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कहां से आ गए शहर में इतने ‘विधायक’
Moradabad
Updated Sun, 28 Oct 2012 12:00 PM IST
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मुरादाबाद। बड़ी गाड़ी...सपा का झंडा और विधायक की नेम प्लेट... यानी मिल गया गुंडई का लाइसेंस। महानगर में अब तक तीन चौराहों पर पुलिस वालों से तूतू-मैं मैं हो चुकी है...सरकारी दफ्तरों में दर्जनों बार हाथापाई की नौबत आई और आम पब्लिक पर कितने जुल्म हो रहे हैं इसकी तो गिनती ही नहीं है। विधायक और सपा के करीबी का चोला ओढ़कर दबंगई दिखा रहे हैं यह गाड़ी वाले। ...कहीं हकीकत में विधायक के करीबी न हों? यह फिक्र पुलिस वालों को भी ‘अदब’ में रहने को मजबूर कर रही है। बड़ा सवाल यह है कि क्या सपाई या सही में विधायक के रिश्तेदार होंगे तो यह सब करने की छूट मिल जाएगी।
कांठ रोड पर विधायक की नेम प्लेट लगी गाड़ी वालों ने सिपाही को पीट दिया, मझोला में गांगन तिराहे पर गाड़ी रोकने पर पुलिस वालों से हाथापाई की...यही नहीं पीलीकोठी चौराहे पर विधायक लिखी गाड़ी वालों ने एक दुकानदार को थप्पड़ जड़ दिया था। कलेक्ट्रेट में तो कोई दिन ही ऐसा बीतता होगा जब एमएलए की प्लेट लगी गाड़ी आकर न रुकती हो। लेकिन विधायक जी इस गाड़ी में कभी नहीं दिखते। एक बार तो विधायक लिखी गाड़ी को संदेह होने पर सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया था तो हल्ला मच गया। अफसरों को हस्तक्षेप करना पड़ा। हाईवे पर एक ट्रक वाले को इस बात की सजा दी गई कि उसने हूटर की आवाज सुनकर साइड क्यों नहीं दी। प्राधिकरण या विकास भवन में भी विधायक लिखी गाड़ियां देखी जा सकती हैं। रेलवे स्टेशन पर तो झंडा लगी गाड़ी हर दिन दिख जाएगी। एक बहुत पुरानी लाल रंग की मारुति कार भी विधायक लिखी प्लेट पर दौड़ रही है। एक काले रंग की जीप पर नंबर प्लेट तो बहुत छोटी लगी है लेकिन बोर्ड लंबा चौड़ा है। हालांकि विधायकों के पास तो बहुत ज्यादा गाड़ियां नहीं फिर इतनी गाड़ियां क्यों दिखती हैं यह पुलिस के लिए भी सिरदर्दी है।
...अब सुनिए क्या कहते हैं विधायक जी...
बिलारी विधायक कहते हैं मेरे पास तो गाड़ी है ही नहीं
बिलारी के विधायक हाजी मोहम्मद इरफान का कहना है कि उनके नाम से तो कोई गाड़ी है ही नहीं। उनके बेटे मुरादाबाद में कारोबार करते हैं और उनके पास दो गाड़ियां हैं। जरूरत पड़ने पर उनका ही इस्तेमाल कर लेता हूं। इनमें भी केवल एक गाड़ी पर प्लेट लगी है। वह कहते भी हैं: गाड़ी किसी और को नहीं दी जाती।
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कांठ विधायक के पास केवल एक बुलेरो
कांठ के विधायक अनीसुर्रहमान सैफी का कहना है कि उनके पास तो एक बुलेरो है। वह भी 2006 मॉडल है। इसके अलावा कोई गाड़ी ही नहीं है। परिवार के दूसरे लोगों पर भी कोई वाहन नहीं। समर्थकों को वाहन लेकर चलने का सवाल ही नहीं।
मेरे पास तो एक हरे रंग की क्वालिस है
शहर विधायक यूसुफ अंसारी का कहना है कि उनके पास तो हरे रंग की एक क्वालिस है। जो 2004 मॉडल की है। इसे सभी लोग पहचानते भी हैं। बाकी किसी गाड़ी को वह इस्तेमाल ही नहीं करते हैं।
