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Moradabad News: मिलक बांहपुर में ससुराल आए युवक को खेत पर सांप ने डसा
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कुंदरकी। अंधविश्वास ने एक बार फिर एक युवक को मौत के मुंह में धकेल दिया। समय रहते डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय झांड़फूंक के चक्कर में सर्पदंश से पीड़ित ग्राम कोनी त्रिलोकपुर का मझरा निवासी राहुल सैनी (32) की जान चली गई।
भोजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कोनी त्रिलोकपुर का मझरा निवासी राहुल सैनी बृहस्पतिवार की सुबह कुंदरकी के ग्राम मिलक बांहपुर में अपनी ससुराल आए थे। ससुराल वाले जंगल में धान की झड़ाई कर रहे थे तो, राहुल भी वहां पर चले गए। राहुल ने धान की झड़ाई में भी ससुराल वालों की मदद की। इसी बीच खाना खाने के बाद वह खेत में खड़े ट्रैक्टर के पास रखा पानी पीने जा रहे थे, तभी खेत पर पड़े पत्तों में छिपे सांप ने उनके बाएं पैर में काट लिया। उनके चीखने पर ससुराल वालों ने सांप को घेरकर पकड़ लिया। सर्पदंश से पीड़ित राहुल की हालत बिगड़ता देख उनके साले देवेंद्र सिंह, अंकुश व लोकेश उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने के लिए ग्राम सौंदा ले गए। वहां स्थिति उनकी स्थिति में सुधार नहीं होने पर झाड़फूंक करने वाले ने भी अस्पताल ले जाने की सलाह दे डाली। झाड़फूंक में लगभग डेढ़ घंटे गंवाने के बाद ससुराल वाले गंभीर हालत राहुल को सरकारी एंबुलेंस से सीएचसी में लेकर पहुंचे। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सीएचसी में डॉक्टर नवल किशोर ने राहुल सैनी को देखते ही मृत घोषित कर दिया।
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डॉक्टर बोले- सांप के काटने के 30 मिनट के अंदर युवक को लाते तो बचाई जा सकती थी जान
सीएचसी के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉक्टर नवल किशोर ने बताया कि अगर सांप के काटने के 30 मिनट के अंदर राहुल को झाड़फूंक कराने के बजाय सीएचसी लाया जाता तो उसकी जान भी बचाई जा सकती थी, लेकिन सीएचसी पर डेढ़ घंटे के बाद लगाया गया। ससुराल वाले फिर से राहुल को सपेरों के पास शव को ले जाना चाह रहे थे लेकिन डॉक्टर ने दावा कहा कि सांप का जहर युवक के पूरे शरीर में फैलने से मौत हो चुकी है जिसको कोई भी सपेरा और तांत्रिक जीवन वापस नहीं लौटा सकता है। इसके बाद परिजन उसे शव को अपने साथ ले गए।
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सांस की आस में देर रात तक सपेरों को दिखाते रहे परिजन
सीएचसी कुंदरकी में राहुल की मौत की पुष्टि होने के बाद घर न ले जाकर परिजन व ससुराल वाले उसे बचाने की उम्मीद में रामपुर के खोद और बिलासपुर क्षेत्र में सपेरों के पास ले गए लेकिन सपेरों ने हाथ खड़े कर दिए। फिर भी देर रात तक अन्य सपेरों व झांड़फूंक करने वालों को दिखाते रहे। राहुल सैनी के परिवार में उसकी पत्नी लता के अलावा दो मासूम बेटे हैं। उनकी मौत से सभी रो-रोकर बेहाल थे।
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भोजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कोनी त्रिलोकपुर का मझरा निवासी राहुल सैनी बृहस्पतिवार की सुबह कुंदरकी के ग्राम मिलक बांहपुर में अपनी ससुराल आए थे। ससुराल वाले जंगल में धान की झड़ाई कर रहे थे तो, राहुल भी वहां पर चले गए। राहुल ने धान की झड़ाई में भी ससुराल वालों की मदद की। इसी बीच खाना खाने के बाद वह खेत में खड़े ट्रैक्टर के पास रखा पानी पीने जा रहे थे, तभी खेत पर पड़े पत्तों में छिपे सांप ने उनके बाएं पैर में काट लिया। उनके चीखने पर ससुराल वालों ने सांप को घेरकर पकड़ लिया। सर्पदंश से पीड़ित राहुल की हालत बिगड़ता देख उनके साले देवेंद्र सिंह, अंकुश व लोकेश उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने के लिए ग्राम सौंदा ले गए। वहां स्थिति उनकी स्थिति में सुधार नहीं होने पर झाड़फूंक करने वाले ने भी अस्पताल ले जाने की सलाह दे डाली। झाड़फूंक में लगभग डेढ़ घंटे गंवाने के बाद ससुराल वाले गंभीर हालत राहुल को सरकारी एंबुलेंस से सीएचसी में लेकर पहुंचे। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सीएचसी में डॉक्टर नवल किशोर ने राहुल सैनी को देखते ही मृत घोषित कर दिया।
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डॉक्टर बोले- सांप के काटने के 30 मिनट के अंदर युवक को लाते तो बचाई जा सकती थी जान
सीएचसी के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉक्टर नवल किशोर ने बताया कि अगर सांप के काटने के 30 मिनट के अंदर राहुल को झाड़फूंक कराने के बजाय सीएचसी लाया जाता तो उसकी जान भी बचाई जा सकती थी, लेकिन सीएचसी पर डेढ़ घंटे के बाद लगाया गया। ससुराल वाले फिर से राहुल को सपेरों के पास शव को ले जाना चाह रहे थे लेकिन डॉक्टर ने दावा कहा कि सांप का जहर युवक के पूरे शरीर में फैलने से मौत हो चुकी है जिसको कोई भी सपेरा और तांत्रिक जीवन वापस नहीं लौटा सकता है। इसके बाद परिजन उसे शव को अपने साथ ले गए।
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सांस की आस में देर रात तक सपेरों को दिखाते रहे परिजन
सीएचसी कुंदरकी में राहुल की मौत की पुष्टि होने के बाद घर न ले जाकर परिजन व ससुराल वाले उसे बचाने की उम्मीद में रामपुर के खोद और बिलासपुर क्षेत्र में सपेरों के पास ले गए लेकिन सपेरों ने हाथ खड़े कर दिए। फिर भी देर रात तक अन्य सपेरों व झांड़फूंक करने वालों को दिखाते रहे। राहुल सैनी के परिवार में उसकी पत्नी लता के अलावा दो मासूम बेटे हैं। उनकी मौत से सभी रो-रोकर बेहाल थे।