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Moradabad News: 80 फीसदी काम पूरा, जून में पीतल कारीगरों को मिलेगी सुविधा
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मुरादाबाद। स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के लाकड़ी रोड पर करीब 24.10 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन ब्रास फर्नेस फैसिलिटी सेंटर बनाया जा रहा है। इसका भवन बन कर लगभग तैयार हो गया है। उसमें फिनिशिंग का काम किया जा रहा है। मई में इसमें पीएनजी भट्टियां स्थापित कर दी जाएंगी। स्मार्ट सिटी का दावा है कि जून में शहर के पीतलकारोबारी यहां आकर काफी रियायत दर पर विभिन्न प्रकार के धातु को गलाने से लेकर उसे ढालने तक की सुविधा का लाभ ले सकेंगे। सेंटर पर फिनिशिंग से लेकर मार्केटिंग तक की व्यवस्था रहेगी।
दुनिया में पीतल नगरी के नाम से विख्यात शहर के मोहल्ला बरबलान, दौलतबाग, नवाबपुरा, मोहल्ला हाथी वाला मंदिर आदि में करीब 5000 ऐसे परिवार रहते हैं जो कोयले की भट्टी में पीतल गलाकर उसे आकार देने का काम करते हैं। इन लोगों के घर ऐसे हैं जिनमें नीचे कारखाना और ऊपर उनका परिवार रहता है। इन भट्टियों से निकलने वाले धुएं से पीतल कारीगरों के साथ-साथ उनका परिवार भी धुएं की घुटन का शिकार होता है। साथ ही पर्यावरण प्रदूषण को भी यह धुआं बढ़ाता है।
चार क्षमता की लगेंगी 20 भट्टियां
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि 24.11 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस कॉमन ब्रास फर्नेस सेंटर में चार अलग-अलग क्षमताओं की 20 भट्टियां लगाई जा रही हैं। जिनमें 15 किलोग्राम की आठ, 50 किलोग्राम की छह, 100 किलोग्राम की चार तथा 300 किलोग्राम की दो भट्टियां स्थापित की जाएंगी। कारोबारी अपने काम के हिसाब से इन भट्टियों पर काम कर सकेंगे। विभिन्न धातुएं अलग-अलग तापमान में गलती है। भट्टियों में यह व्यवस्था रहेगी कि जो धातु जिस तापमान पर गलती है उसे रेगुलेटर से उसी तापमान पर सेट कर गलाया जा सकेगा।
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दुनिया में पीतल नगरी के नाम से विख्यात शहर के मोहल्ला बरबलान, दौलतबाग, नवाबपुरा, मोहल्ला हाथी वाला मंदिर आदि में करीब 5000 ऐसे परिवार रहते हैं जो कोयले की भट्टी में पीतल गलाकर उसे आकार देने का काम करते हैं। इन लोगों के घर ऐसे हैं जिनमें नीचे कारखाना और ऊपर उनका परिवार रहता है। इन भट्टियों से निकलने वाले धुएं से पीतल कारीगरों के साथ-साथ उनका परिवार भी धुएं की घुटन का शिकार होता है। साथ ही पर्यावरण प्रदूषण को भी यह धुआं बढ़ाता है।
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चार क्षमता की लगेंगी 20 भट्टियां
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि 24.11 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस कॉमन ब्रास फर्नेस सेंटर में चार अलग-अलग क्षमताओं की 20 भट्टियां लगाई जा रही हैं। जिनमें 15 किलोग्राम की आठ, 50 किलोग्राम की छह, 100 किलोग्राम की चार तथा 300 किलोग्राम की दो भट्टियां स्थापित की जाएंगी। कारोबारी अपने काम के हिसाब से इन भट्टियों पर काम कर सकेंगे। विभिन्न धातुएं अलग-अलग तापमान में गलती है। भट्टियों में यह व्यवस्था रहेगी कि जो धातु जिस तापमान पर गलती है उसे रेगुलेटर से उसी तापमान पर सेट कर गलाया जा सकेगा।
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