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Moradabad News: शोहदा-ए-कर्बला की याद में हुआ तरही मुशायरा
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बिलारी। मोहल्ला ठाकुरान में एक सामाजिक संस्था के कैंप कार्यालय पर शोहदा-ए-कर्बला की याद में तरही मुशायरे का आयोजन हुआ। मुशायरे में शायरों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत से जुड़े अपने कलाम पेश किए।
मुशायरे का उद्घाटन स्थानीय सपा विधायक हाजी मोहम्मद फहीम इरफान, मुशायरा आयोजक डॉ. नफीस अहमद, सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारी शकील साबरी और वरिष्ठ शायर डॉ. जमीर सालकी अदीबी ने संयुक्त रूप से शमा रोशन करके किया।
मुशायरे में शायर अब्दुल कुददूस जौहर ने कहा, नजर के सामने जलवा मेरे हुसैन का है, नजर नवाज नजारा मेरे हुसैन का है। शायर नोमान जमाल ने कहा, मजाल क्या कि अंधेरे हों दीन में दाखिल, चाहर सिम्त उजाला मेरे हुसैन का है। शायर डाॅ. नफीस अहमद ने कहा, वफा की राह पर कुर्बान करके खुद के लिए, यकीन जानो यह जज्बा मेरे हुसैन का है।
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संभल से आए उस्ताद शायर डॉ. मुनव्वर ताबिश ने कहा, मदद के वास्ते करबल में आ गए जाफर, मगर खुदा पे भरोसा मेरे हुसैन का है।
इसके अलावा शायर अतीक मंजर, डाॅ. जमीर सालकी, रूही बिलारबी, नाजिम कुंदरकी, रईस आलम इकरार हुसैन, अली जमाल, डॉ. मोहम्मद शायगान व शकील अहमद साबरी ने भी अपने कलाम पेश किए। मुशायरे की अध्यक्षता जमीर सालकी अदीबी और संचालन डॉ. मुजफ्फर हुसैन नादिर ने किया। अंत में आयोजक डॉ. नफीस अहमद नफीस ने सभी के प्रति आभार जताया।
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मुशायरे का उद्घाटन स्थानीय सपा विधायक हाजी मोहम्मद फहीम इरफान, मुशायरा आयोजक डॉ. नफीस अहमद, सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारी शकील साबरी और वरिष्ठ शायर डॉ. जमीर सालकी अदीबी ने संयुक्त रूप से शमा रोशन करके किया।
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मुशायरे में शायर अब्दुल कुददूस जौहर ने कहा, नजर के सामने जलवा मेरे हुसैन का है, नजर नवाज नजारा मेरे हुसैन का है। शायर नोमान जमाल ने कहा, मजाल क्या कि अंधेरे हों दीन में दाखिल, चाहर सिम्त उजाला मेरे हुसैन का है। शायर डाॅ. नफीस अहमद ने कहा, वफा की राह पर कुर्बान करके खुद के लिए, यकीन जानो यह जज्बा मेरे हुसैन का है।
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संभल से आए उस्ताद शायर डॉ. मुनव्वर ताबिश ने कहा, मदद के वास्ते करबल में आ गए जाफर, मगर खुदा पे भरोसा मेरे हुसैन का है।
इसके अलावा शायर अतीक मंजर, डाॅ. जमीर सालकी, रूही बिलारबी, नाजिम कुंदरकी, रईस आलम इकरार हुसैन, अली जमाल, डॉ. मोहम्मद शायगान व शकील अहमद साबरी ने भी अपने कलाम पेश किए। मुशायरे की अध्यक्षता जमीर सालकी अदीबी और संचालन डॉ. मुजफ्फर हुसैन नादिर ने किया। अंत में आयोजक डॉ. नफीस अहमद नफीस ने सभी के प्रति आभार जताया।