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Moradabad News: नई पीढ़ी को कजरी गायन से जोड़ने को होगा महोत्सव
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मुरादाबाद। पारंपरिक लोकगीत कजरी गायन की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को संरक्षित करने और इसे आगामी पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से 27 सितंबर को पंचायत भवन सभागार में कजरी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
एडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को कजरी महोत्सव का आयोजन वृंदावन शोध संस्थान वृंदावन मथुरा द्वारा किया जाएगा। महोत्सव के माध्यम से कजरी गायन की पारंपरिक शैली, लोक संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत को जनसामान्य तक पहुंचाने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कजरी उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संगीत परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सावन-भादों की ऋतु, लोक जीवन, प्रकृति और सामाजिक भावनाओं से जुड़ी कजरी गायन शैली का ग्रामीण एवं लोक संस्कृति में विशेष महत्व रहा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से पारंपरिक लोक कलाओं और कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने में भी सहायता मिलेगी।
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एडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को कजरी महोत्सव का आयोजन वृंदावन शोध संस्थान वृंदावन मथुरा द्वारा किया जाएगा। महोत्सव के माध्यम से कजरी गायन की पारंपरिक शैली, लोक संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत को जनसामान्य तक पहुंचाने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कजरी उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संगीत परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सावन-भादों की ऋतु, लोक जीवन, प्रकृति और सामाजिक भावनाओं से जुड़ी कजरी गायन शैली का ग्रामीण एवं लोक संस्कृति में विशेष महत्व रहा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से पारंपरिक लोक कलाओं और कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने में भी सहायता मिलेगी।
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