विधायक शमीमुलहक के पास तीन गाड़ियां
मुरादाबाद देहात के विधायक शमीमुलहक का कहना है कि उनके पास वैसे तो तीन गाड़ियां हैं लेकिन वह अधिकांश एक का ही इस्तेमाल करते हैं। उसी पर नेम प्लेट भी लगाई हुई है। बाकी किसी पर कोई बोर्ड नहीं है। उन्होंने भी कहा वाहन के दुरुपयोग करने का सवाल ही नहीं।
कांठ रोड पर विधायक की नेम प्लेट लगी गाड़ी वालों ने सिपाही को पीट दिया, मझोला में गांगन तिराहे पर गाड़ी रोकने पर पुलिस वालों से हाथापाई की...यही नहीं पीलीकोठी चौराहे पर विधायक लिखी गाड़ी वालों ने एक दुकानदार को थप्पड़ जड़ दिया था। कलेक्ट्रेट में तो कोई दिन ही ऐसा बीतता होगा जब एमएलए की प्लेट लगी गाड़ी आकर न रुकती हो। लेकिन विधायक जी इस गाड़ी में कभी नहीं दिखते। एक बार तो विधायक लिखी गाड़ी को संदेह होने पर सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया था तो हल्ला मच गया। अफसरों को हस्तक्षेप करना पड़ा। हाईवे पर एक ट्रक वाले को इस बात की सजा दी गई कि उसने हूटर की आवाज सुनकर साइड क्यों नहीं दी। प्राधिकरण या विकास भवन में भी विधायक लिखी गाड़ियां देखी जा सकती हैं। रेलवे स्टेशन पर तो झंडा लगी गाड़ी हर दिन दिख जाएगी। एक बहुत पुरानी लाल रंग की मारुति कार भी विधायक लिखी प्लेट पर दौड़ रही है। एक काले रंग की जीप पर नंबर प्लेट तो बहुत छोटी लगी है लेकिन बोर्ड लंबा चौड़ा है। हालांकि विधायकों के पास तो बहुत ज्यादा गाड़ियां नहीं फिर इतनी गाड़ियां क्यों दिखती हैं यह पुलिस के लिए भी सिरदर्दी है।
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...अब सुनिए क्या कहते हैं विधायक जी...
बिलारी विधायक कहते हैं मेरे पास तो गाड़ी है ही नहीं
बिलारी के विधायक हाजी मोहम्मद इरफान का कहना है कि उनके नाम से तो कोई गाड़ी है ही नहीं। उनके बेटे मुरादाबाद में कारोबार करते हैं और उनके पास दो गाड़ियां हैं। जरूरत पड़ने पर उनका ही इस्तेमाल कर लेता हूं। इनमें भी केवल एक गाड़ी पर प्लेट लगी है। वह कहते भी हैं: गाड़ी किसी और को नहीं दी जाती।
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कांठ विधायक के पास केवल एक बुलेरो
कांठ के विधायक अनीसुर्रहमान सैफी का कहना है कि उनके पास तो एक बुलेरो है। वह भी 2006 मॉडल है। इसके अलावा कोई गाड़ी ही नहीं है। परिवार के दूसरे लोगों पर भी कोई वाहन नहीं। समर्थकों को वाहन लेकर चलने का सवाल ही नहीं।
मेरे पास तो एक हरे रंग की क्वालिस है
शहर विधायक यूसुफ अंसारी का कहना है कि उनके पास तो हरे रंग की एक क्वालिस है। जो 2004 मॉडल की है। इसे सभी लोग पहचानते भी हैं। बाकी किसी गाड़ी को वह इस्तेमाल ही नहीं करते हैं।
विधायक शमीमुलहक के पास तीन गाड़ियां
मुरादाबाद देहात के विधायक शमीमुलहक का कहना है कि उनके पास वैसे तो तीन गाड़ियां हैं लेकिन वह अधिकांश एक का ही इस्तेमाल करते हैं। उसी पर नेम प्लेट भी लगाई हुई है। बाकी किसी पर कोई बोर्ड नहीं है। उन्होंने भी कहा वाहन के दुरुपयोग करने का सवाल ही नहीं।