आरोपी ने पुलिस को छकाया: बोला- गाड़ी रोको नहीं तो अंदर ही कर दूंगा उल्टी, फिर चकमा दे भागा, थाने में भी किया ड्रामा
पुलिस आरोपी को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के लिए लेकर जा रही थी। इस दौरान उल्टी का बहाना बनाकर आरोपी ने गाड़ी रुकवाई। मौके पर मौजूद लोगों ने घटनाक्रम का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
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मुरादाबाद में बहन पर हमले का आरोपी पेशी पर ले जाते समय रविवार को पीएसी तिराहे पर उल्टी करने के बहाने गाड़ी से उतरकर भागने लगा, लेकिन छजलैट पुलिस ने उसे दौड़ाकर धर दबोचा। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद से थाने में आरोपी मनोज ने अपना सिर दीवार और चौखट से टकराकर पुलिसकर्मियों को परेशानी में डाल दिया था। हालांकि पुलिस आरोपी के भागने के प्रयास से इनकार कर रही है, पुलिस का दावा है कि आरोपी उल्टी करने उतरा था और सड़क पर लेट गया।
कूरी रवाना निवासी मनोज और उसकी बहन मालती के बीच कृषि भूमि और अन्य संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। रविवार को कहासुनी के दौरान मनोज ने अपनी बहन पर फरसे से हमला कर दिया। घायल बहन ने छजलैट पुलिस से मामले की शिकायत की। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मनोज को हमले के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से हमले में प्रयोग किया गया फरसा भी बरामद किया है। थाने में आने के बाद से ही मनोज ने हंगामा शुरू कर दिया। हवालात में उसने अपना सिर दीवार और चौखट से मारकर खुद को घायल कर लिया। पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में उसका मरहम पट्टी कराई। शाम के समय उपनिरीक्षक तारिक पुलिस फोर्स के साथ आरोपी को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के लिए लेकर जा रहे थे।
गाड़ी रोको नहीं तो उल्टी कर दूंगा
पीएसी तिराहे के समीप गाड़ी पहुंचने पर मनोज ने कहा कि दरोगा जी गाड़ी नहीं रोकी तो अंदर ही उल्टी कर दूंगा। फिर कुछ मत कहना। आरोपी की बात सुनकर पुलिसकर्मी परेशान हो गए। गाड़ी में गंदगी न हो इसके लिए पुलिस नेे जीप रोक दी। आरोपी उल्टी करने के बाद भागने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे धर दबोचा। पकड़े जाने पर वह सड़क पर लेट गया। इस दौरान क्षेत्रीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। पुलिस ने आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया।
पुलिस मानने को तैयार नहीं
थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपी मनोज पुलिस की अभिरक्षा से नहीं भागा था। पुलिस ने उसे उतारा था। वहीं छजलैट थानाध्यक्ष राम प्रकाश सिंह का कहना है कि आरोपी को सिर्फ उल्टी करने के लिए गाड़ी से उतारा गया था। आरोपी सड़क पर लेट गया तो पुुलिस उसे बलपूर्वक पकड़कर ले गई। इधर स्थानीय लोगों ने घटनाक्रम का वीडियो तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वहीं लोगों का कहना है कि आरोपी मौके से कुछ दूरी तक भागा था। पुलिस जांच और मुकदमे के भय से मामले को दबा रही है।
एक घंटे तक आरोपी ने थाने में किया ड्रामा
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद थाने में आने पर आरोपी मनोज ने एक घंटे तक पुलिस को अपने ड्रामे से परेशान किया। हद तब हो गई तब उसने अपने सिर को दीवार पर टकराकर खुद को घायल कर दिया। पुलिस बचाव की मुद्रा में आ गई। पुलिस ने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। थानाध्यक्ष का कहना है कि आरोपी मानसिक रोगी लग रहा है।