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Moradabad News: दीवान शुगर मिल की गन्ना चेन में गिरा मजदूर,दिन भर तलाश.. नहीं लगा सुराग
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अगवानपुर (मुरादाबाद)। दीवान शुगर मिल में मंगलवार की रात बारह बजे काम करते वक्त मजदूर अरविंद (28) गन्ना चेन में गिर गया। साथ में काम कर रहे बड़े भाई जितेंद्र ने शोर भी मचाया लेकिन चेन बंद नहीं की गई। बुधवार को सुबह करीब आठ बजे मिल में पहुंचे परिजनों ने हंगामा कर मशीन बंद करा दी। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस का कहना है कि सभी जगह तलाश की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला है। मजदूर के परिवार और मिल प्रशासन में समझौता हो गया है।
मझोला थानाक्षेत्र के उत्तमपुर बहलोलपुर निवासी अरविंद कुमार दीवान चीनी मिल में ठेकेदार की देखरेख में गन्ना कैरियर पर गन्ना इकट्ठा करने का काम करता था। परिवार में पत्नी अनीता, तीन बच्चे लक्षित, इच्छा और कयरव हैं। मंगलवार की शाम 7:40 बजे अरविंद अपने भाई जितेंद्र के साथ मिल में पहुंचा था। रात करीब 12 बजे दोनों भाई और एक अन्य मजदूर गुलशन गन्ना कैरियर के पास गन्ना चेन पर काम कर रहे थे। जितेंद्र ने जो पुलिस को बताया उसके मुताबिक, रात 12:20 बजे ट्रक से गन्ना उतर रहा था। इसी दौरान अरविंद गन्ने की पूलियों के साथ गन्ना चेन में गिर गया। जितेंद्र और गुलशन कुछ दूरी पर खड़े थे। उसने तुरंत ऑपरेटर को हादसे की जानकारी दी लेकिन ऑपरेटर ने उसकी बात को नजरअंदाज कर दिया और मशीन रोकने से मना कर दिया। सूचना मिलने पर ठेकेदार भी आ गया लेकिन जितेंद्र की बात का किसी ने विश्वास नहीं किया। इसकी जानकारी मिलने पर सुबह को परिजन भी मिल में पहुंच गए। अरविंद के कपड़े और जूते व बाइक वहीं खड़ी थी। रात भर मशीन चलती रही। सुबह करीब आठ बजे परिजनों ने हंगामा शुरू कर दी। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और इसके बाद सुबह करीब आठ बजे मशीन बंद की गई। परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताई है। वहीं पुलिस को ऐसा भी कोई सुराग नहीं मिला। सूचना पर एसपी सिटी कुमार दिग्विजय सिंह, सीओ सिविल लाइंस कुलदीप कुमार गुप्ता और प्रभारी थाना सिविल लाइन प्रभारी मनीष सक्सेना भी मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने तलाश कराई लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है। करीब नौ घंटे बाद चार बजे मिल प्रशासन के मुआवजा देने पर परिजन शांत हो गए। इसके बाद ही मशीन चालू की गई। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि मिल प्रशासन और परिजनों में समझौता हो गया है।
तीन माह से कर रहा था मजदूरी
अगवानपुर। छजलैट के लदावली निवासी सुभाष का गन्ना कैरियर पर ठेका रहता है। जितेंद्र, अरविंद और गुलशन उसके पास ही मजदूरी करते हैं। 14 नवंबर को जितेंद्र और अरविंद्र मजदूरी करने के लिए मिल में आए थे। तभी से दोनों भाई रात की ड्यूटी में लगे थे।
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भूसी निकालने की मशीन तक में तलाश
अगवानपुर। पुलिस की टीमों ने हेड कटर से लेकर भूसी निकालने वाली मशीन तक में युवक की खोजबीन की लेकिन उसका मिलना तो दूर कोई सुराग तक नहीं लगा।
पूर्व विधायक और किसान यूनियन के लोग पहुंचे
अगवानपुर। कांठ के पूर्व विधायक राजेश कुमार सिंह समेत किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। पूर्व विधायक ने बताया कि युवक गायब है। उसकी खोजबीन का प्रयास किया गया। युवक के नहीं मिलने पर 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई थी।
एडीएम सिटी ने लगाई फटकार
अगवानपुर। एडीएम सिटी 1:45 बजे मिल में पहुंचीं। उन्होंने सीओ सिविल लाइंस कुलदीप कुमार गुप्ता से पूरे मामले की जानकारी ली। स्टॉफ के गायब रहने से नाराज हो गई। उन्होंने मिल के कर्मियों को फटकार लगाई और रात के स्टॉफ को तुरंत मिल में उपस्थिति कराने को कहा। इसके बाद रात का स्टॉफ पहुंच गया।
पैसा मिलने से औलाद नहीं लौटेगी
अगवानपुर। अरविंद के पिता राजेंद्र सिंह की पहले ही मौत हो चुकी है। मां चंद्रवती पांच महीने से बीमार है। मां का कहना है कि उनके तीन बेटे थे। मां अभी भी अरविंद जिंदा होने की कामना कर रही है। उसकी आंखों में आंसू थम नहीं रहे थे लेकिन जब उनको बताया गया कि समझौता हो गया और पैसे देने पर मिल राजी हो गया है तो बस जुबान पर एक ही बात थी कि पैसे तो मिल जाएंगे लेकिन औलाद कैसे मिलेगी।
