खबर छपते ही हरकत में आई पुलिस, पकड़ा गया मल जेब में रखवाने वाला
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उसे मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा। कटघर कोतवाली प्रभारी अजय गौतम ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता आशीष बेदी की तहरीर पर अमन के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 504 व 500 (मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने और मान-सम्मान को आघात पहुंचाने) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
रविवार को इस घटना का वीडियो वायरल होने पर डीआईजी के अलावा सारे अफसर पल्ला झाड़ने की कोशिश करते रहे, लेकिन सोमवार को नजारा अलग था। पुलिस मुस्तैद थी। शुरू में इस खबर को साजिश बताने की कोशिश की गई, लेकिन आरोपी अपने बयान पर कायम रहा। बाद में निगम आयुक्त ने पत्रकारों के सामने नगर निगम का पक्ष रखा।
महापौर विनोद अग्रवाल ने कहा कि कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने लोगों को खुले में शौच के खिलाफ जागरूक करने की जरूरत पर जोर दिया। सोमवार सुबह गंगा किनारे शौच करने वाले भी पुलिस कार्रवाई के डर से क्षेत्र छोड़कर भाग गए।
सनद रहे कि कटघर थानाक्षेत्र के रामगंगा में पुल के निकट खुले में शौच करने वालों पर रविवार को जमकर अत्याचार किया गया था। उनको चप्पलों से पीटकर, मुर्गा बनाने के साथ ही मल उठाने को मजबूर किया गया था। उनका मल जबरन पैंट की जेब में भरवा दिया था।
शौचालय बनवा दिए अब लोगों को कैसे रोकें : नगर आयुक्त
हमने शौचालय बनवा दिए। अब लोग खुले में जाते हैं तो उन्हें कैसे रोकें यह कहना है नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा का। उन्होंने कहा कि मानसिकता बदले बिना खुले में शौच करने की प्रवृति पर रोक लगना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने जागरूकता समितियां गठित की हैं। ये वार्डों में सुबह चार बजे निकल जाती हैं।
ये खुले में शौच जाने वालों को देखकर सीटी बजाती हैं और उन्हें शौचालय में जाने की सलाह देती है। अमानवीय यातनाएं देने वालों से निगम का कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद तीन सफाई इंस्पेक्टरों की टीम रामगंगा किनारे घटित घटना की जांच करेगी। टीम एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट और ऐसे हालात को रोकने के संबंध में सुझाव सौंपेगी।