{"_id":"65527c5743fe3fd14109afd6","slug":"a-proposal-will-be-made-for-land-adjacent-to-the-tehsil-for-the-new-commissionerate-moradabad-news-c-15-1-mbd1014-282570-2023-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: नई कमिश्नरी के लिए तहसील से सटी जमीन का बनेगा प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: नई कमिश्नरी के लिए तहसील से सटी जमीन का बनेगा प्रस्ताव
विज्ञापन
मुरादाबाद। नई कमिश्नरी के लिए सदर तहसील के सटी जमीन का चयन जिले के अधिकारियों ने किया है। मंडलायुक्त ने इस मामले में एमडीए उपाध्यक्ष को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा मंडलायुक्त कार्यालय भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए काफी संकरा है। मंडल कार्यालय भी जगह जगह मौजूद हैं।
प्रदेश सरकार मंडलायुक्त कार्यालय के साथ मंडल के सभी कार्यालयों को एक बिल्डिंग में शिफ्ट करना चाहती है। इस मामले में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने पत्र जारी कर एकीकृत बहुमंजिली बिल्डिंग बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा है जो मिनी सचिवालय की तरह काम करेगी। आम जनता भी एक ही बिल्डिंग में पहुंचकर सभी विभागों के अधिकारियों से मुलाकात कर सकती है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत गोरखपुर और वाराणसी में एकीकृत कार्यालय के लिए बहुमंजिली बिल्डिंग सबसे पहले बनाई जाएगी।
इस बारे में पूछने पर मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि वह काफी समय से बिल्डिंग की मांग कर रहे थे। क्योंकि एक कोर्ट में उनके अलावा एडिशनल कमिश्नर को सुनवाई करते हैं। दोनों लोग एक कार्यालय में बारी बारी जाना पड़ता है। दोनों अधिकारियों की कोर्ट अलग अलग होनी चाहिए। अधिकारियों ने नई कमिश्नरी के लिए तहसील के नजदीक जमीन चयनित की है। मंडलायुक्त का कहना है कि उनकी एमडीए उपाध्यक्ष से बातचीत हुई है। शीघ्र ही एमडीए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
विज्ञापन
वर्तमान कार्यालय के बारे में एमडीए
वर्तमान कमिश्नरी के बिल्डिंग और जमीन के बारे में मंडलायुक्त और एमडीए के बीच हुई है। अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं गया है। नई एकीकृत बिल्डिंग तैयार होने पर मंडलायु्क्त इस मामले में निर्णय लेंगे।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार मंडलायुक्त कार्यालय के साथ मंडल के सभी कार्यालयों को एक बिल्डिंग में शिफ्ट करना चाहती है। इस मामले में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने पत्र जारी कर एकीकृत बहुमंजिली बिल्डिंग बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा है जो मिनी सचिवालय की तरह काम करेगी। आम जनता भी एक ही बिल्डिंग में पहुंचकर सभी विभागों के अधिकारियों से मुलाकात कर सकती है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत गोरखपुर और वाराणसी में एकीकृत कार्यालय के लिए बहुमंजिली बिल्डिंग सबसे पहले बनाई जाएगी।
विज्ञापन
इस बारे में पूछने पर मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि वह काफी समय से बिल्डिंग की मांग कर रहे थे। क्योंकि एक कोर्ट में उनके अलावा एडिशनल कमिश्नर को सुनवाई करते हैं। दोनों लोग एक कार्यालय में बारी बारी जाना पड़ता है। दोनों अधिकारियों की कोर्ट अलग अलग होनी चाहिए। अधिकारियों ने नई कमिश्नरी के लिए तहसील के नजदीक जमीन चयनित की है। मंडलायुक्त का कहना है कि उनकी एमडीए उपाध्यक्ष से बातचीत हुई है। शीघ्र ही एमडीए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
विज्ञापन
वर्तमान कार्यालय के बारे में एमडीए
वर्तमान कमिश्नरी के बिल्डिंग और जमीन के बारे में मंडलायुक्त और एमडीए के बीच हुई है। अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं गया है। नई एकीकृत बिल्डिंग तैयार होने पर मंडलायु्क्त इस मामले में निर्णय लेंगे।