहास न हो लेकिन वह आपराधिक प्रवृति का हो तो उस पर पैनी नजर रखी जाए। जिससे की किसी अपराध को घटित होेने से पहले रोका जा सके । यहां निरीक्षण के बाद एडीजी तहसील स्कूल पहुंचे। यहां से पुलिस बल के साथ शहर कोतवाली तक पैदल भ्रमण किया। इसके बाद कोतवाली का निरीक्षण किया और पुलिस विभाग में हाल ही में भर्ती हुए सिपाहियों से पूछताछ कर उनकी परेशानियों के बारे में पूछा। इसके साथ ही एडीजी ने उनको जानकारी दी कि किस तरह से संदिग्धों को ट्रेस करना है। मनचलों, चोरों और लुटेरों के बारे में जानकारी एकत्रित कर कार्रवाई की जाए। थानों के निरीक्षण और बाजार में भ्रमण के दौरान एडीजी के साथ आईजी रमित शर्मा, एसएसपी अमित पाठक, एसपी सिटी अंकित मित्तल, एसपी यातायात सतीश चंद्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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भीड़ को भड़काने वालों पर होगी कठोरतम कार्रवाई
मुरादाबाद। एडीजी ने बताया कि बच्चा चोर बताकर किसी बेकसूर की पिटाई करने का मामला हो या फिर धार्मिक त्यौहारों के बीच भीड़ को उकसाकर जनपद में किसी प्रकार से अशांति फैलाने की कोशिश। ऐसा करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोग पुलिस की रडार पर हैं। उनको चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही एडीजी ने अपील करते हुए कहा कि जनता को किसी के उकसावे में नहीं आना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति किसी बेकुसूर की पिटाई कर रहा है तो उस व्यक्ति को ऐसे लोगों से बचाने का प्रयास आमजन को करना चाहिए। ऐसे मामले में तुरंत पुलिस को सूचना दें, जिससे की किसी अप्रिय घटना को होने से बचाया जा सके।
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त्रिनेत्र एप के बारे में पूछा तो खामोश हो गए कई पुलिस वाले
मुरादाबाद। एडीजी ने नागफनी थाने में निरीक्षण के दौरान रजिस्टर पर अंकित सूचनाआें, सूचनाओं के अंकित करने के बिंदुओं और लिखावट की तारीफ की। लेकिन जब उन्होंने त्रिनेत्र एप के बारे में पूछा तो पुलिसकर्मी सहित कुछ अफसर जानकारी नहीं दे सके। एडीजी ने एक बदमाश का नाम लिया और उसके बारे में त्रिनेत्र एप पर जानकारी अपडेट है या नहीं ये चेक करने के लिए कहा तो त्रिनेत्र एप ही कई पुलिस अधिकारियों के मोबाइल में नहीं था। हालांकि एसएसपी अमित पाठक, एसपी सिटी अंकित मित्तल ने एडीजी द्वारा पूछे गए बदमाश का ब्यौरा त्रिनेत्र एप में दिखाया। एडीजी ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मोबाइल में त्रिनेत्र एप डाउनलोड कर लें, उसके जरिए बदमाशों के बारे में जानकारी रखी जा सकती है।