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सात साल बाद 53 मिनट छोटा हो गया सबसे लंबा रोजा
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मुरादाबाद। माह-ए-रमजान के सबसे लंबे रोजे की अवधि घटने लगी है। ये कमी साल दर साल हो रही है। पिछले सात वर्र्षों में रमजान का सबसे लंबा रोजा 53 मिनट छोटा हो गया है। इस बार मुकद्दस रमजान का सबसे लंबा रोजा 14 घंटे 52 मिनट (892 मिनट) होगा, जबकि वर्ष 2015 में सबसे लंबा रोजा 945 मिनट का था। ये कमी महीनों के चलते आई है। फिलहाल रोजेदारों को माह-ए-रमजान का बेसब्री से इंतजार है।
अगर चांद का दीदार तयशुदा तारीख में हुआ तो तीन अप्रैल से माह-ए-रमजान का आगाज हो जाएगा। इसके बाद मस्जिदों और घरों में इबादत का दौर शुरू हो जाएगा। इस पाक महीने में मुसलमान तीस दिन तक रोजा रखते हैं। खुदा की इबादत करते हैं। हर रोजे की अवधि तय होती है। इस दौरान रोजदार भूखे प्यासे रखकर खुदा की इबादत करता है। हर रमजान में अवधि के हिसाब से एक रोजा सबसे लंबा होता है। पिछले सात वर्षों में सबसे लंबा रोजा वर्ष 2015 में पड़ा था। इस रोजे की अवधि 945 मिनट थी। इस बार लंबे रोजे की अवधि 892 मिनट की होगी। जो सात वर्षों में सबसे लंबे रोजे की अवधि में 53 मिनट की कमी है। वहीं माह-ए-रमजान के इस्तकबाल के लिए मुस्लिम इलाकों में जोरशोर से तैयारियां चल रही हैं।
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अगर चांद का दीदार तयशुदा तारीख में हुआ तो तीन अप्रैल से माह-ए-रमजान का आगाज हो जाएगा। इसके बाद मस्जिदों और घरों में इबादत का दौर शुरू हो जाएगा। इस पाक महीने में मुसलमान तीस दिन तक रोजा रखते हैं। खुदा की इबादत करते हैं। हर रोजे की अवधि तय होती है। इस दौरान रोजदार भूखे प्यासे रखकर खुदा की इबादत करता है। हर रमजान में अवधि के हिसाब से एक रोजा सबसे लंबा होता है। पिछले सात वर्षों में सबसे लंबा रोजा वर्ष 2015 में पड़ा था। इस रोजे की अवधि 945 मिनट थी। इस बार लंबे रोजे की अवधि 892 मिनट की होगी। जो सात वर्षों में सबसे लंबे रोजे की अवधि में 53 मिनट की कमी है। वहीं माह-ए-रमजान के इस्तकबाल के लिए मुस्लिम इलाकों में जोरशोर से तैयारियां चल रही हैं।
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