मिल की गन्ना चेन में एक युवक के गिरने की बात कही जा रही थी। पुलिस और मिल के कर्मियों ने साथ मिलकर अलग अलग मशीनों में तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। तलाश की जा रहीं है।
सुनील कुमार खोखर, जीएम चीनी मिल
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मझोला थानाक्षेत्र के उत्तमपुर बहलोलपुर निवासी अरविंद कुमार दीवान चीनी मिल में ठेकेदार की देखरेख में गन्ना कैरियर पर गन्ना इकट्ठा करने का काम करता था। परिवार में पत्नी अनीता, तीन बच्चे लक्षित, इच्छा और कयरव हैं। मंगलवार की शाम 7:40 बजे अरविंद अपने भाई जितेंद्र के साथ मिल में पहुंचा था। रात करीब 12 बजे दोनों भाई और एक अन्य मजदूर गुलशन गन्ना कैरियर के पास गन्ना चेन पर काम कर रहे थे। जितेंद्र ने जो पुलिस को बताया उसके मुताबिक, रात 12:20 बजे ट्रक से गन्ना उतर रहा था। इसी दौरान अरविंद गन्ने की पूलियों के साथ गन्ना चेन में गिर गया। जितेंद्र और गुलशन कुछ दूरी पर खड़े थे। उसने तुरंत ऑपरेटर को हादसे की जानकारी दी लेकिन ऑपरेटर ने उसकी बात को नजरअंदाज कर दिया और मशीन रोकने से मना कर दिया। सूचना मिलने पर ठेकेदार भी आ गया लेकिन जितेंद्र की बात का किसी ने विश्वास नहीं किया। इसकी जानकारी मिलने पर सुबह को परिजन भी मिल में पहुंच गए। अरविंद के कपड़े और जूते व बाइक वहीं खड़ी थी। रात भर मशीन चलती रही। सुबह करीब आठ बजे परिजनों ने हंगामा शुरू कर दी। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और इसके बाद सुबह करीब आठ बजे मशीन बंद की गई। परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताई है। वहीं पुलिस को ऐसा भी कोई सुराग नहीं मिला। सूचना पर एसपी सिटी कुमार दिग्विजय सिंह, सीओ सिविल लाइंस कुलदीप कुमार गुप्ता और प्रभारी थाना सिविल लाइन प्रभारी मनीष सक्सेना भी मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने तलाश कराई लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है। करीब नौ घंटे बाद चार बजे मिल प्रशासन के मुआवजा देने पर परिजन शांत हो गए। इसके बाद ही मशीन चालू की गई। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि मिल प्रशासन और परिजनों में समझौता हो गया है।
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तीन माह से कर रहा था मजदूरी
अगवानपुर। छजलैट के लदावली निवासी सुभाष का गन्ना कैरियर पर ठेका रहता है। जितेंद्र, अरविंद और गुलशन उसके पास ही मजदूरी करते हैं। 14 नवंबर को जितेंद्र और अरविंद्र मजदूरी करने के लिए मिल में आए थे। तभी से दोनों भाई रात की ड्यूटी में लगे थे।
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भूसी निकालने की मशीन तक में तलाश
अगवानपुर। पुलिस की टीमों ने हेड कटर से लेकर भूसी निकालने वाली मशीन तक में युवक की खोजबीन की लेकिन उसका मिलना तो दूर कोई सुराग तक नहीं लगा।
पूर्व विधायक और किसान यूनियन के लोग पहुंचे
अगवानपुर। कांठ के पूर्व विधायक राजेश कुमार सिंह समेत किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। पूर्व विधायक ने बताया कि युवक गायब है। उसकी खोजबीन का प्रयास किया गया। युवक के नहीं मिलने पर 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई थी।
एडीएम सिटी ने लगाई फटकार
अगवानपुर। एडीएम सिटी 1:45 बजे मिल में पहुंचीं। उन्होंने सीओ सिविल लाइंस कुलदीप कुमार गुप्ता से पूरे मामले की जानकारी ली। स्टॉफ के गायब रहने से नाराज हो गई। उन्होंने मिल के कर्मियों को फटकार लगाई और रात के स्टॉफ को तुरंत मिल में उपस्थिति कराने को कहा। इसके बाद रात का स्टॉफ पहुंच गया।
पैसा मिलने से औलाद नहीं लौटेगी
अगवानपुर। अरविंद के पिता राजेंद्र सिंह की पहले ही मौत हो चुकी है। मां चंद्रवती पांच महीने से बीमार है। मां का कहना है कि उनके तीन बेटे थे। मां अभी भी अरविंद जिंदा होने की कामना कर रही है। उसकी आंखों में आंसू थम नहीं रहे थे लेकिन जब उनको बताया गया कि समझौता हो गया और पैसे देने पर मिल राजी हो गया है तो बस जुबान पर एक ही बात थी कि पैसे तो मिल जाएंगे लेकिन औलाद कैसे मिलेगी।
मिल की गन्ना चेन में एक युवक के गिरने की बात कही जा रही थी। पुलिस और मिल के कर्मियों ने साथ मिलकर अलग अलग मशीनों में तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। तलाश की जा रहीं है।
सुनील कुमार खोखर, जीएम चीनी मिल