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Moradabad News: करोड़ों खर्च कर बनेगा नया पुल, समस्या नहीं होगी हल

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 14 Nov 2025 02:18 AM IST
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A new bridge will be built at a cost of crores, but the problem will not be solved.
मुरादाबाद। चार लाख की आबादी को प्रभावित करने वाला डबल फाटक पुल नए सिरे बनेगा। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी जाम की वर्षों पुरानी समस्या से निजात नहीं मिलेगी। रेलवे ने नए पुल का जो डिजाइन बनाकर रेल मुख्यालय भेजा है, वह पुराने पुल जैसा ही है। लंबाई-चौड़ाई से लेकर स्पान की संख्या व गर्डर भी लगभग बराबर हैं।
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ऐसे में 20 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बाद भी शहर को इसका फायदा नहीं मिलेगा। रेलवे का तर्क है कि नया पुल बनाना इसलिए जरूरी है क्योंकि पुराना लगातार क्षतिग्रस्त हो रहा है। भारी वाहनों के लिए यह पुल उपयोगी नहीं है। लोक निर्माण विभाग व जिला प्रशासन के साथ समन्वय बैठक के बाद रेलवे ने स्वीकृति के लिए फाइल बड़ौदा हाउस भेजी है। वहां से स्वीकृति मिलने में करीब डेढ़ माह लग जाएगा। इसके बाद पुल निर्माण का एस्टीमेट बनेगा फिर टेंडर निकाले जाएंगे। टेंडर जारी करने में विभाग को कम से कम तीन माह का समय लगेगा। तब कहीं जाकर निर्माण शुरू होगा। ऐसे में विभागीय जानकारों का कहना है कि नया पुल बनने में करीब ढाई साल का समय लगेगा। तब तक पुल से इसी तरह वाहन आवाजाही करते रहेंगे।
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वर्तमान समस्या को दूर करने के लिए रेलवे की टीम ट्रैक के ऊपर के हिस्से की मरम्मत कर रही है। रेलवे की तकनीकी व इंजीनियरिंग टीम ने पुल का निरीक्षण भी किया है। इंजीनियरों का कहना है कि पैदल लोगों व छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए पुल सुरक्षित है।
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विभाग का तर्क दोहरा पुल बनाने के लिए जगह नहीं
रेलवे का कहना है कि लोकोशेड की तरह पुराने पुल के साथ नया पुल बनाने के लिए डबल फाटक क्षेत्र में जगह नहीं है। कई दुकानें और मकान इसकी जद में आ रहे हैं। पुराने पुल के स्थान पर नया पुल बनाना ही एक मात्र विकल्प है, जिस तरह रेलवे ने कपूर कंपनी पुल को तोड़कर पुनर्निमाण किया है। ठीक वैसे ही इस पुल का कार्य किया जाएगा। पुराना पुल 1985 में बना था और रोजाना 1.5 लाख लोग इस पुल से गुजरते हैं। शहर से संभल जाने के लिए यह पुल लोगों की जरूरत है।


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लोक निर्माण विभाग के साथ मिलकर रेलवे की टीम पुल की मरम्मत का काम कर रही है। नया पुल बनाने के लिए फाइल रेल मुख्यालय भेजी गई है। पुराने पुल के स्थान पर ही नया पुल बनेगा। मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
- आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम
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