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एडी कार्यालय का हाल, काम अधूरा और पेमेंट पूरा
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additional director education office in condum condition
- फोटो : CITY
मुरादाबाद। एडी बेसिक कार्यालय के कायाकल्प में जर्जर भवन में पुराने रिकार्ड रूम के कक्ष की छत का काम अधूरा छोड़ दिया है। ठेकेदार और विभागीय लापरवाही से कार्यालय में बारिश होते ही पानी भर जाता है। इससे पूरा भवन दरकने का खतरा बना है। छत की खपरैल ठीक तरह से बिछाए बगैर ही ठेकेदार को पूरा भुगतान हो गया है।
मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक कार्यालय का भवन करीब 1901 का बना है। भवन की हालत जर्जर है। भवन की छत में मिट्टी की खपरैल (स्लेट) बिछी हैं। बारिश में छत टपकती है। एक हिस्से में एडी बेसिक और दूसरे हिस्से में एडी मध्याह्न भोजन का कार्यालय है। जबकि भवन का अधिकतर खंडहर हिस्सा बंद पड़ा है। एडी बेसिक कार्यालय कक्ष के ठीक पीछे एक कमरा बना है। पहले वह रिकार्ड रूम था। एडी बेसिक कार्यालय का तीन लाख रुपये से कायाकल्प कराया गया है। उनके कक्ष के कार्यालय की छत की खपरैल उतारकर सीमेंट की चादर बिछाई गई है। कार्यालय के भीतर रंगाई पुताई और रिपेयरिंग भी हुई है।
मार्च में कायाकल्प के लिए टेंडर हुआ। ठेकेदार ने एडी कार्यालय कक्ष की छत के अलावा पुराने रिकार्ड रूम की आधे छत की खपरैल भी उतार दी। जबकि रिकार्ड रूम की छत की रिपेयरिंग टेंडर में शामिल नहीं थी। जुलाई में टेंडर के हिसाब से ठेकेदार ने काम पूरा कर सामान समेट लिया। ठेकेदार ने पुराने रिकार्ड रूम के छत की उखाड़ी गई खपरैल ठीक से नहीं लगाई। विभाग ने भी ठेकेदार की लापरवाही पर दरियादिली दिखाते हुए पूरा भुगतान कर दिया। बारिश का पानी खंडहर में भर रहा है। इससे भवन गिरने की आशंका बनी है।
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- टेंडर के हिसाब से ठेकेदार ने काम पूरा कर लिया है। उसके बाद ही भुगतान हुआ है। पुराने रिकार्ड रूम की छत की रिपेयरिंग टेंडर में शामिल नहीं थी। मजदूरों ने गलफहमी के चलते पुराने रिकार्ड रूम की छत की खपरैल भी उतार दी थी। मजदूरों को लगा कि पूरे भवन की छत बदली जानी है। उतारी गई खपरैल दोबारा लगवा दी है।
- संजय रस्तोगी, एडी बेसिक।
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मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक कार्यालय का भवन करीब 1901 का बना है। भवन की हालत जर्जर है। भवन की छत में मिट्टी की खपरैल (स्लेट) बिछी हैं। बारिश में छत टपकती है। एक हिस्से में एडी बेसिक और दूसरे हिस्से में एडी मध्याह्न भोजन का कार्यालय है। जबकि भवन का अधिकतर खंडहर हिस्सा बंद पड़ा है। एडी बेसिक कार्यालय कक्ष के ठीक पीछे एक कमरा बना है। पहले वह रिकार्ड रूम था। एडी बेसिक कार्यालय का तीन लाख रुपये से कायाकल्प कराया गया है। उनके कक्ष के कार्यालय की छत की खपरैल उतारकर सीमेंट की चादर बिछाई गई है। कार्यालय के भीतर रंगाई पुताई और रिपेयरिंग भी हुई है।
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मार्च में कायाकल्प के लिए टेंडर हुआ। ठेकेदार ने एडी कार्यालय कक्ष की छत के अलावा पुराने रिकार्ड रूम की आधे छत की खपरैल भी उतार दी। जबकि रिकार्ड रूम की छत की रिपेयरिंग टेंडर में शामिल नहीं थी। जुलाई में टेंडर के हिसाब से ठेकेदार ने काम पूरा कर सामान समेट लिया। ठेकेदार ने पुराने रिकार्ड रूम के छत की उखाड़ी गई खपरैल ठीक से नहीं लगाई। विभाग ने भी ठेकेदार की लापरवाही पर दरियादिली दिखाते हुए पूरा भुगतान कर दिया। बारिश का पानी खंडहर में भर रहा है। इससे भवन गिरने की आशंका बनी है।
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- टेंडर के हिसाब से ठेकेदार ने काम पूरा कर लिया है। उसके बाद ही भुगतान हुआ है। पुराने रिकार्ड रूम की छत की रिपेयरिंग टेंडर में शामिल नहीं थी। मजदूरों ने गलफहमी के चलते पुराने रिकार्ड रूम की छत की खपरैल भी उतार दी थी। मजदूरों को लगा कि पूरे भवन की छत बदली जानी है। उतारी गई खपरैल दोबारा लगवा दी है।
- संजय रस्तोगी, एडी बेसिक।