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किसानों का पीलीकोठी चौराहा पर कब्जा
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मुरादाबाद।
गन्ना बकाया भुगतान समेत अन्य मांगों के समर्थन में शुक्रवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों किसानों ने डीएम कार्यालय घेराव करने के बाद सुनवाई नहीं होने पर पीलीकोठी चौराहा पर कब्जा कर लिया। ट्रैक्टर ट्रालियां बीच सड़क पर खड़ी कर किसान वहीं बैठ गए। इससे पीलीकोठी चौराहा एवं आसपास पूरे इलाके में जाम लग गया। किसानों का आक्रोश देख प्रशासन को आनन-फानन में संबंधित विभागों के अधिकारियों को तलब किया और कलेक्ट्रेट सभागार में किसानों के साथ वार्ता हुई। इसके बाद ही किसान शांत हुए।
गन्ने के बकाया भुगतान और किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर जिले के किसान शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (अरा) के आह्वान पर मुरादाबाद पहुंचे। आंबेडकर पार्क से करीब सवा दो बजे जुलूस की शक्ल में शासन एवं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते कलेक्ट्रेट पहुंचे। सैकड़ों किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। जिलाधिकारी के मौजूद नहीं होने पर किसान अपर जिलाधिकारी प्रशासन के कार्यालय के बाहर ही बैठ गए।
गन्ना, पशुपालन एवं बिजली विभाग के अफसरों को बुलवाने की मांग करने लगे। अपर जिलाधिकारी प्रशासन लक्ष्मी शंकर ने किसानों को शांत करने का प्रयास किया। इससे किसान भड़क गए और तीखी नोकझोंक भी हुई। करीब दो घंटे तक कलेक्ट्रेट कार्यालय घेरने के बाद आक्रोशित किसान पीलीकोठी चौराहे पर आ गए। किसानों ने चौराहा पर बीच सड़क पर ट्रैक्टर ट्रालियां खड़ी कर दी और बैठ गए। इससे मुरादाबाद-हरिद्वार मार्ग समेत पूरा इलाका जाम हो गया। पुलिस फोर्स ने वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला। करीब 20 मिनट तक पीलीकोठी चौराहा जाम होने पर प्रशासन ने आनन फानन में किसानों को वार्ता के लिए बुलाया।
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यूनियन के नेताओं ने किसानों से जुड़े विभागों के अफसर को बुलाने की मांग की। एडीएम प्रशासन ने सभी विभागों को अफसरों को तत्काल बुलवाकर किसानों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में वार्ता की। वार्ता में यूनियन के नेताओं के साथ सभी किसान शामिल हुए। किसानों ने विभागवार अपनी समस्याएं रखी और विभागों ने एक सप्ताह के भीतर निरस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद ही मामला शांत हुआ और किसान वापस लौटे। इस दौरान एडीएम प्रशासन, एडीएम सिटी, एसपी सिटी, सीओ सिविल लाइन, सीओ कटघर, एसीएम द्वितीय, गन्ना उपायुक्त, गन्ना अधिकारी, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता, पशुपालन अधिकारी और यूनियन अध्यक्ष मनोज कुमार, चौधरी ऋषिपाल सिंह, डा. नौसे सिंह, विजेंद्र सिंह यादव, नीटू चौहान, जितेंद्र कुमार आदि रहे।
जाम से वाहनों को रूट डायवर्ट
किसानों के पीलीकोठी चौराहा पर कब्जा करने से यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई। पीलीकोठी चौराहा सबसे व्यस्त इलाका है। इसी इलाके में सर्वाधिक सरकारी कार्यालय हैं। करीब पौने पांच बजे किसान चौराहे पर पहुंच गए। यही टाइम कार्यालयों की छुट्टी का होता है। किसानों के सड़क पर बैठने से कांठ रोड, फव्वारा चौक, कचहरी रोड और सिविल लाइन का यातायात ठप हो गया। पुलिस ने जगह जगह बैरीकेडिंग कर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया।
भाजपाइयों से झड़प
किसानों की भाजपाइयों से नोकझोंक भी हुई। भाजपा कार्यकर्ता कमल बाइक रैली से पीलीकोठी चौराहा से निकल रहे थे। पीलीकोठी चौराहा पर किसानों ने सभी वाहनों की आवाजाही रोक दी। इसी बीच भाजपा के कार्यकर्ता जोर जबर्दस्ती करने लगे। किसानों ने उन्हें रोक लिया और इस बीच उनकी नोक झोंक भी हुई।
