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Moradabad News: 51 लीटर गंगाजल भरी कांवड़ लेकर गुजरा 13 कांवड़ियों का जत्था
Sun, 26 Jul 2026 01:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sun, 26 Jul 2026 01:53 AM IST
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कांठ (मुरादाबाद)। सावन माह में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए हरिद्वार से कांवड़ियों की कांवड़ लेकर आने की वापसी होने लगी है। गंगाजल लेकर कांवड़िये अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। शनिवार सुबह हरदोई के 13 कांवड़ियों का जत्था नगर से होकर निकला तो हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण शिवमय हो गया है।
हरदोई के रहने वाले कांवड़ियों के जत्थे के महंत अमित यादव ने बताया कि उनके जत्थे में विशाल, ज्ञानू श्रीवास्तव, कृष्ण श्रीवास्तव, रवि, शिवम सक्सेना, कमल, किशोर, लक्की शर्मा, धीरज, सुरजीत, जितेंद्र, दीपांशु आदि 13 कांवड़िये शामिल हैं। वह सभी 51 लीटर पवित्र गंगाजल भरी भारी भरकम कांवड़ लेकर 21 को हरिद्वार से चले थे। हरिद्वार से कांठ तक की उनकी यात्रा काफी सुखद रही है। वह हरिद्वार से हरदोई तक की 500 किलोमीटर की पैदल यात्रा का मल्लावां क्षेत्र स्थित सुनासीरनाथ धाम में सावन के पहले सोमवार यानी तीन अगस्त को जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा सनातन धर्म की एक पहचान है जो भी शिवभक्त कांवड़ लेकर आएं, उनकी हर मनोकामना पूर्ण हो। इसके बाद कांवड़िये जयकारे लगाते हुए अपनी की ओर रवाना हो गए। बता दें कि एक ओर जहां शिवभक्त कांवड़ियों की हरिद्वार से वापस होने लगी है तो वहीं कांवड़ लेने के लिए कांवड़ियों के जत्थे जा भी रहे हैं। 30 जुलाई से सावन माह शुरू होने पर कांवड़ियों का आवागमन बढ़ जाएगा।
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हरदोई के रहने वाले कांवड़ियों के जत्थे के महंत अमित यादव ने बताया कि उनके जत्थे में विशाल, ज्ञानू श्रीवास्तव, कृष्ण श्रीवास्तव, रवि, शिवम सक्सेना, कमल, किशोर, लक्की शर्मा, धीरज, सुरजीत, जितेंद्र, दीपांशु आदि 13 कांवड़िये शामिल हैं। वह सभी 51 लीटर पवित्र गंगाजल भरी भारी भरकम कांवड़ लेकर 21 को हरिद्वार से चले थे। हरिद्वार से कांठ तक की उनकी यात्रा काफी सुखद रही है। वह हरिद्वार से हरदोई तक की 500 किलोमीटर की पैदल यात्रा का मल्लावां क्षेत्र स्थित सुनासीरनाथ धाम में सावन के पहले सोमवार यानी तीन अगस्त को जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा सनातन धर्म की एक पहचान है जो भी शिवभक्त कांवड़ लेकर आएं, उनकी हर मनोकामना पूर्ण हो। इसके बाद कांवड़िये जयकारे लगाते हुए अपनी की ओर रवाना हो गए। बता दें कि एक ओर जहां शिवभक्त कांवड़ियों की हरिद्वार से वापस होने लगी है तो वहीं कांवड़ लेने के लिए कांवड़ियों के जत्थे जा भी रहे हैं। 30 जुलाई से सावन माह शुरू होने पर कांवड़ियों का आवागमन बढ़ जाएगा।
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