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शावकों के साथ शहर में तेंदुआ
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मुरादाबाद।
देहात क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ मुरादाबाद शहर के आबादी क्षेत्र शाहपुर तिगरी में भी पहुंच गया। शाहपुर तिगरी क्षेत्र में पिछले दो दिनों से तेंदुआ और उसके शावकों के पैरों के पंजों के निशान देखे गए हैं। इससे लोगों में दहशत बनी है। लोगों की सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
शाहपुर तिगरी निवासी अरविंद वर्मा के मुताबिक गोपिका जैविक कृषि एवं गौशाला एवं आसपास खेतों में तेंदुआ के पंजों के कई निशान हैं। पंजों के निशान शुक्रवार सुबह पहली बार राकेश और खेत स्वामी शंकर सैनी ने देखे। उन्होंने इसकी जानकारी गौशाला स्वामी हरवंश और अन्य लोगों को दी। गौशाला में अभी मवेशी नहीं हैं। उसका निर्माण कार्य हाल में ही पूरा हुआ है। अरविंद वर्मा ने बताया कि तेंदुआ और उसके सावक के पंजों के निशान देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। लोेगों ने शुक्रवार को ही वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। अरविंद वर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह भी गौशाला एवं आसपास खेतों में कई जगहों पर दोबारा से तेंदुआ और उसके शावक के निशान देखे गए हैं। इससे लोगों में दहशत बनी है।
आसपास के लोगों ने तेंदुओं के पंजों के निशान की फोटो खींचकर वन विभाग के अधिकारियों के अलावा सोशल मीडिया पर वायरल की। तेंदुआ की दहशत से शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। लोगों ने मार्निंग वॉक बंद कर दिया है। शंकर सैनी ने बताया कि जिस जगह पर तेंदुआ के पंजों के निशान हैं उसके एक तरफ आबादी है और दूसरी तरफ जंगल है। इलाका जंगल से सटा होने के कारण अक्सर जंगली जानवर आबादी में घुस आते हैं। लेकिन तेंदुआ के पंजों के निशान पहली बार देखे गए हैं।
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- शाहपुर तिगरी में तेंदुआ के पंजों के निशान मिलने की कोई जानकारी नहीं है। एहतियातन वन विभाग की टीम को भेजकर पंजों के निशान लिए जाएंगे। - कन्हैया पटेल, डीएफओ
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देहात क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ मुरादाबाद शहर के आबादी क्षेत्र शाहपुर तिगरी में भी पहुंच गया। शाहपुर तिगरी क्षेत्र में पिछले दो दिनों से तेंदुआ और उसके शावकों के पैरों के पंजों के निशान देखे गए हैं। इससे लोगों में दहशत बनी है। लोगों की सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
शाहपुर तिगरी निवासी अरविंद वर्मा के मुताबिक गोपिका जैविक कृषि एवं गौशाला एवं आसपास खेतों में तेंदुआ के पंजों के कई निशान हैं। पंजों के निशान शुक्रवार सुबह पहली बार राकेश और खेत स्वामी शंकर सैनी ने देखे। उन्होंने इसकी जानकारी गौशाला स्वामी हरवंश और अन्य लोगों को दी। गौशाला में अभी मवेशी नहीं हैं। उसका निर्माण कार्य हाल में ही पूरा हुआ है। अरविंद वर्मा ने बताया कि तेंदुआ और उसके सावक के पंजों के निशान देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। लोेगों ने शुक्रवार को ही वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। अरविंद वर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह भी गौशाला एवं आसपास खेतों में कई जगहों पर दोबारा से तेंदुआ और उसके शावक के निशान देखे गए हैं। इससे लोगों में दहशत बनी है।
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आसपास के लोगों ने तेंदुओं के पंजों के निशान की फोटो खींचकर वन विभाग के अधिकारियों के अलावा सोशल मीडिया पर वायरल की। तेंदुआ की दहशत से शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। लोगों ने मार्निंग वॉक बंद कर दिया है। शंकर सैनी ने बताया कि जिस जगह पर तेंदुआ के पंजों के निशान हैं उसके एक तरफ आबादी है और दूसरी तरफ जंगल है। इलाका जंगल से सटा होने के कारण अक्सर जंगली जानवर आबादी में घुस आते हैं। लेकिन तेंदुआ के पंजों के निशान पहली बार देखे गए हैं।
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- शाहपुर तिगरी में तेंदुआ के पंजों के निशान मिलने की कोई जानकारी नहीं है। एहतियातन वन विभाग की टीम को भेजकर पंजों के निशान लिए जाएंगे। - कन्हैया पटेल, डीएफओ