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रंग बिरंगी रोशनी से नहाया शहर
Moradabad
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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मुरादाबाद। छोटी दिवाली पर शहर रंग बिरंगी रोशनी से नहा गया था। हर घर दुल्हन की तरह सजा। इलेक्ट्रिक झालरें लगाई गईं। फूल मालाएं भी प्रवेश द्वार पर टांगी गईं। मुहल्लों से लेकर शहर के प्रमुख बाजारों तक त्योहारी धूम नजर आई। बधाई देने का सिलसिला भी खूब चला।
बिजली की झालर। चमकती हुई कंडील। मुंडेर पर जलती मोमबत्ती। प्रवेश द्वार पर रखे दीप। छोटी दीपावली से ही हर घर सज गया था। सवेरे से ही अपने घर को सुंदर बनाने की कवायद हो रही थी। बाजार तो किसी दुल्हन की तरह से सजे थे। दिन भर फुल रहने वाला मार्केट देर रात तक गुलजार था। क्योंकि सोमवार को भी दफ्तर खुले थे लिहाजा नौकरी पेशा लोग आफिस से आने के बाद खरीददारी करने पहुंचे। दुकान चाहें कपड़ों की हो या फिर इलेक्ट्रिक आइटमों की। भीड़ सब जगह भारी थी। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहिया वाहनों को भी रोका जा रहा था।
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विशेष मुहूर्त 5-45 से 8-10 तक
मुरादाबाद। ज्योतिषाचार्य सहस्त्रदेव शर्मा के मुताबिक सुबह को 9-40 से 11-1 तक चंचल वेला रहेगी। जबकि पूर्वाहन 11-2 से दोपहर 1-43 तक अमृत वेला है। यह वेला लाभ की मानी जाती है। लिहाजा फैक्ट्री, कारखाने, उद्योग और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में इस समय पूजन किया जाए। दोपहर को 3-4 से 4-24 तक चौघड़िया वेला है। इस वेला में वह सभी पूजन कर सकते हैं जिन्हें पहले समय न मिला हो। शाम को 5-45 से 8-10 तक विशेष मुहूर्त है। जबकि साधकों के लिए रात को 12-25 से देर रात 2-38 तक का समय शुभ है। ज्योतिषाचार्य डा. जगदीश प्रसाद कोठारी के मुताबिक धन धान्य की समृद्धि के लिए भगवती का आह्वान करें। सुगंधित द्रव्य या कमल पुष्प से पूजन करें। अगर कमल पुष्प न मिले तो सुगंधित गुलाब का इस्तेमाल करें। पूजन में सुपारी व कमल गट्टे भी प्रयोग किए जाएं। जो दीपक जलाएं उसमें भी सुगंधित चंदन या फिर कोई दूसरा द्रव्य डाला जा सकता है।
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