गन्ना विभाग के अधिकारियों को फटकार
कलेक्ट्रेट सभागार में वार्ता के लिए बुलाए जाने के बाद भी गन्ना विभाग के अधिकारी काफी देरी से पहुंचे। अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में व्यस्त होने का तर्क दिया। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने गन्ना विभाग के अफसरों को लताड़ लगाते हुए तत्काल वार्ता में पहुंचने के आदेश दिए। इसके बाद ही अधिकारी पहुंचे।
किराए की भीड़ नहीं, जेल जाने से नहीं डरते
कलेक्ट्रेट घेराव और वार्ता के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि उनकी भीड़ किराए की नहीं है। उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो दोबारा सड़कों पर आएंगे और जेल जाने से नहीं डरते। वार्ता में बकायेदार किसानों के बिजली कनेक्शन काटने पर किसानों ने कहा, उनका भी गन्ना विभाग पर बकाया है, वो किसका कनेक्शन काटें।
नहीं दिखेंगे आवारा जानवर
किसानों ने आवारा और जंगली जानवरों से नुकसान का मुद्दा उठाया। एडीएम ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर आवारा जानवर सड़कों पर नहीं दिखेंगे। जंगली जानवरों के किसानों को घायल करने और उनकी फसलों के नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा। हर ब्लाक में गौ आश्रय स्थल निर्माण तेजी से किया जा रहा है। मुरादाबाद में निर्माण कार्य पूरा होने तक गुलाबबाड़ी में वैकल्पिक व्यवस्था कर जानवरों को रखा जा रहा है।
789 गांवों में सुधरेगी बिजली व्यवस्था
किसानों ने ग्रामीण इलाकों में तारें टूटने, खंभे नहीं होने की समस्या उठाई। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि 1200 गांवों में एलटी लाइन से सप्लाई होती है। 789 गांवों में पुरानी तारें और खंभे बदलने का काम किया जा रहा है। 11000 की लाइन भी ठीक कराई जा रही हैं।
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गन्ना बकाया भुगतान समेत अन्य मांगों के समर्थन में शुक्रवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों किसानों ने डीएम कार्यालय घेराव करने के बाद सुनवाई नहीं होने पर पीलीकोठी चौराहा पर कब्जा कर लिया। ट्रैक्टर ट्रालियां बीच सड़क पर खड़ी कर किसान वहीं बैठ गए। इससे पीलीकोठी चौराहा एवं आसपास पूरे इलाके में जाम लग गया। किसानों का आक्रोश देख प्रशासन को आनन-फानन में संबंधित विभागों के अधिकारियों को तलब किया और कलेक्ट्रेट सभागार में किसानों के साथ वार्ता हुई। इसके बाद ही किसान शांत हुए।
गन्ने के बकाया भुगतान और किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर जिले के किसान शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (अरा) के आह्वान पर मुरादाबाद पहुंचे। आंबेडकर पार्क से करीब सवा दो बजे जुलूस की शक्ल में शासन एवं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते कलेक्ट्रेट पहुंचे। सैकड़ों किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। जिलाधिकारी के मौजूद नहीं होने पर किसान अपर जिलाधिकारी प्रशासन के कार्यालय के बाहर ही बैठ गए।
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गन्ना, पशुपालन एवं बिजली विभाग के अफसरों को बुलवाने की मांग करने लगे। अपर जिलाधिकारी प्रशासन लक्ष्मी शंकर ने किसानों को शांत करने का प्रयास किया। इससे किसान भड़क गए और तीखी नोकझोंक भी हुई। करीब दो घंटे तक कलेक्ट्रेट कार्यालय घेरने के बाद आक्रोशित किसान पीलीकोठी चौराहे पर आ गए। किसानों ने चौराहा पर बीच सड़क पर ट्रैक्टर ट्रालियां खड़ी कर दी और बैठ गए। इससे मुरादाबाद-हरिद्वार मार्ग समेत पूरा इलाका जाम हो गया। पुलिस फोर्स ने वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला। करीब 20 मिनट तक पीलीकोठी चौराहा जाम होने पर प्रशासन ने आनन फानन में किसानों को वार्ता के लिए बुलाया।
