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Moradabad: रिश्वत लेने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपी लेखपाल निलंबित, SDM ने जारी किया आदेश
Fri, 16 Dec 2022 09:44 PM IST
आकाश दुबे
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलारी (मुरादाबाद)
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलारी (मुरादाबाद)
Published by: आकाश दुबे
Updated Fri, 16 Dec 2022 09:44 PM IST
सार
गुरुवार को राष्ट्रीय गोरक्षा सेना के प्रदेश अध्यक्ष कुबेर सिंह चौहान ने एक वीडियो तहसील प्रशासन के अधिकारियों और अन्य व्हाट्सएप ग्रुपों पर भेजी थी। आरोप लगाया था कि वीडियो से स्पष्ट है कि लेखपाल ग्रामीणों से रिश्वत ले रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गुरुवार को तहसील बिलारी के एक लेखपाल की रिश्वत लेते वीडियो वायरल होने के मामले में तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के बाद एसडीएम ने शुक्रवार शाम आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया। तहसीलदार को जांच सौंपते हुए निलंबित लेखपाल को रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबंद्ध कर दिया गया है।
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गुरुवार को राष्ट्रीय गोरक्षा सेना के प्रदेश अध्यक्ष कुबेर सिंह चौहान ने एक वीडियो तहसील प्रशासन के अधिकारियों और अन्य व्हाट्सएप ग्रुपों पर भेजी थी। प्रदेश अध्यक्ष ने अपने बयान का वीडियो भेजकर आरोप लगाया था कि वीडियो से स्पष्ट है कि लेखपाल ग्रामीणों से रिश्वत ले रहा है और पानी मिलाकर पैग बना रहा है। वीडियो आते ही एसडीएम राजबहादुर सिंह ने इस मामले की जांच तहसीलदार साराह अशरफ खान को सौंप दी थी। तहसीलदार ने आरोपी लेखपाल प्रताप वीर सिंह के कृत्य के संबंध में राजस्व निरीक्षक स्योंडारा रमेश चंद्र और राजस्व निरीक्षक जरगांव चंद्रपाल सिंह से भी रिपोर्ट मांगी।
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राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार दोनों राजस्व निरीक्षकों ने तहसीलदार को यह रिपोर्ट दी कि लेखपाल प्रताप वीर सिंह राजस्व कार्यो में रुचि नहीं ले रह है तथा विभागीय कार्यों के समय अक्सर अपना फोन बंद रखता है। शिकायती संदर्भों की स्वयं जांच न करके अपने अधीनस्थ मुंशी से सरसरी और भ्रामक आख्या भिजवा देता है। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट लगाने में भी लेखपाल पर लापरवाही बरतने का आरोप है। यह भी पता चला है कि लेखपाल प्रतापवीर की पूर्व में लापरवाही सामने आने पर तहसीलदार ने उसका बीते माह का वेतन भी रोक दिया था। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी लेखपाल को शुक्रवार शाम उपजिलाधिकारी राजबहादुर सिंह ने निलंबित कर दिया।
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