नागरिकता कानून: बवाल में शामिल 55 और उपद्रवियों की हुई पहचान, गैर जमानती वारंट जारी
नए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पथराव, फायरिंग और आगजनी करने के मामले में अज्ञात उपद्रवियों में से अब तक 55 की शिनाख्त कर ली है। जबकि 55 बवालियों को नामजद किया गया था। इनमें से 25 के खिलाफ गैर जमानती वारंट हुए हैं। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली।
20 दिसंबर को नए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में अमरोहा में हिंसा हुई थी। बवाल के बाद पुलिस ने अलग-अलग पांच मुकदमे दर्ज किए। जिसमें 55 नामजद और 2000 से अधिक अज्ञात बवालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने शहर भर में अज्ञात बवालियों के फोटो चस्पा कर पहचान कराने वाले को एक हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की थी। जिसके बाद एक-एक कर 55 अज्ञात उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है। इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि अब तक करीब 55 उपद्रवियों की पहचान हो गई है जबकि अन्य की पहचान कराई जा रही है।
इधर, रामपुर में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान बवाल करने वालों की शिनाख्त में प्रशासन पूरी तरह से जुट गया है। आरोपियों के फोटो के प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग्स बोर्ड लगाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है फोटो वालों की पहचान कराएं। उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। वहीं, जिलाधिकारी ने भी दो टूक शब्दों में कह दिया है कि निर्दोषों को छुआ नहीं जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
21 दिसंबर को हुए बवाल के बाद पुलिस की ओर से तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिसमें हजारों अज्ञात शामिल हैं। अब पुलिस प्रशासन की ओर से आरोपियों की तलाश में पूरी ताकत झोंक दी गई है। सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटो आदि के जरिए लोगों की शिनाख्त की जा रही है। इसके लिए प्रशासन की ओर से पुलिस विभाग के साथ ही अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को भी लगाया गया है। सभी को अलग अलग फोटो दिए हैं, जिसके जरिए लोगों की पहचान कराई जाए।
बड़े-बड़े होर्डिंग्स बोर्ड भी लगाए
इसके साथ ही प्रशासन की ओर से बड़े-बड़े होर्डिंग्स बोर्ड आदि भी लगवाए जा रहे हैं, जो शहर में प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे इन फोटो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान कराएं, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। इसमें लोगों को यह भी भरोसा दिलाया जा रहा है कि उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में तीन मुकदमें दर्ज किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों के कुछ राजनीतिक संबंध हैं। इन प्रदर्शनकारियों को पहले से ही बरगला दिया गया था। ऐसे में प्रदर्शनकारियों की शिनाख्त के लिए शहर के चारों ओर पोस्टर, होर्डिंग्स आदि लगाए जा रहे हैं। ताकि, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।