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यूनियन के नेताओं ने किसानों से जुड़े विभागों के अफसर को बुलाने की मांग की। एडीएम प्रशासन ने सभी विभागों को अफसरों को तत्काल बुलवाकर किसानों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में वार्ता की। वार्ता में यूनियन के नेताओं के साथ सभी किसान शामिल हुए। किसानों ने विभागवार अपनी समस्याएं रखी और विभागों ने एक सप्ताह के भीतर निरस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद ही मामला शांत हुआ और किसान वापस लौटे। इस दौरान एडीएम प्रशासन, एडीएम सिटी, एसपी सिटी, सीओ सिविल लाइन, सीओ कटघर, एसीएम द्वितीय, गन्ना उपायुक्त, गन्ना अधिकारी, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता, पशुपालन अधिकारी और यूनियन अध्यक्ष मनोज कुमार, चौधरी ऋषिपाल सिंह, डा. नौसे सिंह, विजेंद्र सिंह यादव, नीटू चौहान, जितेंद्र कुमार आदि रहे।
जाम से वाहनों को रूट डायवर्ट
किसानों के पीलीकोठी चौराहा पर कब्जा करने से यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई। पीलीकोठी चौराहा सबसे व्यस्त इलाका है। इसी इलाके में सर्वाधिक सरकारी कार्यालय हैं। करीब पौने पांच बजे किसान चौराहे पर पहुंच गए। यही टाइम कार्यालयों की छुट्टी का होता है। किसानों के सड़क पर बैठने से कांठ रोड, फव्वारा चौक, कचहरी रोड और सिविल लाइन का यातायात ठप हो गया। पुलिस ने जगह जगह बैरीकेडिंग कर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया।
भाजपाइयों से झड़प
किसानों की भाजपाइयों से नोकझोंक भी हुई। भाजपा कार्यकर्ता कमल बाइक रैली से पीलीकोठी चौराहा से निकल रहे थे। पीलीकोठी चौराहा पर किसानों ने सभी वाहनों की आवाजाही रोक दी। इसी बीच भाजपा के कार्यकर्ता जोर जबर्दस्ती करने लगे। किसानों ने उन्हें रोक लिया और इस बीच उनकी नोक झोंक भी हुई।
गन्ना विभाग के अधिकारियों को फटकार
कलेक्ट्रेट सभागार में वार्ता के लिए बुलाए जाने के बाद भी गन्ना विभाग के अधिकारी काफी देरी से पहुंचे। अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में व्यस्त होने का तर्क दिया। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने गन्ना विभाग के अफसरों को लताड़ लगाते हुए तत्काल वार्ता में पहुंचने के आदेश दिए। इसके बाद ही अधिकारी पहुंचे।
किराए की भीड़ नहीं, जेल जाने से नहीं डरते
कलेक्ट्रेट घेराव और वार्ता के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि उनकी भीड़ किराए की नहीं है। उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो दोबारा सड़कों पर आएंगे और जेल जाने से नहीं डरते। वार्ता में बकायेदार किसानों के बिजली कनेक्शन काटने पर किसानों ने कहा, उनका भी गन्ना विभाग पर बकाया है, वो किसका कनेक्शन काटें।
नहीं दिखेंगे आवारा जानवर
किसानों ने आवारा और जंगली जानवरों से नुकसान का मुद्दा उठाया। एडीएम ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर आवारा जानवर सड़कों पर नहीं दिखेंगे। जंगली जानवरों के किसानों को घायल करने और उनकी फसलों के नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा। हर ब्लाक में गौ आश्रय स्थल निर्माण तेजी से किया जा रहा है। मुरादाबाद में निर्माण कार्य पूरा होने तक गुलाबबाड़ी में वैकल्पिक व्यवस्था कर जानवरों को रखा जा रहा है।
789 गांवों में सुधरेगी बिजली व्यवस्था
किसानों ने ग्रामीण इलाकों में तारें टूटने, खंभे नहीं होने की समस्या उठाई। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि 1200 गांवों में एलटी लाइन से सप्लाई होती है। 789 गांवों में पुरानी तारें और खंभे बदलने का काम किया जा रहा है। 11000 की लाइन भी ठीक कराई जा रही हैं।