मुरादाबाद। हमनें डर को कूटनीति से दूर हटाकर रखा है। दिल्ली के सिंहासन पर एक शेर बैठाकर रखा है। शनिवार को होटल होलिडे रीजेंसी में आयोजित कवि सम्मेलन में डॉ. हरिओम पंवार ने यह पंक्तियां पढ़ीं तो हॉल तालियों से गूंज उठा। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह ने काल के कपाल पर नाम से कवि सम्मेलन का आयोजन किया।
चंदौसी के रेलवे ट्रेनिंग कॉलेज की प्राचार्या और कवयित्री डॉ. अंजु सिंह ने पढ़ा कि यह माना सच प्रताड़ित है यहां हर मोड़ पर लेकिन, किसी भी युग में देखो सच पराजित हो नहीं सकता। उनकी कविता को भी खूब सराहा गया। स्वयं श्रीवास्तव ने पढ़ा कि पत्थर की चमक है न नगीने की चमक है। चेहरे पे सीना तान के जीने की चमक है। पुरखों से विरासत में हमें कुछ नहीं मिला। जो दिख रही है खून पसीने की चमक है। इनके बाद कवि राहुल शर्मा ने पढ़ा कि अगर लिखोगे वसीयत अपनी तो जान पाओगे यह हकीकत। तुम्हारी अपनी ही मिल्कियत में तुम्हारा हिस्सा कहीं नहीं है।
कार्यक्रम में महापौर विनोद अग्रवाल, एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रिया अग्रवाल, डीएम अनुज सिंह, एसएसपी सतपाल अंतिल, भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे।