Moradabad: महाकुंभ गए बंगला गांव के युवक को बस ने कुचला, पार्किंग में सोते समय मौत, मां के साथ गए थे प्रयागराज
प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र में महाकुंभ स्नान के लिए आए गीतेश सैनी की पार्किंग में बस की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया। गीतेश अपनी मां के साथ संगम स्नान के लिए आए थे और हादसे के समय पार्किंग में सो रहे थे।
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प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र के बेला कछार की पार्किंग में शनिवार की रात सोते समय नागफनी थाना क्षेत्र के बंगला गांव निवासी गीतेश सैनी (35) को बस ने कुचल दिया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गीतेश अपनी मां के साथ महाकुंभ में स्नान के लिए गए थे। हादसे के बाद चालक बस छोड़कर भाग गया।
पुलिस ने मृतक की मां की तहरीर पर बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बंगला गांव से 21 फरवरी को श्रद्धालु बस से महाकुंभ गए थे। इनमें मोबाइल शोरूम में सेल्समैन गीतेश सैनी भी अपनी अपनी मां नमिता सैनी के साथ गए थे। शनिवार की रात श्रद्धालुओं ने अपनी बस फाफामऊ के बेला कछार पार्किंग संख्या दो में खड़ी कर दी थी।
संगम में डुबकी लगाने से पहले पार्किंग में ही सभी जमीन पर आराम करने लगे। इसी गीतेश को नींद आ गई। तभी हरियाणा डिपो की बस के चालक बैक करते समय गीतेश को कुचल दिया, जिसमें गीतेश की माैत हो गई। पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया, जबकि चालक भाग गया है।
पार्किंग संख्या दो में नहीं है आश्रय स्थल
दूरदराज से आने वाले वाहन कछार में बेतरतीब ढंग से खड़े किए जा रहे हैं। बस से उतरने के बाद लोग कछार में ही खाना आदि खाते हैं और आश्रय स्थल नहीं होने के कारण वहीं जमीन पर सो जाते हैं। बेला कछार पार्किंग एक में तो कई आश्रय स्थल बनाए गए हैं लेकिन दूसरी पार्किंग में इसकी व्यवस्था नहीं है। इससे श्रद्धालुओं को दिक्कत हो रही है। पार्किंग स्थल पर अपने वाहनों को खड़ाकर श्रद्धालु संगम पैदल जा रहे हैं।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
बंगला गांव निवासी गीतेश सैनी बुध बाजार स्थित मोबाइल के शोरूम में सेल्समैन का काम करते थे। गीतेश ने 10 साल पहले अंशु से प्रेम विवाह किया था। दंपती के तीन बच्चे धानी (8), वासु (6) और एक साल का देव है। गीतेश के माैत से तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। हादसे की सूचना मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी, बहन और भाई का रो-रोकर बुरा हाल है।