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डीसीओ अमरोहा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भेजी शासन को रिपोर्ट
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मुरादाबाद। अमरोहा के जिला गन्ना अधिकारी हेमेंद्र प्रताप अनियमितता के आरोप में घिर गए हैं। उन पर गंगेशरी विकास खंड के स्टेट हाईवे से दडियाल जाने वाले संपर्क मार्ग का निर्माण शासनादेश के विपरीत कराने के साथ उसका भुगतान भी कर देने का आरोप है। टेक्निकल ऑडिट टीम की जांच रिपोर्ट के बाद कमिश्नर ने जिला गन्ना अधिकारी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है।
अमरोहा जिले के विकास खंड गंगेशरी में स्टेट हाईवे से दडियाल गांव को जाने वाला एक संपर्क मार्ग है। करीब 500 मीटर लंबे इस मार्ग पर गन्ना विभाग की ओर से सड़क का निर्माण कराया गया है। इसके एवज में करीब 28 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है। जबकि शासनादेश के मुताबिक इस धनराशि को वहां खर्च नहीं की जानी थी। अथवा शासन से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही यह धनराशि सड़क निर्माण पर खर्च की जा सकती थी। आरोप है कि जिला गन्ना अधिकारी अमरोहा ने इसका पालन नहीं किया। बताया जाता है कि इस मामले की शिकायत मिलने पर शिकायत निस्तारण में भी गलती को छुपाने का प्रयास किया गया। कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने इस मामले की जांच टेक्निकल आडिट सेल से कराई तो मामला पकड़ में आ गया। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि शासन के आदेश के विपरीत सरकारी धन खर्च किए जाने, मामले की जानकारी होने के बाद भी तथ्य को छुपाते हुए उच्चाधिकारियों को गुमराह करने का दोषी डीसीओ मुरादाबाद को पाया गया। जिसके आधार पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। कमिश्नर की इस कार्रवाई से महकमे में खलबली है।
नोट: अमरोहा के लिए आवश्यक
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अमरोहा जिले के विकास खंड गंगेशरी में स्टेट हाईवे से दडियाल गांव को जाने वाला एक संपर्क मार्ग है। करीब 500 मीटर लंबे इस मार्ग पर गन्ना विभाग की ओर से सड़क का निर्माण कराया गया है। इसके एवज में करीब 28 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है। जबकि शासनादेश के मुताबिक इस धनराशि को वहां खर्च नहीं की जानी थी। अथवा शासन से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही यह धनराशि सड़क निर्माण पर खर्च की जा सकती थी। आरोप है कि जिला गन्ना अधिकारी अमरोहा ने इसका पालन नहीं किया। बताया जाता है कि इस मामले की शिकायत मिलने पर शिकायत निस्तारण में भी गलती को छुपाने का प्रयास किया गया। कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने इस मामले की जांच टेक्निकल आडिट सेल से कराई तो मामला पकड़ में आ गया। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि शासन के आदेश के विपरीत सरकारी धन खर्च किए जाने, मामले की जानकारी होने के बाद भी तथ्य को छुपाते हुए उच्चाधिकारियों को गुमराह करने का दोषी डीसीओ मुरादाबाद को पाया गया। जिसके आधार पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। कमिश्नर की इस कार्रवाई से महकमे में खलबली है।
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नोट: अमरोहा के लिए आवश्यक