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खेल-खेल में तीन मासूमों ने खाया ‘जहर’
Moradabad
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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मुरादाबाद। खेल-खेल में तीन मासूमों ने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों को इसका पता तब लगा जब वह कमरे में पहुंचे और तीनों को बेहोश देखा। तत्काल उन्हें स्थानीय डाक्टर के यहां ले जाया गया और फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीनों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
घटना मैनाठेर थाना अंतर्गत मिलकपुर फत्तेपुर गांव में हुई। गुरुवार को किसान अनादिल के पिता स्व. दलेम का चालीसवां था। दूर-दूर से रिश्तेदार आए थे। शनिवार तक सभी अपने घर चले गए। लेकिन डिडौली के मूंढाइम्मा गांव निवासी साढ़ू साजिद पुत्र मतलूब परिवार समेत रुके थे। दोपहर करीब 12 बजे अनादिल की बेटियां जैनब (6 वर्ष) और आमना (5 वर्ष), साढ़ू के बेटे शाजेब (3 वर्ष) के साथ खेल रही थीं। तीनों बच्चे घर के एक कमरे में गए और जब काफी देर तक बाहर नहीं आए तो परिजनों को संदेह हुआ। अंदर पहुंचकर देखा तो तीनों बच्चे बेहोश थे।
इसके बाद परिवारवाले तीनों को लेकर एक डाक्टर के पास गए। डाक्टर ने किसी जहरीला पदार्थ खाने का संदेह जताते हुए जिला अस्पताल भेज दिया। अनादिल ने बताया कि वह घर पर ही थे। जबकि साजिद पड़ोस के एक रिश्तेदार के यहां गए थे। बच्चों ने घर के अंदर कौन सी चीज खाई, पता नहीं। जिला अस्पताल में तीनों बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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परिजनों के यही तीन सहारे
अनादिल के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां ही हैं। वहीं साजिद के घर में भी पत्नी और एक बेटा है। घटना के बाद दोनों महिलाओं की तबीयत भी बिगड़ गई। वह डाक्टर से भी बच्चों को बचाने की गुहार लगाती रहीं।
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तीमारदार को बना दिया कंपाउंडर
बच्चों के अंदर का जहर निकालने के लिए परिजनों को किसी कंपाउंडर की भी मदद नहीं मिली। जिला अस्पताल की इमरजेंसी के डाक्टर तीनों को बिस्तर पर लिटा गए। नाक में पाइप लगा दिए। इसके बाद परिजन खुद ही इंजेक्शन की मदद से पाइप में आ रहा जहर निकालते रहे।
घटना मैनाठेर थाना अंतर्गत मिलकपुर फत्तेपुर गांव में हुई। गुरुवार को किसान अनादिल के पिता स्व. दलेम का चालीसवां था। दूर-दूर से रिश्तेदार आए थे। शनिवार तक सभी अपने घर चले गए। लेकिन डिडौली के मूंढाइम्मा गांव निवासी साढ़ू साजिद पुत्र मतलूब परिवार समेत रुके थे। दोपहर करीब 12 बजे अनादिल की बेटियां जैनब (6 वर्ष) और आमना (5 वर्ष), साढ़ू के बेटे शाजेब (3 वर्ष) के साथ खेल रही थीं। तीनों बच्चे घर के एक कमरे में गए और जब काफी देर तक बाहर नहीं आए तो परिजनों को संदेह हुआ। अंदर पहुंचकर देखा तो तीनों बच्चे बेहोश थे।
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इसके बाद परिवारवाले तीनों को लेकर एक डाक्टर के पास गए। डाक्टर ने किसी जहरीला पदार्थ खाने का संदेह जताते हुए जिला अस्पताल भेज दिया। अनादिल ने बताया कि वह घर पर ही थे। जबकि साजिद पड़ोस के एक रिश्तेदार के यहां गए थे। बच्चों ने घर के अंदर कौन सी चीज खाई, पता नहीं। जिला अस्पताल में तीनों बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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परिजनों के यही तीन सहारे
अनादिल के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां ही हैं। वहीं साजिद के घर में भी पत्नी और एक बेटा है। घटना के बाद दोनों महिलाओं की तबीयत भी बिगड़ गई। वह डाक्टर से भी बच्चों को बचाने की गुहार लगाती रहीं।
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तीमारदार को बना दिया कंपाउंडर
बच्चों के अंदर का जहर निकालने के लिए परिजनों को किसी कंपाउंडर की भी मदद नहीं मिली। जिला अस्पताल की इमरजेंसी के डाक्टर तीनों को बिस्तर पर लिटा गए। नाक में पाइप लगा दिए। इसके बाद परिजन खुद ही इंजेक्शन की मदद से पाइप में आ रहा जहर निकालते रहे।