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संघ ने संभाली कमान
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मुरादाबाद। मुरादाबाद लोकसभा सीट पर मुकाबला रोचक होने के बाद संघ के प्रमुख ओहदेदारों ने भाजपा के अहम पदाधिकारियों को बैठाकर जीत का गणित समझाया है। पार्टी के अंदरूनी कलह खत्म कर सभी नेताओं को चुनाव जिताने पर फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को भाजपा नेताओं के साथ हुई संघ की यह बैठक बेहद अहम थी। इसमें भाजपा के चुनिंदा पदाधिकारियों को ही शामिल होने की अनुमति थी। सूत्रों का कहना है कि संघ ने नेताओं को निर्देश दिया है कि वह अनुसूचित जाति के मतदाताओं के बीच जाकर उन्हें बताएं कि भाजपा सरकार ने उनके लिए कौन - कौन सी योजनाएं लागू की हैं।
दिल्ली रोड पर एक स्कूल में हुई संघ की इस बैठक में लोकसभा संयोजक विनोद अग्रवाल, सह संयोजक मनमोहन सैनी, जिला प्रभारी डीके शर्मा, लोकसभा प्रभारी महेंद्र सिंह धनौरिया, जिलाध्यक्ष हरिओम शर्मा और महानगर अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता को ही बुलाया गया था। सूत्रों का कहना है कि बैठक में लोकसभा सीट पर सपा और कांग्रेस के प्रत्याशी बदले जाने के बाद उपजे हालात पर चर्चा हुई। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक आलोक और प्रांत प्रचारक धनीराम भी मौजूद थे। सूत्रों का कहना है कि संघ नेताओं ने भाजपा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह जनता के बीच जाकर चुनाव में पूरी ताकत झोंक दें। खासकर अनुसूचित जाति के मतदाताओं के बीच जाकर उन्हें केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से अनुसूचित जाति के लिए लागू की गई योजनाओं की जानकारी देने के लिए कहा गया है। दरअसल भाजपा की कोशिश है कि किसी भी तरह अनुसूचित जाति के मतदाताओं का ध्रुवीकरण गठबंधन की ओर से रोका जा सके। बसपा के गठबंधन में शामिल होने की वजह से भाजपा के लिए यह एक बड़ी चुनौती है।
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दिल्ली रोड पर एक स्कूल में हुई संघ की इस बैठक में लोकसभा संयोजक विनोद अग्रवाल, सह संयोजक मनमोहन सैनी, जिला प्रभारी डीके शर्मा, लोकसभा प्रभारी महेंद्र सिंह धनौरिया, जिलाध्यक्ष हरिओम शर्मा और महानगर अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता को ही बुलाया गया था। सूत्रों का कहना है कि बैठक में लोकसभा सीट पर सपा और कांग्रेस के प्रत्याशी बदले जाने के बाद उपजे हालात पर चर्चा हुई। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक आलोक और प्रांत प्रचारक धनीराम भी मौजूद थे। सूत्रों का कहना है कि संघ नेताओं ने भाजपा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह जनता के बीच जाकर चुनाव में पूरी ताकत झोंक दें। खासकर अनुसूचित जाति के मतदाताओं के बीच जाकर उन्हें केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से अनुसूचित जाति के लिए लागू की गई योजनाओं की जानकारी देने के लिए कहा गया है। दरअसल भाजपा की कोशिश है कि किसी भी तरह अनुसूचित जाति के मतदाताओं का ध्रुवीकरण गठबंधन की ओर से रोका जा सके। बसपा के गठबंधन में शामिल होने की वजह से भाजपा के लिए यह एक बड़ी चुनौती है।
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